CG (खबरीलाल न्यूज़) : दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर दुर्ग पुलिस अलर्ट, 706 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था; 766 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी:

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दुर्ग। दशहरा पर्व, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। 20 और 21 अक्टूबर 2026 को होने वाले आयोजनों को देखते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा योजना के तहत दशहरा के 174 आयोजन स्थलों और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के 532 स्थलों सहित कुल 706 स्थलों पर व्यवस्था निर्धारित की गई है।

पुलिस द्वारा जारी ड्यूटी चार्ट में जिला स्तर, थाना स्तर, रक्षित केंद्र और यातायात शाखा सहित कुल 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का बल दर्शाया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

दो सेक्टरों में बांटा गया जिला

सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले को दो सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सेक्टर-A में दुर्ग एवं धमधा अनुविभाग को शामिल किया गया है, जबकि सेक्टर-B में भिलाई एवं पाटन अनुविभाग के क्षेत्रों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

सेक्टर-A के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा हैं। वहीं, सेक्टर-B की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल को सौंपी गई है। संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

174 स्थानों पर दशहरा और रावण दहन के आयोजन

जिले में दशहरा पर्व के तहत 174 स्थानों पर आयोजन प्रस्तावित हैं। इन स्थलों पर कार्यक्रम की प्रकृति और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुलिस बल तैनात रहेगा। रावण दहन के दौरान भीड़ नियंत्रण, आयोजन स्थलों की निगरानी और आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर, पुलगांव, धमधा सहित विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

532 विसर्जन स्थलों पर रहेगी पुलिस की निगरानी

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जिले में 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की गई है। विसर्जन स्थलों के साथ उनसे जुड़े मार्गों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और आवश्यकता के अनुसार यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी।

भिलाई नगर, सुपेला, नेवई, स्मृतिनगर, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, कुम्हारी और पाटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधित थाना प्रभारी व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

यातायात और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

त्योहार के दौरान प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को तीन जोन में विभाजित किया गया है। यातायात शाखा के ड्यूटी चार्ट में 103 का बल दर्शाया गया है। यातायात पुलिस आवश्यकतानुसार वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और मार्गों को सुचारू बनाए रखने का काम करेगी।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला रक्षा टीम की तैनाती की गई है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी रखी जाएगी और किसी भी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आपातकालीन स्थिति से निपटने की भी तैयारी

सुरक्षा योजना के तहत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ आपदा प्रबंधन और अग्निशमन दल की व्यवस्था भी की गई है। आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमों को भी व्यवस्था में शामिल किया गया है। पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के जरिए जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की सहयोग की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा है।

साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, आगजनी या आपातकालीन स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

नोट: पुलिस ड्यूटी चार्ट में कुल बल 766 दर्शाया गया है, लेकिन अलग-अलग श्रेणियों में दिए गए आंकड़ों का योग 766 से मेल नहीं खाता। प्रकाशन से पहले आधिकारिक आंकड़ों का सत्यापन आवश्यक है।



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दुर्ग। दशहरा पर्व, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। 20 और 21 अक्टूबर 2026 को होने वाले आयोजनों को देखते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा योजना के तहत दशहरा के 174 आयोजन स्थलों और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के 532 स्थलों सहित कुल 706 स्थलों पर व्यवस्था निर्धारित की गई है।

पुलिस द्वारा जारी ड्यूटी चार्ट में जिला स्तर, थाना स्तर, रक्षित केंद्र और यातायात शाखा सहित कुल 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का बल दर्शाया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

दो सेक्टरों में बांटा गया जिला

सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले को दो सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सेक्टर-A में दुर्ग एवं धमधा अनुविभाग को शामिल किया गया है, जबकि सेक्टर-B में भिलाई एवं पाटन अनुविभाग के क्षेत्रों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

सेक्टर-A के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा हैं। वहीं, सेक्टर-B की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल को सौंपी गई है। संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

174 स्थानों पर दशहरा और रावण दहन के आयोजन

जिले में दशहरा पर्व के तहत 174 स्थानों पर आयोजन प्रस्तावित हैं। इन स्थलों पर कार्यक्रम की प्रकृति और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुलिस बल तैनात रहेगा। रावण दहन के दौरान भीड़ नियंत्रण, आयोजन स्थलों की निगरानी और आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर, पुलगांव, धमधा सहित विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

532 विसर्जन स्थलों पर रहेगी पुलिस की निगरानी

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जिले में 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की गई है। विसर्जन स्थलों के साथ उनसे जुड़े मार्गों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और आवश्यकता के अनुसार यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी।

भिलाई नगर, सुपेला, नेवई, स्मृतिनगर, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, कुम्हारी और पाटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधित थाना प्रभारी व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

यातायात और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

त्योहार के दौरान प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को तीन जोन में विभाजित किया गया है। यातायात शाखा के ड्यूटी चार्ट में 103 का बल दर्शाया गया है। यातायात पुलिस आवश्यकतानुसार वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और मार्गों को सुचारू बनाए रखने का काम करेगी।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला रक्षा टीम की तैनाती की गई है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी रखी जाएगी और किसी भी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आपातकालीन स्थिति से निपटने की भी तैयारी

सुरक्षा योजना के तहत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ आपदा प्रबंधन और अग्निशमन दल की व्यवस्था भी की गई है। आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमों को भी व्यवस्था में शामिल किया गया है। पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के जरिए जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की सहयोग की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा है।

साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, आगजनी या आपातकालीन स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

नोट: पुलिस ड्यूटी चार्ट में कुल बल 766 दर्शाया गया है, लेकिन अलग-अलग श्रेणियों में दिए गए आंकड़ों का योग 766 से मेल नहीं खाता। प्रकाशन से पहले आधिकारिक आंकड़ों का सत्यापन आवश्यक है।


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