प्रभु श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग, सेवा और मर्यादा की प्रेरणा देता है। श्री रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से साकार हो रहे वरिष्ठजनों के सपने। प्रदेश में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प।
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आदर्श है। उनका जीवन हमें संघर्ष, त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम ने राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद अनेक कठिनाइयों का सामना किया और 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों से विचलित हुए बिना समाज और मानवता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। वित्त मंत्री चौधरी रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 861 तथा शहरी क्षेत्रों के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान श्रीराम का प्रदेश से गहरा सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध है। छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को स्नेहपूर्वक भांचा राम कहा जाता है। यहां भांचा के प्रति विशेष आदर और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। उनके जीवन में मर्यादा, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर हम समाज में सेवा, सद्भाव और सकारात्मकता की भावना को और मजबूत कर सकते हैं।
वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में कम से कम एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और कर्तव्यबोध से परिचित कराने के साथ हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रभु श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग, सेवा और मर्यादा की प्रेरणा देता है। श्री रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से साकार हो रहे वरिष्ठजनों के सपने। प्रदेश में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प।
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आदर्श है। उनका जीवन हमें संघर्ष, त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम ने राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद अनेक कठिनाइयों का सामना किया और 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों से विचलित हुए बिना समाज और मानवता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। वित्त मंत्री चौधरी रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 861 तथा शहरी क्षेत्रों के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान श्रीराम का प्रदेश से गहरा सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध है। छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को स्नेहपूर्वक भांचा राम कहा जाता है। यहां भांचा के प्रति विशेष आदर और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। उनके जीवन में मर्यादा, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर हम समाज में सेवा, सद्भाव और सकारात्मकता की भावना को और मजबूत कर सकते हैं।
वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में कम से कम एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और कर्तव्यबोध से परिचित कराने के साथ हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


Journalist खबरीलाल











