रायपुर। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी दफ़्तरों में पूरे पांच दिन कार्य दिवस एवं दो दिन (शनिवार एवं रविवार) अवकाश की जो घोषणा की है उससे अधिकारी एवं कर्मचारी वर्ग में काफ़ी हर्ष व्याप्त है। जहां विभिन्न कर्मचारी संगठन बयान जारी कर मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं वहीं अधिकारी वर्ग की तरफ से सोशल मीडिया पर -आख़िर दो दिन के अवकाश की क्या महत्ता है- इस पर पूरा तर्क सामने रखते हुए सोशल मीडिया पर खुशी जताई जा रही है।
बिलासपुर एसडीएम पुलक भट्टाचार्य ने फेस बुक पर लिखा है कि “दो दिन के अवकाश से जहां अधिकारियों-कर्मचारियों का पारिवारिक जीवन तो सुखद होगा वहीं पर्यटन उद्योग को ग्राफ ऊपर जाएगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।”
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 73वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में हर्ष और उल्लास के वातावरण में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों, नीतियों, योजनाओं तथा उपलब्धियों पर केन्द्रित जनता के नाम संदेश का वाचन किया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि- “आज इस मंच से घोषणा करता हूं कि शासकीय कर्मचारियों की कार्य क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अब 5 कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करेगी।” मुख्यमंत्री की इस घोषणा से हर्षित कर्मचारी संगठनों एवं अधिकारी वर्ग की तरफ से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है।
बिलासपुर एसडीएम पुलक भट्टाचार्य ने अपने फ़ेस बुक वॉल पर लिखा कि “5 डे वीक का किसी देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ता है। विश्व के कई देशों में फाइव डे वीक चलन में है। अब तो कई देशों में फ्राइडे दोपहर से ही अवकाश दिया जाने लगा है। इस एक फैसले से टूरिज्म डिपार्टमेंट को बूम मिलेगा। टूरिज्म के आगे बढ़ते ही होटल रेस्टोरेंट व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट जिनमें अभी सवारी की कमी है एकदम से तेजी आएगी। दो दिनों के अवकाश से लोग बाजारों में निकलेंगे जिससे बाजारों में पैसा आएगा।
प्रत्येक सप्ताह घूमने की सुविधा मिलने से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी फायदा होगा।कर्मचारी अपने परिवार तथा समाज को समय देंगे जिससे सामाजिक समरसता में वृद्धि होगी। आज कार्य की अधिकता के कारण लोग परिवार को समय नहीं दे पाते जिसके कारण पारिवारिक तनाव में लगातार वृद्धि हो रही है इस एक कदम से पारिवारिक जीवन भी सुखद होगा। लोग अपने बच्चों को अधिक समय दे सकेंगे जिस से राज्य की आने वाली पीढ़ी सशक्त होगी। आज अकस्मात यह घोषणा हुई पर व्यक्तिगत रूप से इसका वर्षों से इंतजार था। छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन स्थलों को घूमने की सबकी इच्छा अब जरूर पूर्ण होगी।
रायपुर। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी दफ़्तरों में पूरे पांच दिन कार्य दिवस एवं दो दिन (शनिवार एवं रविवार) अवकाश की जो घोषणा की है उससे अधिकारी एवं कर्मचारी वर्ग में काफ़ी हर्ष व्याप्त है। जहां विभिन्न कर्मचारी संगठन बयान जारी कर मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं वहीं अधिकारी वर्ग की तरफ से सोशल मीडिया पर -आख़िर दो दिन के अवकाश की क्या महत्ता है- इस पर पूरा तर्क सामने रखते हुए सोशल मीडिया पर खुशी जताई जा रही है।
बिलासपुर एसडीएम पुलक भट्टाचार्य ने फेस बुक पर लिखा है कि “दो दिन के अवकाश से जहां अधिकारियों-कर्मचारियों का पारिवारिक जीवन तो सुखद होगा वहीं पर्यटन उद्योग को ग्राफ ऊपर जाएगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।”
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 73वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में हर्ष और उल्लास के वातावरण में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों, नीतियों, योजनाओं तथा उपलब्धियों पर केन्द्रित जनता के नाम संदेश का वाचन किया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि- “आज इस मंच से घोषणा करता हूं कि शासकीय कर्मचारियों की कार्य क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अब 5 कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करेगी।” मुख्यमंत्री की इस घोषणा से हर्षित कर्मचारी संगठनों एवं अधिकारी वर्ग की तरफ से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है।
बिलासपुर एसडीएम पुलक भट्टाचार्य ने अपने फ़ेस बुक वॉल पर लिखा कि “5 डे वीक का किसी देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ता है। विश्व के कई देशों में फाइव डे वीक चलन में है। अब तो कई देशों में फ्राइडे दोपहर से ही अवकाश दिया जाने लगा है। इस एक फैसले से टूरिज्म डिपार्टमेंट को बूम मिलेगा। टूरिज्म के आगे बढ़ते ही होटल रेस्टोरेंट व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट जिनमें अभी सवारी की कमी है एकदम से तेजी आएगी। दो दिनों के अवकाश से लोग बाजारों में निकलेंगे जिससे बाजारों में पैसा आएगा।
प्रत्येक सप्ताह घूमने की सुविधा मिलने से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी फायदा होगा।कर्मचारी अपने परिवार तथा समाज को समय देंगे जिससे सामाजिक समरसता में वृद्धि होगी। आज कार्य की अधिकता के कारण लोग परिवार को समय नहीं दे पाते जिसके कारण पारिवारिक तनाव में लगातार वृद्धि हो रही है इस एक कदम से पारिवारिक जीवन भी सुखद होगा। लोग अपने बच्चों को अधिक समय दे सकेंगे जिस से राज्य की आने वाली पीढ़ी सशक्त होगी। आज अकस्मात यह घोषणा हुई पर व्यक्तिगत रूप से इसका वर्षों से इंतजार था। छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन स्थलों को घूमने की सबकी इच्छा अब जरूर पूर्ण होगी।


Journalist खबरीलाल












