रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने संविधान दिवस के अवसर पर राजभवन
में संविधान की प्रस्तावना का पठन किया।इस प्रस्तावना में कहा गया है कि
हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी,
पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा इसके समस्त नागरिकों
को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म
और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए
तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित
करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर 26 नवंबर 1949 को एतद्
द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। इस अवसर
पर राज्यपाल के परिसहायद्वय श्री त्रिलोक बंसल एवं मेजर सिद्धार्थ सिंह,
राज्यपाल के निज सचिव श्री जितेन्द्र कुमार सोलंकी उपस्थित थे।
रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने संविधान दिवस के अवसर पर राजभवन
में संविधान की प्रस्तावना का पठन किया।इस प्रस्तावना में कहा गया है कि
हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी,
पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा इसके समस्त नागरिकों
को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म
और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए
तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित
करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर 26 नवंबर 1949 को एतद्
द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। इस अवसर
पर राज्यपाल के परिसहायद्वय श्री त्रिलोक बंसल एवं मेजर सिद्धार्थ सिंह,
राज्यपाल के निज सचिव श्री जितेन्द्र कुमार सोलंकी उपस्थित थे।


Journalist खबरीलाल












