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News Lucknow :: दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं अखिलेश यादव:

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भाजपा ने सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को चुनावी समर में उतारने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद से ही भाजपा लगातार सपा पर हमला बोलते हुए सवाल पूछ रही है कि आखिर अखिलेश यादव कहां से मैदान में उतरेंगे। इस बीच खबर है कि अखिलेश यादव दो सीटों से चुनाव में उतरे सकते हैं। वह आजमगढ़ और मैनपुरी सीट से पर्चा दाखिल कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि वह आजमगढ़ से चुनाव लड़कर एक तरफ पूर्वांचल में माहौल बनाने का काम करेंगे तो वहीं मैनपुरी से लड़कर वह सपा के पारंपरिक गढ़ को भी मजबूत बनाए रखना चाहेंगे।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ से ही सांसद भी हैं। आजमगढ़ में आखिरी राउंड में मतदान होना है। आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश यादव चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं। इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के मौके पर अखिलेश यादव पर तंज कसा।उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कहते हैं कि उन्होंने विकास किया है तो फिर चुनाव लड़ने का ऐलान क्यों नहीं करते हैं। वह सुरक्षित सीट की तलाश में क्यों हैं। आखिर ऐसी किसी सीट से वह क्यों नहीं उतरना चाहते, जहां वह मानते हों कि उन्होंने विकास किया है।



भाजपा ने सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को चुनावी समर में उतारने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद से ही भाजपा लगातार सपा पर हमला बोलते हुए सवाल पूछ रही है कि आखिर अखिलेश यादव कहां से मैदान में उतरेंगे। इस बीच खबर है कि अखिलेश यादव दो सीटों से चुनाव में उतरे सकते हैं। वह आजमगढ़ और मैनपुरी सीट से पर्चा दाखिल कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि वह आजमगढ़ से चुनाव लड़कर एक तरफ पूर्वांचल में माहौल बनाने का काम करेंगे तो वहीं मैनपुरी से लड़कर वह सपा के पारंपरिक गढ़ को भी मजबूत बनाए रखना चाहेंगे।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ से ही सांसद भी हैं। आजमगढ़ में आखिरी राउंड में मतदान होना है। आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश यादव चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं। इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के मौके पर अखिलेश यादव पर तंज कसा।उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कहते हैं कि उन्होंने विकास किया है तो फिर चुनाव लड़ने का ऐलान क्यों नहीं करते हैं। वह सुरक्षित सीट की तलाश में क्यों हैं। आखिर ऐसी किसी सीट से वह क्यों नहीं उतरना चाहते, जहां वह मानते हों कि उन्होंने विकास किया है।



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