नई दिल्ली
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप 2019 खेला था, जहां सेमीफाइनल में भारत को हार मिली थी। इस एकमात्र मैच में भारत को मिडिल ऑर्डर के मैच विनर की कमी खली थी और भारत ये मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। ऐसा ही कुछ एक बार फिर से टीम इंडिया के साथ हो रहा है। भारतीय टीम जो समस्य वर्ल्ड कप 2019 से पहले फेस कर रही थी, उसी समस्या का सामना भारतीय टीम को अब करना पड़ रहा है।
विश्व कप 2019 से पहले भारत ने नंबर चार पर कई बल्लेबाजों को अपनाया था, लेकिन विश्व कप के सेमीफाइनल मैच तक टीम को कोई अच्छा विकल्प इस नंबर के लिए नहीं मिला था। हालांकि, विश्व कप के ठीक बाद नंबर चार श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों की क्रिकेट में कई मौके मिले और उन्होंने इन मौकों को भुनाया तो पाया कि वे नंबर चार की पहेली को लगभग सुलझा चुके हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के दौरे पर एक बार फिर से मिडिल ऑर्डर की परेशानी देखी गई।
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप 2019 खेला था, जहां सेमीफाइनल में भारत को हार मिली थी। इस एकमात्र मैच में भारत को मिडिल ऑर्डर के मैच विनर की कमी खली थी और भारत ये मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। ऐसा ही कुछ एक बार फिर से टीम इंडिया के साथ हो रहा है। भारतीय टीम जो समस्य वर्ल्ड कप 2019 से पहले फेस कर रही थी, उसी समस्या का सामना भारतीय टीम को अब करना पड़ रहा है।
विश्व कप 2019 से पहले भारत ने नंबर चार पर कई बल्लेबाजों को अपनाया था, लेकिन विश्व कप के सेमीफाइनल मैच तक टीम को कोई अच्छा विकल्प इस नंबर के लिए नहीं मिला था। हालांकि, विश्व कप के ठीक बाद नंबर चार श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों की क्रिकेट में कई मौके मिले और उन्होंने इन मौकों को भुनाया तो पाया कि वे नंबर चार की पहेली को लगभग सुलझा चुके हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के दौरे पर एक बार फिर से मिडिल ऑर्डर की परेशानी देखी गई।
नंबर चार पर रिषभ पंत को आजमाया गया और वे पहले मैच में 16, दूसरे में 85 और तीसरे में खाता भी नहीं खोल पाए। नंबर पांच पर श्रेयस अय्यर को उतारा गया जो पहले मैच में 17, दूसरे में 11 और तीसरे में 26 रन बना सके। नंबर 6 पर पहले दो मैचों में वेंकटेश अय्यर को मौका दिया गया जो पहले मैच में दो, दूसरे मैच में 22 रन बना पाए। तीसरे मैच में सूर्यकुमार यादव को मौका मिला, जो 39 रन बनाने में सफल हुए।
सवाल ये भी है कि जब वेंकटेश अय्यर को टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए देखकर टीम में चुना गया तो उनको नीचे उतारा क्यों गया। इसके अलावा एक और सवाल ये है कि श्रेयस अय्यर जब नंबर चार पर अच्छे रन बना चुके हैं तो इस सीरीज में रिषभ पंत को क्यों नंबर चार पर रखा गया। भारत के साथ अक्सर ऐसा होता आ रहा है कि टीम के टॉप के तीन बल्लेबाज रन नहीं बना पाते हैं तो टीम आधा मैच हार जाती है।
भारतीय टीम के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का भी यही कहना है कि मध्य क्रम के साथ भारत को कुछ करना होगा। टी20 विश्व कप इसी साल है और फिर अगले साल आईसीसी वनडे विश्व कप है। ऐसे में टीम के मध्य क्रम को दुरुस्त करना होगा और आपको ये बात भी जाननी चाहिए कि आपके पास अगर कोई हार्दिक पांड्या जैसा ऑलराउंडर नहीं है तो आप खोजना बंद कर दीजिए, जो आपके पास है (दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर) उनके साथ आगे बढ़ना चाहिए। वेंकटेश अय्यर के साथ इस सीरीज में यही हुआ। हालांकि, उनसे पहले मैच में गेंदबाजी भी नहीं कराई गई। टीम इंडिया के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि मध्य क्रम के कारण इस सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप 2019 खेला था, जहां सेमीफाइनल में भारत को हार मिली थी। इस एकमात्र मैच में भारत को मिडिल ऑर्डर के मैच विनर की कमी खली थी और भारत ये मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। ऐसा ही कुछ एक बार फिर से टीम इंडिया के साथ हो रहा है। भारतीय टीम जो समस्य वर्ल्ड कप 2019 से पहले फेस कर रही थी, उसी समस्या का सामना भारतीय टीम को अब करना पड़ रहा है।
विश्व कप 2019 से पहले भारत ने नंबर चार पर कई बल्लेबाजों को अपनाया था, लेकिन विश्व कप के सेमीफाइनल मैच तक टीम को कोई अच्छा विकल्प इस नंबर के लिए नहीं मिला था। हालांकि, विश्व कप के ठीक बाद नंबर चार श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों की क्रिकेट में कई मौके मिले और उन्होंने इन मौकों को भुनाया तो पाया कि वे नंबर चार की पहेली को लगभग सुलझा चुके हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के दौरे पर एक बार फिर से मिडिल ऑर्डर की परेशानी देखी गई।
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप 2019 खेला था, जहां सेमीफाइनल में भारत को हार मिली थी। इस एकमात्र मैच में भारत को मिडिल ऑर्डर के मैच विनर की कमी खली थी और भारत ये मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। ऐसा ही कुछ एक बार फिर से टीम इंडिया के साथ हो रहा है। भारतीय टीम जो समस्य वर्ल्ड कप 2019 से पहले फेस कर रही थी, उसी समस्या का सामना भारतीय टीम को अब करना पड़ रहा है।
विश्व कप 2019 से पहले भारत ने नंबर चार पर कई बल्लेबाजों को अपनाया था, लेकिन विश्व कप के सेमीफाइनल मैच तक टीम को कोई अच्छा विकल्प इस नंबर के लिए नहीं मिला था। हालांकि, विश्व कप के ठीक बाद नंबर चार श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों की क्रिकेट में कई मौके मिले और उन्होंने इन मौकों को भुनाया तो पाया कि वे नंबर चार की पहेली को लगभग सुलझा चुके हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के दौरे पर एक बार फिर से मिडिल ऑर्डर की परेशानी देखी गई।
नंबर चार पर रिषभ पंत को आजमाया गया और वे पहले मैच में 16, दूसरे में 85 और तीसरे में खाता भी नहीं खोल पाए। नंबर पांच पर श्रेयस अय्यर को उतारा गया जो पहले मैच में 17, दूसरे में 11 और तीसरे में 26 रन बना सके। नंबर 6 पर पहले दो मैचों में वेंकटेश अय्यर को मौका दिया गया जो पहले मैच में दो, दूसरे मैच में 22 रन बना पाए। तीसरे मैच में सूर्यकुमार यादव को मौका मिला, जो 39 रन बनाने में सफल हुए।
सवाल ये भी है कि जब वेंकटेश अय्यर को टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए देखकर टीम में चुना गया तो उनको नीचे उतारा क्यों गया। इसके अलावा एक और सवाल ये है कि श्रेयस अय्यर जब नंबर चार पर अच्छे रन बना चुके हैं तो इस सीरीज में रिषभ पंत को क्यों नंबर चार पर रखा गया। भारत के साथ अक्सर ऐसा होता आ रहा है कि टीम के टॉप के तीन बल्लेबाज रन नहीं बना पाते हैं तो टीम आधा मैच हार जाती है।
भारतीय टीम के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का भी यही कहना है कि मध्य क्रम के साथ भारत को कुछ करना होगा। टी20 विश्व कप इसी साल है और फिर अगले साल आईसीसी वनडे विश्व कप है। ऐसे में टीम के मध्य क्रम को दुरुस्त करना होगा और आपको ये बात भी जाननी चाहिए कि आपके पास अगर कोई हार्दिक पांड्या जैसा ऑलराउंडर नहीं है तो आप खोजना बंद कर दीजिए, जो आपके पास है (दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर) उनके साथ आगे बढ़ना चाहिए। वेंकटेश अय्यर के साथ इस सीरीज में यही हुआ। हालांकि, उनसे पहले मैच में गेंदबाजी भी नहीं कराई गई। टीम इंडिया के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि मध्य क्रम के कारण इस सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा।


Journalist खबरीलाल












