कहते हैं घर की नींव मजबूत बनाने से मकान भी मजबूत बनता है और नींव ही कमजोर हो तो मकान भी कमजोर बनता है यह कहावत स्कूली बच्चों पर खरी उतर रही है अगर शुरुआत में ही सही पढ़ाई ना हो तो बच्चे कमजोर होंगे और आगे बढ़ने में भी परेशानी होगी। ऐसा ही मामला सामने आया है। डोंगरगढ़ में मीडिल स्कूल पिछले 10 सालों से 1 ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है।समझा जा सकता है कि वहां पढ़ाई स्तर का कैसा होगा। स्कूली बच्चों ने आज शिक्षकों की मांग को लेकर चक्काजाम किया।
शिक्षा के अधिकार कानून के क्रियान्वयन की स्थिति समझने के लिए आज राजनांदगांव जिले के बागनदी इलाके में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने मीडिल स्कूल में नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। घंटो तक पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का कोई असर नहीं पड़ा। वे डंटे रहे।
ग्रामीणों की पूरी बात सुनने और सड़क पर बैठे बच्चों को देखने के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम अरूण कुमार ने आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द उनकी समस्याएं निराकृत कर ली जाएंगी। काफी देर के मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण और बच्चे माने और सड़क से हटे, तब कहीं जाकर स्थिति सामान्य हुई।
कहते हैं घर की नींव मजबूत बनाने से मकान भी मजबूत बनता है और नींव ही कमजोर हो तो मकान भी कमजोर बनता है यह कहावत स्कूली बच्चों पर खरी उतर रही है अगर शुरुआत में ही सही पढ़ाई ना हो तो बच्चे कमजोर होंगे और आगे बढ़ने में भी परेशानी होगी। ऐसा ही मामला सामने आया है। डोंगरगढ़ में मीडिल स्कूल पिछले 10 सालों से 1 ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है।समझा जा सकता है कि वहां पढ़ाई स्तर का कैसा होगा। स्कूली बच्चों ने आज शिक्षकों की मांग को लेकर चक्काजाम किया।
शिक्षा के अधिकार कानून के क्रियान्वयन की स्थिति समझने के लिए आज राजनांदगांव जिले के बागनदी इलाके में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने मीडिल स्कूल में नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। घंटो तक पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का कोई असर नहीं पड़ा। वे डंटे रहे।
ग्रामीणों की पूरी बात सुनने और सड़क पर बैठे बच्चों को देखने के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम अरूण कुमार ने आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द उनकी समस्याएं निराकृत कर ली जाएंगी। काफी देर के मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण और बच्चे माने और सड़क से हटे, तब कहीं जाकर स्थिति सामान्य हुई।


Journalist खबरीलाल












