रायपुर । कोरोनाकाल में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने चुनौतियों के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग में डाटा प्रबंधक निशामणी साहू (46) की मुहिम ना सिर्फ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में बड़ी भूमिका निभा रही। बल्कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और बीमारियों को लेकर लोगों में भी जागरूकता लाने का काम कर रही है। इनके वीडियो से जिला समेत राज्य के स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण पा रहे। स्वस्थ समाज को जागरूक करने की दिशा में भी बेहतर पहल साबित हो रहा। डाटा प्रबंधक निशामणी ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चुनौतियां थीं। संक्रमण से निपटने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना था। लेकिन परिस्थितियां ऐसी थी कि हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को कम समय में प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता था। इसे देखते हुए बीमारी और व्यवस्था को लेकर छोटे-छोटे वीडियो बनाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वाट्सएप ग्रुप से भेजने लगे।

स्वास्थ्य योजना और बीमारियों को लेकर जागरूकता
वीडियो में बीमारियां, स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य योजना, इलाज व जांच समेत अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारियां होती थी। इस पहल से स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारियां मिल जाती, काम भी आसान होने लगे। वहीं आनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी कोविड प्रबंधन में बेहतर साबित हुआ। निशामणी ने बताया कि वह हमेशा इंटरनेट मीडिया से दूर रहते थे। लेकिन जीवन में पहली बार किए गए प्रयास ने व्यवस्था बेहतर करने में नई दिशा दे दी। अब जिले से हुई शुरुआत से इनके वीडियो से राज्यभर के स्वास्थ्य कर्मियों रास्ता दिखाने का काम किया।
काम को राज्य सरकार से मिली सराहना
निशामणी ने बताया कि छह महीने में बनाया गए वीडियो यूट्यूब में डालता गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग में चलने वाली स्वास्थ्य योजनाएं, बीमारियों से संबंधित जानकारियां की वीडियो से लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। इनके प्रयासों से प्रेरित होकर अन्य जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह का पहल किया जा रहा है। इनके प्रयासों के लिए राज्य शासन ने उत्कृष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया है।
रायपुर । कोरोनाकाल में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने चुनौतियों के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग में डाटा प्रबंधक निशामणी साहू (46) की मुहिम ना सिर्फ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में बड़ी भूमिका निभा रही। बल्कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और बीमारियों को लेकर लोगों में भी जागरूकता लाने का काम कर रही है। इनके वीडियो से जिला समेत राज्य के स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण पा रहे। स्वस्थ समाज को जागरूक करने की दिशा में भी बेहतर पहल साबित हो रहा। डाटा प्रबंधक निशामणी ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चुनौतियां थीं। संक्रमण से निपटने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना था। लेकिन परिस्थितियां ऐसी थी कि हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को कम समय में प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता था। इसे देखते हुए बीमारी और व्यवस्था को लेकर छोटे-छोटे वीडियो बनाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वाट्सएप ग्रुप से भेजने लगे।

स्वास्थ्य योजना और बीमारियों को लेकर जागरूकता
वीडियो में बीमारियां, स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य योजना, इलाज व जांच समेत अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारियां होती थी। इस पहल से स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारियां मिल जाती, काम भी आसान होने लगे। वहीं आनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी कोविड प्रबंधन में बेहतर साबित हुआ। निशामणी ने बताया कि वह हमेशा इंटरनेट मीडिया से दूर रहते थे। लेकिन जीवन में पहली बार किए गए प्रयास ने व्यवस्था बेहतर करने में नई दिशा दे दी। अब जिले से हुई शुरुआत से इनके वीडियो से राज्यभर के स्वास्थ्य कर्मियों रास्ता दिखाने का काम किया।
काम को राज्य सरकार से मिली सराहना
निशामणी ने बताया कि छह महीने में बनाया गए वीडियो यूट्यूब में डालता गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग में चलने वाली स्वास्थ्य योजनाएं, बीमारियों से संबंधित जानकारियां की वीडियो से लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। इनके प्रयासों से प्रेरित होकर अन्य जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह का पहल किया जा रहा है। इनके प्रयासों के लिए राज्य शासन ने उत्कृष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया है।