जांजगीर-चांपा। इस बार भी जिला धान खरीदी में प्रदेश में
आगे है। क्षेत्र में पर्याप्त बारिश के होने के चलते फ़सल अच्छी रही। साथ ही
अन्य जिलों की तुलना में इस वर्ष भी सर्वाधिक धान की खरीदी हुई है। जिले
में अब तक सभी 239 केन्द्रों में 1 लाख 68 हजार 801 किसानों से 78 लाख 47
हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिले में इस बार भी धान खरीदी अधिक हुई है, इस लिए खरीदी में प्रदेश
भर में यह जिला आगे है। जिले में 2 लाख 55 हजार 956 हेक्टेयर में खरीफ़ की
फ़सल लगाई जाती है।
इनमें
से 92 प्रतिशत भूमि सिंचित व 8 प्रतिशत असिंचित हैं। राज्य शासन द्वारा
समर्थन मूल्य पर जिले में 196 सेवा सहकारी समितियों के 239 केन्द्रों में
धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी के लिए 1 लाख 98 हजार
किसानों का पंजीयन किया गया है। राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 25
सौ रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से प्रति एकड़ 15
क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी की जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार
भी जीरो शार्टेज का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए व्यवस्था में कुछ बदलाव
किया गया है। जिले में 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू हुई।शासन द्वारा केन्द्रों में धान बिक्री के लिए लिमिट तय कर खरीदी की जा रही
है। खरीदी के दौरान समय-समय पर खराब मौसम और बारिश के चलते कई दिनों तक
खरीदी बंद रही। ऐसे कई कारणों के चलते इस साल धान खरीदी जिले में पिछड़ गई
है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है,
लेकिन खरीदी के अंतिम समय पर बेमौसम भारी बारिश से खरीदी प्रभावित होने के
कारण शासन ने धान खरीदी के लिए सात दिन बढ़ाने का आदेश जारी किया है। अब
खरीदी 7 फरवरी तक की जाएगी।इस बार धान बिक्री के लिए जिले में 1 लाख 98 हजार किसानों ने पंजीयन कराया
था, जबकि पिछले वर्ष 1 लाख 73 हजार किसानों ने ही पंजीयन कराया था। इस तरह
इस बार लगभग 26 हजार किसानों ने नया पंजीयन कराया है। इस बार धान खरीदी पर
कड़ी निगरानी रखने प्रशासन चौकस है। प्रशासन द्वारा पिछले साल की तरह इस बार
भी जीरो शार्टेज का लक्ष्य रखा गया है।
जांजगीर-चांपा। इस बार भी जिला धान खरीदी में प्रदेश में
आगे है। क्षेत्र में पर्याप्त बारिश के होने के चलते फ़सल अच्छी रही। साथ ही
अन्य जिलों की तुलना में इस वर्ष भी सर्वाधिक धान की खरीदी हुई है। जिले
में अब तक सभी 239 केन्द्रों में 1 लाख 68 हजार 801 किसानों से 78 लाख 47
हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिले में इस बार भी धान खरीदी अधिक हुई है, इस लिए खरीदी में प्रदेश
भर में यह जिला आगे है। जिले में 2 लाख 55 हजार 956 हेक्टेयर में खरीफ़ की
फ़सल लगाई जाती है।
इनमें
से 92 प्रतिशत भूमि सिंचित व 8 प्रतिशत असिंचित हैं। राज्य शासन द्वारा
समर्थन मूल्य पर जिले में 196 सेवा सहकारी समितियों के 239 केन्द्रों में
धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी के लिए 1 लाख 98 हजार
किसानों का पंजीयन किया गया है। राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 25
सौ रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से प्रति एकड़ 15
क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी की जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार
भी जीरो शार्टेज का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए व्यवस्था में कुछ बदलाव
किया गया है। जिले में 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू हुई।शासन द्वारा केन्द्रों में धान बिक्री के लिए लिमिट तय कर खरीदी की जा रही
है। खरीदी के दौरान समय-समय पर खराब मौसम और बारिश के चलते कई दिनों तक
खरीदी बंद रही। ऐसे कई कारणों के चलते इस साल धान खरीदी जिले में पिछड़ गई
है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है,
लेकिन खरीदी के अंतिम समय पर बेमौसम भारी बारिश से खरीदी प्रभावित होने के
कारण शासन ने धान खरीदी के लिए सात दिन बढ़ाने का आदेश जारी किया है। अब
खरीदी 7 फरवरी तक की जाएगी।इस बार धान बिक्री के लिए जिले में 1 लाख 98 हजार किसानों ने पंजीयन कराया
था, जबकि पिछले वर्ष 1 लाख 73 हजार किसानों ने ही पंजीयन कराया था। इस तरह
इस बार लगभग 26 हजार किसानों ने नया पंजीयन कराया है। इस बार धान खरीदी पर
कड़ी निगरानी रखने प्रशासन चौकस है। प्रशासन द्वारा पिछले साल की तरह इस बार
भी जीरो शार्टेज का लक्ष्य रखा गया है।


Journalist खबरीलाल












