गाजीपुर. सर्द हवा के बीच सियासी गर्माहट ने
सपा-सुभासपा गठबंधन के माथे पर पसीना ला दिया है। सुहेलदेव भारतीय समाज
पार्टी (सुभासपा) और सपा गठबंधन में जहूराबाद सीट पर ही पेंच फंसा हुआ है। इस सीट से सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मौजूदा विधायक और गठबंधन
के अहम साथी हैं। वहीं गठबंधन की सहयोगी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की
पदाधिकारी व पूर्व मंत्री शादाब फातिमा की मजबूत दावेदारी ने गठबंधन के
सारे समीकरण गड़बड़ा दिए हैं। वहीं अन्य सीटों को लेकर भी अभी तक बात फाइनल
नहीं हो रही है।
पिछले चुनाव में सुभासपा और भाजपा का गठबंधन था। सुभासपा को दो सीटें
जहूराबाद व जखनियां मिलीं थीं। जहूराबाद से सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर
विधायक चुने गए थे, जबकि जखनियां से त्रिवेणी राम विधायक निर्वाचित हुए
थे। ओमप्रकाश राजभर भाजपा सरकार में पिछड़ा वर्ग व दिव्यांग कल्याण मंत्री
भी रहे, लेकिन बाद में वह सरकार से अलग हो गए थे। इस बार के चुनाव में सुभासपा ने सपा से गठबंधन कर लिया है। इस गठबंधन का
सहयोगी प्रसपा भी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, गठबंधन का सबसे अधिक
पेंच सुभासपा अध्यक्ष की सीट जहूराबाद पर ही फंसा है।
यह ओमप्रकाश राजभर की सीट है तो वह यहां अपनी दावेदारी ठोंके हुए हैं।
उधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की पदाधिकारी व पूर्व मंत्री शादाब फातिमा
की मंशा इसी सीट पर चुनाव लड़ने की है। हालांकि उन्हें सदर सीट का भी आप्सन
दिया गया है। अंदर की सूचना को सही माने तो वह इसके लिए राजी नहीं हैं।
शादाब फातिमा एक अच्छी वक्ता हैं और उनमें भीड़ को बांधने की क्षमता है। वह
लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। इस बाबत फोन व मैसेज किया गया, लेकिन
उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। उनके करीबियों के मुताबिक, दो चार दिन
बाद ही वह इस बारे में बात करेंगीं।
गाजीपुर. सर्द हवा के बीच सियासी गर्माहट ने
सपा-सुभासपा गठबंधन के माथे पर पसीना ला दिया है। सुहेलदेव भारतीय समाज
पार्टी (सुभासपा) और सपा गठबंधन में जहूराबाद सीट पर ही पेंच फंसा हुआ है। इस सीट से सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मौजूदा विधायक और गठबंधन
के अहम साथी हैं। वहीं गठबंधन की सहयोगी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की
पदाधिकारी व पूर्व मंत्री शादाब फातिमा की मजबूत दावेदारी ने गठबंधन के
सारे समीकरण गड़बड़ा दिए हैं। वहीं अन्य सीटों को लेकर भी अभी तक बात फाइनल
नहीं हो रही है।
पिछले चुनाव में सुभासपा और भाजपा का गठबंधन था। सुभासपा को दो सीटें
जहूराबाद व जखनियां मिलीं थीं। जहूराबाद से सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर
विधायक चुने गए थे, जबकि जखनियां से त्रिवेणी राम विधायक निर्वाचित हुए
थे। ओमप्रकाश राजभर भाजपा सरकार में पिछड़ा वर्ग व दिव्यांग कल्याण मंत्री
भी रहे, लेकिन बाद में वह सरकार से अलग हो गए थे। इस बार के चुनाव में सुभासपा ने सपा से गठबंधन कर लिया है। इस गठबंधन का
सहयोगी प्रसपा भी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, गठबंधन का सबसे अधिक
पेंच सुभासपा अध्यक्ष की सीट जहूराबाद पर ही फंसा है।
यह ओमप्रकाश राजभर की सीट है तो वह यहां अपनी दावेदारी ठोंके हुए हैं।
उधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की पदाधिकारी व पूर्व मंत्री शादाब फातिमा
की मंशा इसी सीट पर चुनाव लड़ने की है। हालांकि उन्हें सदर सीट का भी आप्सन
दिया गया है। अंदर की सूचना को सही माने तो वह इसके लिए राजी नहीं हैं।
शादाब फातिमा एक अच्छी वक्ता हैं और उनमें भीड़ को बांधने की क्षमता है। वह
लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। इस बाबत फोन व मैसेज किया गया, लेकिन
उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। उनके करीबियों के मुताबिक, दो चार दिन
बाद ही वह इस बारे में बात करेंगीं।


Journalist खबरीलाल












