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News Raipur :: कवासी लखमा ने कहा - नोटबंदी की तरह अचानक नहीं होगी, आदिवासी क्षेत्रों को भी देखना होगा:

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छत्तीसगढ़ की सत्ता में आई कांग्रेस शराब पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। जबकि विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था। अब वाणिज्य, उद्योग और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने नया तर्क दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा, यहां नोटबंदी की तरह अचानक शराबबंदी नहीं होगी, इसलिए देर हो रही है।

“मंत्री से मिलिए’ कार्यक्रम के लिए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन पहुंचे मंत्री कवासी लखमा से शराबबंदी के वादे पर सवाल हुए। कवासी लखमा ने कहा, बस्तर-सरगुजा में आदिवासी हैं। वे पूजा-पाठ में शराब का उपयोग करते हैं। शराबबंदी का मामला आदिवासी क्षेत्र में कैसे करना है यह भी देखना होगा, इसलिए सरकार ने वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। इसमें विधायक दल के लोग भी हैं। सामाजिक संगठनों की भी बारी-बारी से मीटिंग हो रही है। उनसे जो सुझाव आएगा उसके आधार पर शराबबंदी होगी। नोटबंदी की तरह तुरंत नशाबंदी नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ चार राज्यों से घिरा हुआ है। ये तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश हैं। आबकारी मंत्री ने कहा, यहां किसान, मजदूर कई तरह के लोग रहते हैं। सरकार कोशिश कर रही है कि शराब बंद होने से किसको किस प्रकार का नुकसान होगा, उसका अनुमान लगा लिया जाए। इसको बस्तर में कैसे करना है, सरगुजा में कैसे करना है। उन्होंने कहा, पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में पंचायत अनुमति देती है या नहीं इसको भी देखना होगा।


छत्तीसगढ़ की सत्ता में आई कांग्रेस शराब पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। जबकि विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था। अब वाणिज्य, उद्योग और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने नया तर्क दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा, यहां नोटबंदी की तरह अचानक शराबबंदी नहीं होगी, इसलिए देर हो रही है।

“मंत्री से मिलिए’ कार्यक्रम के लिए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन पहुंचे मंत्री कवासी लखमा से शराबबंदी के वादे पर सवाल हुए। कवासी लखमा ने कहा, बस्तर-सरगुजा में आदिवासी हैं। वे पूजा-पाठ में शराब का उपयोग करते हैं। शराबबंदी का मामला आदिवासी क्षेत्र में कैसे करना है यह भी देखना होगा, इसलिए सरकार ने वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। इसमें विधायक दल के लोग भी हैं। सामाजिक संगठनों की भी बारी-बारी से मीटिंग हो रही है। उनसे जो सुझाव आएगा उसके आधार पर शराबबंदी होगी। नोटबंदी की तरह तुरंत नशाबंदी नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ चार राज्यों से घिरा हुआ है। ये तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश हैं। आबकारी मंत्री ने कहा, यहां किसान, मजदूर कई तरह के लोग रहते हैं। सरकार कोशिश कर रही है कि शराब बंद होने से किसको किस प्रकार का नुकसान होगा, उसका अनुमान लगा लिया जाए। इसको बस्तर में कैसे करना है, सरगुजा में कैसे करना है। उन्होंने कहा, पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में पंचायत अनुमति देती है या नहीं इसको भी देखना होगा।


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