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सुप्रीम कोर्ट में डेढ़ साल बाद फिर शुरू हुई फिजिकल हियरिंग सुनवाई, वकीलों ने फैसले का किया स्वागत:

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देश में कोरोना के मामलों में स्थिरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट
(Supreme court) ने एक बार फिर सुनवाई के लिए फिजिकल हियरिंग ( Physical
Hearing) की शुरुआत कर दी है. दरअसल कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के
कारण मार्च 2020 से ही सुप्रीम कोर्ट वीडियो एप के जरिए सुनवाई कर रहा था
और सभी वकील इसी के जरिए सुनवाई की प्रक्रिया देख रहे थे. हालांकि अब एक
बार फिर आज से सभी मामलों की भौतिक सुनवाई शुरू हो गई है. वहीं मुख्य
न्यायाधीश एनवी रमन्ना (NV Ramana) के इस फैसले पर वकीलों ने खुशी जाहिर की
है. चीफ जस्टिस (CJI) रमन्ना ने कहा है कि दिवाली के बाद बड़े स्तर पर
फिजिकल सुनवाई की शुरुआत हो जाएगी.



सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए
मुख्य न्यायाधीश से सुनवाई के लिए फिजिकल तरीके से हियरिंग पर लौटने का
आग्रह किया था. दूसरी ओर कल ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, कपिल सिब्बल,
मुकुल रोहतगी, एएम सिंघवी सहित वरिष्ठ वकीलों के एक समूह ने पीठ के समक्ष
कोरोना के मुद्दे का उल्लेख किया और कहा कि SOP में अनिवार्य भौतिक सुनवाई
होने से कई कठिनाइयां पैदा होंगी, इसलिए ‘हाइब्रिड मोड’ कि अनुमति दी जाए.
पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और हिमा कोहली भी शामिल थे.



देश में कोरोना के मामलों में स्थिरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट
(Supreme court) ने एक बार फिर सुनवाई के लिए फिजिकल हियरिंग ( Physical
Hearing) की शुरुआत कर दी है. दरअसल कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के
कारण मार्च 2020 से ही सुप्रीम कोर्ट वीडियो एप के जरिए सुनवाई कर रहा था
और सभी वकील इसी के जरिए सुनवाई की प्रक्रिया देख रहे थे. हालांकि अब एक
बार फिर आज से सभी मामलों की भौतिक सुनवाई शुरू हो गई है. वहीं मुख्य
न्यायाधीश एनवी रमन्ना (NV Ramana) के इस फैसले पर वकीलों ने खुशी जाहिर की
है. चीफ जस्टिस (CJI) रमन्ना ने कहा है कि दिवाली के बाद बड़े स्तर पर
फिजिकल सुनवाई की शुरुआत हो जाएगी.



सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए
मुख्य न्यायाधीश से सुनवाई के लिए फिजिकल तरीके से हियरिंग पर लौटने का
आग्रह किया था. दूसरी ओर कल ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, कपिल सिब्बल,
मुकुल रोहतगी, एएम सिंघवी सहित वरिष्ठ वकीलों के एक समूह ने पीठ के समक्ष
कोरोना के मुद्दे का उल्लेख किया और कहा कि SOP में अनिवार्य भौतिक सुनवाई
होने से कई कठिनाइयां पैदा होंगी, इसलिए ‘हाइब्रिड मोड’ कि अनुमति दी जाए.
पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और हिमा कोहली भी शामिल थे.



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