News (खबरीलाल न्यूज़) : Tiger Shroff Firing Case: कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन आरोपी, मुंबई पुलिस 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लाई:

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मुंबई/कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते हुए मुंबई से गुजरात और फिर राजस्थान पहुंचे थे। कई राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंचा जा सका।

मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रौशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए करीब 20 विशेष टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत भी कार्रवाई की गई है।

फायरिंग के बाद बाइक, लोकल ट्रेन और कैब से भागे आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम करीब 7 बजे फायरिंग की घटना हुई थी। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर विले पार्ले और अंधेरी होते हुए एसवी रोड की तरफ भागे। उन्होंने अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और लोकल ट्रेन से बोरीवली पहुंचे।

इसके बाद आरोपियों ने गुजरात के सूरत जाने के लिए ऐप आधारित कैब बुक की। पुलिस के मुताबिक, कैब की बुकिंग आरोपी ऋतिक कुमार ने की थी। सूरत पहुंचने के बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार होकर राजस्थान की ओर रवाना हो गए।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी जांच के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाया। इसके बाद संबंधित ट्रेन की जानकारी राजस्थान पुलिस के साथ साझा की गई। सूचना के आधार पर कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी?

मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेहान, ऋतिक कुमार और फूल सिंह के रूप में हुई है। इनमें दो आरोपी हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एक आरोपी की उम्र 18 वर्ष, जबकि अन्य दो की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। पुलिस फूल सिंह और रेहान की कथित शूटर के रूप में भूमिका की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का यह भी पता लगाने का प्रयास है कि वारदात से पहले आरोपियों ने किस तरह योजना बनाई और उन्हें अभिनेता की लोकेशन की जानकारी कहां से मिली।

48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाए जा रहे आरोपी

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को कोटा में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने मुंबई पुलिस को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी है। इसके बाद आरोपियों को आगे की पूछताछ और जांच के लिए मुंबई ले जाया जा रहा है।

डीसीपी राजतिलक रौशन ने आरोपियों की गिरफ्तारी में दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में मदद मिली।

सितंबर में खरीदी गई थी वारदात में इस्तेमाल बाइक

पुलिस ने मामले में इस्तेमाल की गई कथित मोटरसाइकिल की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। जांच के अनुसार, ऋतिक कुमार ने यह बाइक 11 सितंबर को खरीदी थी। पुलिस वाहन के स्वामित्व और उसके ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बाइक की व्यवस्था करने में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है।

दो हथियारों से 5 से 6 राउंड फायरिंग का दावा

क्राइम ब्रांच के अनुसार, घटना के दौरान



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मुंबई/कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते हुए मुंबई से गुजरात और फिर राजस्थान पहुंचे थे। कई राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंचा जा सका।

मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रौशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए करीब 20 विशेष टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत भी कार्रवाई की गई है।

फायरिंग के बाद बाइक, लोकल ट्रेन और कैब से भागे आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम करीब 7 बजे फायरिंग की घटना हुई थी। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर विले पार्ले और अंधेरी होते हुए एसवी रोड की तरफ भागे। उन्होंने अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और लोकल ट्रेन से बोरीवली पहुंचे।

इसके बाद आरोपियों ने गुजरात के सूरत जाने के लिए ऐप आधारित कैब बुक की। पुलिस के मुताबिक, कैब की बुकिंग आरोपी ऋतिक कुमार ने की थी। सूरत पहुंचने के बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार होकर राजस्थान की ओर रवाना हो गए।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी जांच के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाया। इसके बाद संबंधित ट्रेन की जानकारी राजस्थान पुलिस के साथ साझा की गई। सूचना के आधार पर कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी?

मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेहान, ऋतिक कुमार और फूल सिंह के रूप में हुई है। इनमें दो आरोपी हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एक आरोपी की उम्र 18 वर्ष, जबकि अन्य दो की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। पुलिस फूल सिंह और रेहान की कथित शूटर के रूप में भूमिका की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का यह भी पता लगाने का प्रयास है कि वारदात से पहले आरोपियों ने किस तरह योजना बनाई और उन्हें अभिनेता की लोकेशन की जानकारी कहां से मिली।

48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाए जा रहे आरोपी

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को कोटा में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने मुंबई पुलिस को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी है। इसके बाद आरोपियों को आगे की पूछताछ और जांच के लिए मुंबई ले जाया जा रहा है।

डीसीपी राजतिलक रौशन ने आरोपियों की गिरफ्तारी में दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में मदद मिली।

सितंबर में खरीदी गई थी वारदात में इस्तेमाल बाइक

पुलिस ने मामले में इस्तेमाल की गई कथित मोटरसाइकिल की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। जांच के अनुसार, ऋतिक कुमार ने यह बाइक 11 सितंबर को खरीदी थी। पुलिस वाहन के स्वामित्व और उसके ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बाइक की व्यवस्था करने में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है।

दो हथियारों से 5 से 6 राउंड फायरिंग का दावा

क्राइम ब्रांच के अनुसार, घटना के दौरान


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