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0 post authorJournalist खबरीलाल Monday ,January 24,2022

NEWS RAIPUR:: प्रदेश में नदियों के किनारे लहलहाएगी हरियाली, 28 नदियों के तट पर रोपे गए 11 लाख पौधे:

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  रायपुर । छत्‍तीसगढ़ में बीते मानसून सीजन
के दौरान राज्य की 28 नदियों के तट पर करीब 11 लाख पौधे रोपे गए हैं। इनमें
फलदार व औषधीय पौधों के साथ इमारती लकड़ी के पौधे शामिल हैं। इसका रकबा
करीब 978.785 हेक्टेयर है। वन विभाग के अफसरों के अनुसार इससे न केवल
पर्यावरण में सुधार होगा बल्कि नदी तट का कटाव भी रुकेगा। नदी के किनारे
पौधा रोपण की योजना का प्रस्ताव करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया था, लेकिन
इस पर अब अमल हो पाया है।


सरगुजा की रेड़ नदी के तट पर लगाए गए सबसे ज्यादा पौधे
प्रधान
मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि रेड़ नदी के
किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 65 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं,
सेंदुर नदी तट के 135 हेक्टेयर एक लाख 49 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसी तरह
बनास और महान नदी तट के 70-70 हेक्टेयर रकबा में 77-77 हजार पौधे लगाए गए
हैं।

सरगुजा की रेड़ नदी के तट पर लगाए गए सबसे ज्यादा पौधे
प्रधान
मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि रेड़ नदी के
किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 65 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं,
सेंदुर नदी तट के 135 हेक्टेयर एक लाख 49 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसी तरह
बनास और महान नदी तट के 70-70 हेक्टेयर रकबा में 77-77 हजार पौधे लगाए गए
हैं।
वनमंत्री मोहम्मद अकबर की राय में वन्य जीवों को यदि जंगल में ही भोजन
मिल जाएगा तो वे आबादी वाले क्षेत्र में उनके आने की संभावना कम हो
जाएगी। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राम वनगमन
परिपथ में भी बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।

जंगलों में की गई है 25 लाख सीड बाल की बोआई 
इस वर्ष जुलाई में राज्य राज्य के वन और वनेत्तर क्षेत्रों में 25 लाख सीड
बाल की बोआई की गई। इसमें 50 हजार किलो फलदार पौधों के बीज और छह हजार 500
किलो सब्जी बीज शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से बेर, जामुन, बेल, सीताफल,
करौंदा, लौकी, बरबट्टी, भिंडी, बैंगन व मुनगा आदि के बीज थे।

 


  रायपुर । छत्‍तीसगढ़ में बीते मानसून सीजन
के दौरान राज्य की 28 नदियों के तट पर करीब 11 लाख पौधे रोपे गए हैं। इनमें
फलदार व औषधीय पौधों के साथ इमारती लकड़ी के पौधे शामिल हैं। इसका रकबा
करीब 978.785 हेक्टेयर है। वन विभाग के अफसरों के अनुसार इससे न केवल
पर्यावरण में सुधार होगा बल्कि नदी तट का कटाव भी रुकेगा। नदी के किनारे
पौधा रोपण की योजना का प्रस्ताव करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया था, लेकिन
इस पर अब अमल हो पाया है।


सरगुजा की रेड़ नदी के तट पर लगाए गए सबसे ज्यादा पौधे
प्रधान
मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि रेड़ नदी के
किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 65 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं,
सेंदुर नदी तट के 135 हेक्टेयर एक लाख 49 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसी तरह
बनास और महान नदी तट के 70-70 हेक्टेयर रकबा में 77-77 हजार पौधे लगाए गए
हैं।

सरगुजा की रेड़ नदी के तट पर लगाए गए सबसे ज्यादा पौधे
प्रधान
मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि रेड़ नदी के
किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 65 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं,
सेंदुर नदी तट के 135 हेक्टेयर एक लाख 49 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसी तरह
बनास और महान नदी तट के 70-70 हेक्टेयर रकबा में 77-77 हजार पौधे लगाए गए
हैं।
वनमंत्री मोहम्मद अकबर की राय में वन्य जीवों को यदि जंगल में ही भोजन
मिल जाएगा तो वे आबादी वाले क्षेत्र में उनके आने की संभावना कम हो
जाएगी। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राम वनगमन
परिपथ में भी बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।

जंगलों में की गई है 25 लाख सीड बाल की बोआई 
इस वर्ष जुलाई में राज्य राज्य के वन और वनेत्तर क्षेत्रों में 25 लाख सीड
बाल की बोआई की गई। इसमें 50 हजार किलो फलदार पौधों के बीज और छह हजार 500
किलो सब्जी बीज शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से बेर, जामुन, बेल, सीताफल,
करौंदा, लौकी, बरबट्टी, भिंडी, बैंगन व मुनगा आदि के बीज थे।

 


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