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डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल वर्षों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है:

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रायपुर । छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पं.
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कालेज से संबद्ध डा. भीमराव आंबेडकर
अस्पताल वर्षों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इधर चिकित्सा शिक्षा
विभाग नई भर्ती कराना छोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था की बात कहते हुए नए मेडिकल
कालेज में यहां के चिकित्सकों को भेजा जा रहा है। ऐसे में 1,246 बिस्तर और
हर दिन 2,000 की ओपीडी वाले अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा
है।


बता दें कि चिकित्सा प्राध्यापकों के 462 नियमित पद स्वीकृत स्वीकृत थे।
इसमें से अब तक 182 नियमित भर्तियां ही हुई हैं, जबकि 118 चिकित्सा
प्राध्यापक संविदा पदों पर मूल व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं यानी नियमित
और संविदा मिलाकर कुल 299 चिकित्सा प्राध्यापक कार्यरत हैं, जबकि 167 पद
खाली है।

वहीं राज्य में नए खुलने वाले कांकेर, महासमुंद, कोरबा समेत भिलाई
मेडिकल कालेज में व्यवस्था बनाने के लिए रायपुर मेडिकल कालेज के 30 से अधिक
चिकित्सकों को सेवा के लिए भेजा गया है। इधर मरीजों से भरे अस्पताल में
चिकित्सकों की कमी से इलाज प्रभावित होने लगा है।

अस्पताल की क्षमता दोगुनी से अधिक
मिली
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कालेज के शुरुआत में यहां स्टाफ का सेटअप 700
बिस्तरों के आधार पर ही किया गया, लेकिन आज की स्थिति में अस्पताल में
बिस्तरों की संख्या दोगुना होने के साथ ही मेडिकल की सीटें भी बढ़ गई हैं।
बावजूद पदों का सेटअप आज तक वही है। वहीं पुराने सेटअप के आधार पर भी पदों
को नहीं भरा जा सका है।
नर्सिंग स्टाफ की भी कमी
इधर
अस्पताल में 167 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं। इसमें से 91 पदों भरे
गए हैं। वहीं 76 पद खाली पड़े हैं। नान क्लीनिकल स्टाफ की बता की जाए तो
इसके 191 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 80 पद रिक्त हैं, जिनकी आज तक भर्ती
नहीं की गई है।
मेडिकल कालेज में स्वीकृत पदों पर एक नजर
820 कुल पद हैं स्वीकृत
381 नियमित नियुक्तयां
121 पदों पर संविदा भर्ती
323 से अधिक पद खाली
चिकित्सा प्राध्यापकों की स्थिति
पद - स्वीकृत - रिक्त
प्राध्यापक - 32 - 7
सह प्राध्यापक - 92 - 32
सहायक प्राध्यापक - 139 - 29
सीनियर, जूनियर रेसीडेंट, प्रदर्शक - 152 - 72
नान क्लीनिकल कर्मी की स्थिति
कर्मचारी - पद संख्या
नान क्लीनिकल कर्मी स्वीकृत पद - 191
नियमित भर्ती - 108
संविदा भर्ती - 3
कुल कार्यरत - 111
रिक्त पदों की संख्या - 80
नए पदों का सृजन शासन स्तर पर होगा
चिकित्सा
प्राध्यापकों के खाली पदों की वजह से समस्या तो आ रही है। शासन स्तर पर भी
इस बात से अवगत कराया गया है। नए पदों का सृजन शासन स्तर पर होगा। फिलहाल
जो पद खाली हैं, उन्हें भरना हमारी प्राथमिकता है। इसकी प्रक्रिया चल रही
है। -डा. विष्णु दत्त, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग
समय के साथ बिस्तर और मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई
यह
राज्य का शीर्ष संस्थान है। पुराने सेटअप के आधार पर ही पद स्वीकृत हैं,
वह भी खाली। समय के साथ बिस्तर और मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ऐसे में
मानकों के आधार पर नए पद सृजन कर उसे भरने व बेहतर फंडिंग की आवश्यकता है।
-डा. राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, राज्य हास्पिटल बोर्ड

 

रायपुर । छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पं.
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कालेज से संबद्ध डा. भीमराव आंबेडकर
अस्पताल वर्षों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इधर चिकित्सा शिक्षा
विभाग नई भर्ती कराना छोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था की बात कहते हुए नए मेडिकल
कालेज में यहां के चिकित्सकों को भेजा जा रहा है। ऐसे में 1,246 बिस्तर और
हर दिन 2,000 की ओपीडी वाले अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा
है।


बता दें कि चिकित्सा प्राध्यापकों के 462 नियमित पद स्वीकृत स्वीकृत थे।
इसमें से अब तक 182 नियमित भर्तियां ही हुई हैं, जबकि 118 चिकित्सा
प्राध्यापक संविदा पदों पर मूल व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं यानी नियमित
और संविदा मिलाकर कुल 299 चिकित्सा प्राध्यापक कार्यरत हैं, जबकि 167 पद
खाली है।

वहीं राज्य में नए खुलने वाले कांकेर, महासमुंद, कोरबा समेत भिलाई
मेडिकल कालेज में व्यवस्था बनाने के लिए रायपुर मेडिकल कालेज के 30 से अधिक
चिकित्सकों को सेवा के लिए भेजा गया है। इधर मरीजों से भरे अस्पताल में
चिकित्सकों की कमी से इलाज प्रभावित होने लगा है।

अस्पताल की क्षमता दोगुनी से अधिक
मिली
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कालेज के शुरुआत में यहां स्टाफ का सेटअप 700
बिस्तरों के आधार पर ही किया गया, लेकिन आज की स्थिति में अस्पताल में
बिस्तरों की संख्या दोगुना होने के साथ ही मेडिकल की सीटें भी बढ़ गई हैं।
बावजूद पदों का सेटअप आज तक वही है। वहीं पुराने सेटअप के आधार पर भी पदों
को नहीं भरा जा सका है।
नर्सिंग स्टाफ की भी कमी
इधर
अस्पताल में 167 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं। इसमें से 91 पदों भरे
गए हैं। वहीं 76 पद खाली पड़े हैं। नान क्लीनिकल स्टाफ की बता की जाए तो
इसके 191 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 80 पद रिक्त हैं, जिनकी आज तक भर्ती
नहीं की गई है।
मेडिकल कालेज में स्वीकृत पदों पर एक नजर
820 कुल पद हैं स्वीकृत
381 नियमित नियुक्तयां
121 पदों पर संविदा भर्ती
323 से अधिक पद खाली
चिकित्सा प्राध्यापकों की स्थिति
पद - स्वीकृत - रिक्त
प्राध्यापक - 32 - 7
सह प्राध्यापक - 92 - 32
सहायक प्राध्यापक - 139 - 29
सीनियर, जूनियर रेसीडेंट, प्रदर्शक - 152 - 72
नान क्लीनिकल कर्मी की स्थिति
कर्मचारी - पद संख्या
नान क्लीनिकल कर्मी स्वीकृत पद - 191
नियमित भर्ती - 108
संविदा भर्ती - 3
कुल कार्यरत - 111
रिक्त पदों की संख्या - 80
नए पदों का सृजन शासन स्तर पर होगा
चिकित्सा
प्राध्यापकों के खाली पदों की वजह से समस्या तो आ रही है। शासन स्तर पर भी
इस बात से अवगत कराया गया है। नए पदों का सृजन शासन स्तर पर होगा। फिलहाल
जो पद खाली हैं, उन्हें भरना हमारी प्राथमिकता है। इसकी प्रक्रिया चल रही
है। -डा. विष्णु दत्त, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग
समय के साथ बिस्तर और मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई
यह
राज्य का शीर्ष संस्थान है। पुराने सेटअप के आधार पर ही पद स्वीकृत हैं,
वह भी खाली। समय के साथ बिस्तर और मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ऐसे में
मानकों के आधार पर नए पद सृजन कर उसे भरने व बेहतर फंडिंग की आवश्यकता है।
-डा. राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, राज्य हास्पिटल बोर्ड

 

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