सिद्धार्थनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार
को सिद्धार्थनगर से नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण करने के बाद उत्तर
प्रदेश की पिछली सरकारों पर पूर्वांचल को बीमारियों से जूझने के लिये छोड़
देने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर ‘भ्रष्टाचार की
साइकिल’ 24 घंटे चलती रहती थी।
मोदी ने यहां माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय समेत नौ मेडिकल
कॉलेजों का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि जिस पूर्वांचल
को पहले की सरकारों ने बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया था, वही अब
पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा। जिस पूर्वांचल की छवि पिछली सरकारों ने
खराब कर दी थी, जिस पूर्वांचल को दिमागी बुखार से हुई मौतों की वजह से
बदनाम कर दिया गया था, वही पूर्वांचल पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला
देने वाला है।
मोदी ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर कटाक्ष करते हुए
किसी का नाम लिये बगैर कहा, ”दूसरी तरफ गरीबों के करोड़ों रुपए लूटने वाली
भ्रष्टाचार की साइकिल 24 घंटे अलग से चलती रहती थी। दवाई में भ्रष्टाचार,
एंबुलेंस में भ्रष्टाचार, नियुक्ति में भ्रष्टाचार, ट्रांसफर पोंिस्टग में
भ्रष्टाचार। इस पूरे खेल में यूपी में कुछ परिवार वादियों का तो खूब भला
हुआ। भ्रष्टाचार की साइकिल तो खूब चली लेकिन उसमें पूर्वांचल और यूपी का
सामान्य परिवार पिसता चला गया। सही ही कहा जाता है कि जाके पांव न फटी
बिवाई, वह क्या जाने पीर पराई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे देश में आजादी के पहले और उसके बाद भी
मूलभूत चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई।
अच्छा इलाज चाहिए तो बड़े शहर जाना होगा। देश के गरीब, दलित, शोषित, वंचित,
किसान, गांव के लोग छोटे-छोटे बच्चों को सीने से लगाए, बुजुर्ग और माताएं
जब स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार की तरफ देखते थे तो उन्हें
निराशा ही हाथ लगती थी। इसी निराशा को उन्होंने अपनी नियति मान लिया था।
मोदी ने कहा कि सात साल पहले दिल्ली में और चार साल पहले उत्तर प्रदेश
में जो सरकार थी, उसके लोग पूर्वांचल में छोटे-छोटे अस्पतालों की घोषणा
करके बैठ जाते थे। लोग उम्मीद लगाए रहते थे लेकिन सालों साल तक तो इमारत ही
नहीं बनती थी। अगर वह बन जाती थी तो मशीनें नहीं होती थीं। यह दोनों होते
थे तो डॉक्टर और स्टाफ नहीं होता था। जो पहले थे उनकी प्राथमिकता अपने लिए
कमाना और अपने परिवार की तिजोरी भरना था, हमारी प्राथमिकता गरीब का पैसा
बचाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ”2014 में जब देश में भाजपा की सरकार बनी तो देश
की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए एक महायज्ञ शुरू किया गया। इसके
तहत अनेक योजनाएं शुरू की लेकिन मुझे इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि यहां
जो पहले सरकार थी उसने हमारा साथ नहीं दिया। विकास के कार्यों में वह
राजनीति को ले आई। केंद्र की योजनाओं को उत्तर प्रदेश में आगे नहीं बढ़ने
दिया। क्यों उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले कभी एक साथ नौ मेडिकल कॉलेज
का लोकार्पण नहीं हुआ। अब ऐसा क्यों हो रहा है…. इसका एक ही कारण है
राजनीतिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक प्राथमिकता।”
प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज का दिन पूर्वांचल के लिए, पूरे उत्तर प्रदेश
के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है। सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के
नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण हो रहा है। आज केंद्र में जो सरकार है।
उत्तर प्रदेश में जो सरकार है वह अनेक कर्म योगियों की दशकों की तपस्या का
फल है। सिद्धार्थनगर ने ही स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी जी के रूप में एक
ऐसा सर्मिपत जनप्रतिनिधि देश को दिया, जिनका अथक परिश्रम आज राष्ट्र के
काम आ रहा है।” उन्होंने कहा ”माधव बाबू ने राजनीति में कर्मयोग की
स्थापना के लिए पूरा जीवन खपा दिया। उत्तर प्रदेश भाजपा के पहले अध्यक्ष के
रूप में, केंद्र में मंत्री के रूप में उन्होंने विशेष रूप से पूर्वांचल
के विकास की ंिचता की।
इसलिए सिद्धार्थनगर के नए मेडिकल कॉलेज का नाम माधव बाबू के नाम पर रखना
उनके प्रति, सेवा भाव के प्रति सच्ची कार्यांजलि है। यहां से पढ़ कर निकलने
वाले युवा डॉक्टरों को यह जनसेवा की निरंतर प्रेरणा भी देगा।” मोदी ने
कहा कि उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में आस्था, अध्यात्म और सामाजिक जीवन से
जुड़ी बहुत विस्तृत विरासत है। इस विरासत को स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध उत्तर
प्रदेश के साथ भी जोड़ा जा रहा है। आज जिन नौ जिलों में मेडिकल कॉलेज का
लोकार्पण किया गया है, उनमें यह दिखता भी है।
सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, देवरिया में
मर्हिष देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर में मर्हिष विश्वामित्र मेडिकल
कॉलेज, मिर्जापुर में मां ंिवध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज, प्रतापगढ़ में डॉक्टर
सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज, एटा में वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज और
जौनपुर में उमानाथ ंिसह मेडिकल कॉलेज समेत कुल नौ मेडिकल कॉलेज खोले गये
है।
उन्होंने कहा कि इन नौ मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से करीब ढाई हजार नए
बैड तैयार हुए हैं, 5000 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए रोजगार
के नए अवसर बने हैं। इसके साथ ही हर वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिए मेडिकल की
पढ़ाई का नया रास्ता भी खुला है।
मोदी ने सिद्धार्थनगर में बने मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया। साथ ही
वहीं से एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और
जौनपुर के मेडिकल कॉलेजों को भी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित किया। इन
मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कुल 2,329 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
इनमें से आठ मेडिकल कॉलेज केंद्र प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत किए गए
हैं, जबकि जौनपुर में मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से
तैयार कराया है।
मोदी ने लोकार्पण कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी तथा माधव प्रसाद
त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मॉडल को देखा। उन्होंने छायाचित्र
प्रदर्शनी, ‘बुद्ध का जीवन दृश्य एवं उत्खनित पुरास्थल कपिलवस्तु-एक झलक’
का अवलोकन भी किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। यह देश के किसी प्रधानमंत्री का
सिद्धार्थनगर का पहला दौरा है।
सिद्धार्थनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार
को सिद्धार्थनगर से नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण करने के बाद उत्तर
प्रदेश की पिछली सरकारों पर पूर्वांचल को बीमारियों से जूझने के लिये छोड़
देने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर ‘भ्रष्टाचार की
साइकिल’ 24 घंटे चलती रहती थी।
मोदी ने यहां माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय समेत नौ मेडिकल
कॉलेजों का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि जिस पूर्वांचल
को पहले की सरकारों ने बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया था, वही अब
पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा। जिस पूर्वांचल की छवि पिछली सरकारों ने
खराब कर दी थी, जिस पूर्वांचल को दिमागी बुखार से हुई मौतों की वजह से
बदनाम कर दिया गया था, वही पूर्वांचल पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला
देने वाला है।
मोदी ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर कटाक्ष करते हुए
किसी का नाम लिये बगैर कहा, ”दूसरी तरफ गरीबों के करोड़ों रुपए लूटने वाली
भ्रष्टाचार की साइकिल 24 घंटे अलग से चलती रहती थी। दवाई में भ्रष्टाचार,
एंबुलेंस में भ्रष्टाचार, नियुक्ति में भ्रष्टाचार, ट्रांसफर पोंिस्टग में
भ्रष्टाचार। इस पूरे खेल में यूपी में कुछ परिवार वादियों का तो खूब भला
हुआ। भ्रष्टाचार की साइकिल तो खूब चली लेकिन उसमें पूर्वांचल और यूपी का
सामान्य परिवार पिसता चला गया। सही ही कहा जाता है कि जाके पांव न फटी
बिवाई, वह क्या जाने पीर पराई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे देश में आजादी के पहले और उसके बाद भी
मूलभूत चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई।
अच्छा इलाज चाहिए तो बड़े शहर जाना होगा। देश के गरीब, दलित, शोषित, वंचित,
किसान, गांव के लोग छोटे-छोटे बच्चों को सीने से लगाए, बुजुर्ग और माताएं
जब स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार की तरफ देखते थे तो उन्हें
निराशा ही हाथ लगती थी। इसी निराशा को उन्होंने अपनी नियति मान लिया था।
मोदी ने कहा कि सात साल पहले दिल्ली में और चार साल पहले उत्तर प्रदेश
में जो सरकार थी, उसके लोग पूर्वांचल में छोटे-छोटे अस्पतालों की घोषणा
करके बैठ जाते थे। लोग उम्मीद लगाए रहते थे लेकिन सालों साल तक तो इमारत ही
नहीं बनती थी। अगर वह बन जाती थी तो मशीनें नहीं होती थीं। यह दोनों होते
थे तो डॉक्टर और स्टाफ नहीं होता था। जो पहले थे उनकी प्राथमिकता अपने लिए
कमाना और अपने परिवार की तिजोरी भरना था, हमारी प्राथमिकता गरीब का पैसा
बचाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ”2014 में जब देश में भाजपा की सरकार बनी तो देश
की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए एक महायज्ञ शुरू किया गया। इसके
तहत अनेक योजनाएं शुरू की लेकिन मुझे इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि यहां
जो पहले सरकार थी उसने हमारा साथ नहीं दिया। विकास के कार्यों में वह
राजनीति को ले आई। केंद्र की योजनाओं को उत्तर प्रदेश में आगे नहीं बढ़ने
दिया। क्यों उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले कभी एक साथ नौ मेडिकल कॉलेज
का लोकार्पण नहीं हुआ। अब ऐसा क्यों हो रहा है…. इसका एक ही कारण है
राजनीतिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक प्राथमिकता।”
प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज का दिन पूर्वांचल के लिए, पूरे उत्तर प्रदेश
के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है। सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के
नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण हो रहा है। आज केंद्र में जो सरकार है।
उत्तर प्रदेश में जो सरकार है वह अनेक कर्म योगियों की दशकों की तपस्या का
फल है। सिद्धार्थनगर ने ही स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी जी के रूप में एक
ऐसा सर्मिपत जनप्रतिनिधि देश को दिया, जिनका अथक परिश्रम आज राष्ट्र के
काम आ रहा है।” उन्होंने कहा ”माधव बाबू ने राजनीति में कर्मयोग की
स्थापना के लिए पूरा जीवन खपा दिया। उत्तर प्रदेश भाजपा के पहले अध्यक्ष के
रूप में, केंद्र में मंत्री के रूप में उन्होंने विशेष रूप से पूर्वांचल
के विकास की ंिचता की।
इसलिए सिद्धार्थनगर के नए मेडिकल कॉलेज का नाम माधव बाबू के नाम पर रखना
उनके प्रति, सेवा भाव के प्रति सच्ची कार्यांजलि है। यहां से पढ़ कर निकलने
वाले युवा डॉक्टरों को यह जनसेवा की निरंतर प्रेरणा भी देगा।” मोदी ने
कहा कि उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में आस्था, अध्यात्म और सामाजिक जीवन से
जुड़ी बहुत विस्तृत विरासत है। इस विरासत को स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध उत्तर
प्रदेश के साथ भी जोड़ा जा रहा है। आज जिन नौ जिलों में मेडिकल कॉलेज का
लोकार्पण किया गया है, उनमें यह दिखता भी है।
सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, देवरिया में
मर्हिष देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर में मर्हिष विश्वामित्र मेडिकल
कॉलेज, मिर्जापुर में मां ंिवध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज, प्रतापगढ़ में डॉक्टर
सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज, एटा में वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज और
जौनपुर में उमानाथ ंिसह मेडिकल कॉलेज समेत कुल नौ मेडिकल कॉलेज खोले गये
है।
उन्होंने कहा कि इन नौ मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से करीब ढाई हजार नए
बैड तैयार हुए हैं, 5000 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए रोजगार
के नए अवसर बने हैं। इसके साथ ही हर वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिए मेडिकल की
पढ़ाई का नया रास्ता भी खुला है।
मोदी ने सिद्धार्थनगर में बने मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया। साथ ही
वहीं से एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और
जौनपुर के मेडिकल कॉलेजों को भी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित किया। इन
मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कुल 2,329 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
इनमें से आठ मेडिकल कॉलेज केंद्र प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत किए गए
हैं, जबकि जौनपुर में मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से
तैयार कराया है।
मोदी ने लोकार्पण कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी तथा माधव प्रसाद
त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मॉडल को देखा। उन्होंने छायाचित्र
प्रदर्शनी, ‘बुद्ध का जीवन दृश्य एवं उत्खनित पुरास्थल कपिलवस्तु-एक झलक’
का अवलोकन भी किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। यह देश के किसी प्रधानमंत्री का
सिद्धार्थनगर का पहला दौरा है।


Journalist खबरीलाल












