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अन्य post authorJournalist खबरीलाल LAST UPDATED ON:Saturday ,October 23,2021

NEWS DUBAI टी20 विश्व कप के महा मुकाबले में पाक को चित करने के लिये तैयार हैं भारतीय सितारे:

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दुबई. क्रिकेट जगत की वर्तमान पीढ़ी के कुछ दिग्गज सितारों से सजी भारतीय

टीम आईसीसी टी20 विश्व कप में रविवार को यहां होने वाले महा मुकाबले में

कुछ अनजान चेहरों वाली पाकिस्तानी टीम को फिर से चारों खाने चित करने के

लिये तैयार है। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद

(आईसीसी) के किसी भी टूर्नामेंट में आकर्षण का केंद्र होता है क्योंकि

दोनों देशों के बीच रिश्तों की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए उनमें बहुत

कम खेल गतिविधियां होती हैं। ऐसे में जब किसी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत

और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें आमने सामने होती हैं तो दर्शकों का उत्साह

भी बुलंदियों पर होता है।


अगर आईसीसी के वनडे और टी20 विश्व कप की बात करें तो भारत ने पाकिस्तान

के खिलाफ सभी 12 मैचों में जीत दर्ज की है। टी20 विश्व कप के 2007 में शुरू

होने के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पांचों मैच में पराजित किया है और

विराट कोहली की टीम यह विजय अभियान जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध है।

भारत ने टी20 विश्व कप में सभी मैच महेंद्र ंिसह धोनी की अगुवाई में

जीते जो मेंटोर (मार्गदर्शक) के तौर पर कोहली का साथ देने के लिये यहां

हैं। धोनी की उपस्थिति ही बाबर आजम और उनके साथियों की सिरदर्द बढ़ाने के

लिये पर्याप्त है। फिर भी यह एक ऐसा मैच है जिसका सभी को इंतजार रहता है।

आईसीसी से लेकर प्रसारक तक इस मैच से मोटी कमाई करने पर ध्यान देते हैं तो

प्रशंसकों की भावनाएं इससे जुड़ी होती हैं।

लेकिन टी20 ऐसा प्रारूप है जिसमें किसी भी टीम की जीत सुनिश्चित नहीं

मानी जा सकती है। सुनील गावस्कर हो या सौरव गांगुली, इस खेल की समझ रखने

वाला प्रत्येक व्यक्ति यह अच्छी तरह से समझता है कि इस प्रारूप में दो

टीमों के बीच अंतर बहुत कम होता है और कोई भी एक खिलाड़ी अपनी टीम को जीत

दिला सकता है।


यह खिलाड़ी कोहली भी हो सकता है जो कि इस मैच से फॉर्म में वापसी करने के

लिये प्रतिबद्ध होंगे। यह खिलाड़ी शाहीन शाह अफरीदी भी हो सकता है जो

भारतीय शीर्ष क्रम पर हावी होने की कोशिश करेगा। यह मोहम्मद रिजवान या

मोहम्मद शमी या फिर सूर्यकुमार यादव कोई भी हो सकता है।

खिलाड़ी भले ही कहते रहे हैं कि यह उनके लिये एक अन्य मैच की तरह है

लेकिन इस बात को वे भी अच्छी तरह से जानते हैं कि प्रौद्योगिकी के इस जमाने

में उनका लचर प्रदर्शन वर्षों तक उन्हें सालता रहेगा।

चयनसमिति के वर्तमान अध्यक्ष चेतन शर्मा से बेहतर भला इसे कौन जानता

होगा जिनकी आखिरी गेंद पर 35 साल पहले जावेद मियादाद ने विजयी छक्का लगाया

था। लेकिन तब से क्रिकेट काफी बदल चुका है और अब भारत क्रिकेट की सबसे

मजबूत ताकत बन गया है जिसके पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं।

विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह जैसे क्रिकेटर पिछले मैचों के

सहारे आगे बढ़ने या किसी तरह के दबाव में आने वाले खिलाड़ियों में शामिल

नहीं हैं।

भारत की तुलना में पाकिस्तान पर अधिक दबाव होगा। शाहीन अफरीदी, रिजवान,

हारिस रऊफ और बाबर जैसे खिलाड़ियों पर न सिर्फ एक विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ

विश्व कप से जुड़ा मिथक तोड़ने की जिम्मेदारी है बल्कि उन्हें पाकिस्तान को

लेकर क्रिकेट जगत की धारणा भी बदलनी होगी जिसके कारण इंग्लैंड और

न्यूजीलैंड ने हाल में अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा

है और ऐसे में भारत के खिलाफ मैच उसमें कुछ जीवन भर सकता है लेकिन यह आसान

नहीं होगा। भारतीय खिलाड़ी यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग में खेलकर इस

टूर्नामेंट में उतर रहे हैं जबकि पाकिस्तान अपनी घरेलू श्रृंखलाएं यहां

खेलता रहा है।

भारतीय बल्लेबाजी का मजबूत पक्ष उसके शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाज

रोहित, केएल राहुल, कोहली, सूर्यकुमार और ऋषभ पंत हैं। यह ऐसा बल्लेबाजी

क्रम है जो अफरीदी, रऊफ, हसन अली, इमाद वसीम, शादाब खान के धुर्रे उड़ा सकता

है।

यदि हार्दिक पंड्या केवल बल्लेबाज के रूप में खेलते हैं तो भारत की

परेशानी छठे गेंदबाज को लेकर होगी। गेंदबाजी विभाग में बुमराह, शमी,

रंिवद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती का चुना जाना तय है। भुवनेश्वर कुमार के

अनुभव से उन्हें शार्दुल ठाकुर पर प्राथमिकता मिल सकती है। यदि अतिरिक्त

स्पिनर रखना हो तो रविचंद्रन अश्विन को राहुल चाहर पर प्राथमिकता मिलेगी।

भारतीय टीम प्रबंधन हालांकि कुछ चौंकाने वाले चयन भी कर सकता है।

जहां तक पाकिस्तान की बात है तो उसका मुख्य खिलाड़ी कप्तान बाबर हैं जो

तीनों प्रारूपों में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्हें गेंदबाजी में

शाहीन अफरीदी से उचित सहयोग की दरकार रहेगी। बायें हाथ के स्पिनर इमाद का

यूएई में शानदार रिकार्ड रहा है और ऐसे में वह भारतीय मध्यक्रम के लिये

परेशानी खड़ी कर सकते हैं। अनुभवी शोएब मलिक और मोहम्मद हफीज भी भारत से

बदला लेने के लिये बेताब होंगे।


टीमें इस प्रकार हैं :

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान),

केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, ईशान

किशन, शार्दुल ठाकुर, रंिवद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह,

मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, राहुल चाहर

पाकिस्तान (अंतिम 12 खिलाड़ी): बाबर आजम (कप्तान),

मोहम्मद रिजवान, फखर जमां, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, आसिफ अली, इमाद वसीम,

शादाब खान, हारिस रऊफ, हसन अली, शाहीन शाह अफरीदी, हैदर अली।





दुबई. क्रिकेट जगत की वर्तमान पीढ़ी के कुछ दिग्गज सितारों से सजी भारतीय

टीम आईसीसी टी20 विश्व कप में रविवार को यहां होने वाले महा मुकाबले में

कुछ अनजान चेहरों वाली पाकिस्तानी टीम को फिर से चारों खाने चित करने के

लिये तैयार है। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद

(आईसीसी) के किसी भी टूर्नामेंट में आकर्षण का केंद्र होता है क्योंकि

दोनों देशों के बीच रिश्तों की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए उनमें बहुत

कम खेल गतिविधियां होती हैं। ऐसे में जब किसी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत

और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें आमने सामने होती हैं तो दर्शकों का उत्साह

भी बुलंदियों पर होता है।


अगर आईसीसी के वनडे और टी20 विश्व कप की बात करें तो भारत ने पाकिस्तान

के खिलाफ सभी 12 मैचों में जीत दर्ज की है। टी20 विश्व कप के 2007 में शुरू

होने के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पांचों मैच में पराजित किया है और

विराट कोहली की टीम यह विजय अभियान जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध है।

भारत ने टी20 विश्व कप में सभी मैच महेंद्र ंिसह धोनी की अगुवाई में

जीते जो मेंटोर (मार्गदर्शक) के तौर पर कोहली का साथ देने के लिये यहां

हैं। धोनी की उपस्थिति ही बाबर आजम और उनके साथियों की सिरदर्द बढ़ाने के

लिये पर्याप्त है। फिर भी यह एक ऐसा मैच है जिसका सभी को इंतजार रहता है।

आईसीसी से लेकर प्रसारक तक इस मैच से मोटी कमाई करने पर ध्यान देते हैं तो

प्रशंसकों की भावनाएं इससे जुड़ी होती हैं।

लेकिन टी20 ऐसा प्रारूप है जिसमें किसी भी टीम की जीत सुनिश्चित नहीं

मानी जा सकती है। सुनील गावस्कर हो या सौरव गांगुली, इस खेल की समझ रखने

वाला प्रत्येक व्यक्ति यह अच्छी तरह से समझता है कि इस प्रारूप में दो

टीमों के बीच अंतर बहुत कम होता है और कोई भी एक खिलाड़ी अपनी टीम को जीत

दिला सकता है।


यह खिलाड़ी कोहली भी हो सकता है जो कि इस मैच से फॉर्म में वापसी करने के

लिये प्रतिबद्ध होंगे। यह खिलाड़ी शाहीन शाह अफरीदी भी हो सकता है जो

भारतीय शीर्ष क्रम पर हावी होने की कोशिश करेगा। यह मोहम्मद रिजवान या

मोहम्मद शमी या फिर सूर्यकुमार यादव कोई भी हो सकता है।

खिलाड़ी भले ही कहते रहे हैं कि यह उनके लिये एक अन्य मैच की तरह है

लेकिन इस बात को वे भी अच्छी तरह से जानते हैं कि प्रौद्योगिकी के इस जमाने

में उनका लचर प्रदर्शन वर्षों तक उन्हें सालता रहेगा।

चयनसमिति के वर्तमान अध्यक्ष चेतन शर्मा से बेहतर भला इसे कौन जानता

होगा जिनकी आखिरी गेंद पर 35 साल पहले जावेद मियादाद ने विजयी छक्का लगाया

था। लेकिन तब से क्रिकेट काफी बदल चुका है और अब भारत क्रिकेट की सबसे

मजबूत ताकत बन गया है जिसके पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं।

विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह जैसे क्रिकेटर पिछले मैचों के

सहारे आगे बढ़ने या किसी तरह के दबाव में आने वाले खिलाड़ियों में शामिल

नहीं हैं।

भारत की तुलना में पाकिस्तान पर अधिक दबाव होगा। शाहीन अफरीदी, रिजवान,

हारिस रऊफ और बाबर जैसे खिलाड़ियों पर न सिर्फ एक विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ

विश्व कप से जुड़ा मिथक तोड़ने की जिम्मेदारी है बल्कि उन्हें पाकिस्तान को

लेकर क्रिकेट जगत की धारणा भी बदलनी होगी जिसके कारण इंग्लैंड और

न्यूजीलैंड ने हाल में अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा

है और ऐसे में भारत के खिलाफ मैच उसमें कुछ जीवन भर सकता है लेकिन यह आसान

नहीं होगा। भारतीय खिलाड़ी यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग में खेलकर इस

टूर्नामेंट में उतर रहे हैं जबकि पाकिस्तान अपनी घरेलू श्रृंखलाएं यहां

खेलता रहा है।

भारतीय बल्लेबाजी का मजबूत पक्ष उसके शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाज

रोहित, केएल राहुल, कोहली, सूर्यकुमार और ऋषभ पंत हैं। यह ऐसा बल्लेबाजी

क्रम है जो अफरीदी, रऊफ, हसन अली, इमाद वसीम, शादाब खान के धुर्रे उड़ा सकता

है।

यदि हार्दिक पंड्या केवल बल्लेबाज के रूप में खेलते हैं तो भारत की

परेशानी छठे गेंदबाज को लेकर होगी। गेंदबाजी विभाग में बुमराह, शमी,

रंिवद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती का चुना जाना तय है। भुवनेश्वर कुमार के

अनुभव से उन्हें शार्दुल ठाकुर पर प्राथमिकता मिल सकती है। यदि अतिरिक्त

स्पिनर रखना हो तो रविचंद्रन अश्विन को राहुल चाहर पर प्राथमिकता मिलेगी।

भारतीय टीम प्रबंधन हालांकि कुछ चौंकाने वाले चयन भी कर सकता है।

जहां तक पाकिस्तान की बात है तो उसका मुख्य खिलाड़ी कप्तान बाबर हैं जो

तीनों प्रारूपों में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्हें गेंदबाजी में

शाहीन अफरीदी से उचित सहयोग की दरकार रहेगी। बायें हाथ के स्पिनर इमाद का

यूएई में शानदार रिकार्ड रहा है और ऐसे में वह भारतीय मध्यक्रम के लिये

परेशानी खड़ी कर सकते हैं। अनुभवी शोएब मलिक और मोहम्मद हफीज भी भारत से

बदला लेने के लिये बेताब होंगे।


टीमें इस प्रकार हैं :

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान),

केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, ईशान

किशन, शार्दुल ठाकुर, रंिवद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह,

मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, राहुल चाहर

पाकिस्तान (अंतिम 12 खिलाड़ी): बाबर आजम (कप्तान),

मोहम्मद रिजवान, फखर जमां, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, आसिफ अली, इमाद वसीम,

शादाब खान, हारिस रऊफ, हसन अली, शाहीन शाह अफरीदी, हैदर अली।





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