उज्जैन उज्जैन में दुष्कर्म के आरोपी कॉन्स्टेबल को बचाने के
लिए खाकी दागदार हुई है। कॉन्स्टेबल को बचाने के लिए उसे एक साथी ने DNA
जांच के लिए अपना स्पर्म और ब्लड सैंपल भेज दिया। हालांकि समय रहते यह
आलाअफसरों को पता चल गया। मामले में SP सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने जांच के
आदेश दिए हैं। कहा कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
3 साल तक शोषण करता रहा कॉन्स्टेबल
मामला
उन्हेल इलाके का है। यहां के न्यू अशोक नगर में एक युवती किराए के मकान
में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है। लड़की की दोस्ती पड़ोस में
रहने वाले कॉन्स्टेबल अजय अस्तेय से हुई। उसने युवती को शादी का सब्जबाग
दिखाया और 3 साल तक उसका शोषण करता रहा। 4 दिसंबर को युवती को अजय की सगाई
किसी अन्य लड़की से होने का पता चला तो कॉन्स्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का केस
दर्ज करा दिया। केस दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद अजय को नागझिरी में शादी
समारोह से लौटते समय गिरफ्तार कर लिया था।
अजय के बजाय साथी ने दिया सैंपल
पुलिस
आरोपी अजय को 5 दिसंबर को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर गई थी।
परीक्षण के बाद अजय को जेल भेजा जाता। मेडिकल के समय अजय के दो साथी आरक्षक
भी आए थे। डॉक्टरों की टीम मेडिकल परीक्षण के लिए अजय के शुक्राणु और ब्लड
सैंपल लेती। अजय के शुक्राणु, ब्लड सैंपल और पीड़ित के वेजाइनल स्वैब की
स्लाइड फोरेंसिक लैब भोपाल भेजी जाती, जहां दोनों के डीएनए प्रोफाइल का
मिलान होता।
प्रोफाइल मैच करते ही साबित हो जाता
कि अजय ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। अगर यह प्रोफाइल मैच नहीं
करता तो पुलिस कोर्ट में यह साबित करने में फेल हो जाती कि अजय ने युवती के
साथ रेप किया है। लिहाजा सबूतों के अभाव में आरोपी अजय अदालत में बच जाता।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में अजय की जगह उसके साथी कॉन्स्टेबल
ने पहचान छिपाते हुए ब्लड और स्पर्म का सैंपल दे दिया।अस्पताल के एक
स्वास्थ्यकर्मी को इस साजिश का पता चल गया। उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी को
इसकी जानकारी दी। बाद में पुलिस उच्चाधिकारियों को भी बताया।
6 दिसंबर को जेल भेजा गया अजय
पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, कॉन्स्टेबलों की इस साजिश का जब उच्चाधिकारियों का
पता चला तो उन्होंने अजय को शनिवार (5 दिसंबर) को जेल नहीं भेजा। रविवार
यानी 6 दिसंबर को एक सब इंस्पेक्टर की निगरानी में आरोपी का फिर से मेडिकल
परीक्षण कराया गया। इसके बाद सेंट्रल जेल भैरवगढ़ भेजा गया।
उज्जैन उज्जैन में दुष्कर्म के आरोपी कॉन्स्टेबल को बचाने के
लिए खाकी दागदार हुई है। कॉन्स्टेबल को बचाने के लिए उसे एक साथी ने DNA
जांच के लिए अपना स्पर्म और ब्लड सैंपल भेज दिया। हालांकि समय रहते यह
आलाअफसरों को पता चल गया। मामले में SP सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने जांच के
आदेश दिए हैं। कहा कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
3 साल तक शोषण करता रहा कॉन्स्टेबल
मामला
उन्हेल इलाके का है। यहां के न्यू अशोक नगर में एक युवती किराए के मकान
में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है। लड़की की दोस्ती पड़ोस में
रहने वाले कॉन्स्टेबल अजय अस्तेय से हुई। उसने युवती को शादी का सब्जबाग
दिखाया और 3 साल तक उसका शोषण करता रहा। 4 दिसंबर को युवती को अजय की सगाई
किसी अन्य लड़की से होने का पता चला तो कॉन्स्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का केस
दर्ज करा दिया। केस दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद अजय को नागझिरी में शादी
समारोह से लौटते समय गिरफ्तार कर लिया था।
अजय के बजाय साथी ने दिया सैंपल
पुलिस
आरोपी अजय को 5 दिसंबर को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर गई थी।
परीक्षण के बाद अजय को जेल भेजा जाता। मेडिकल के समय अजय के दो साथी आरक्षक
भी आए थे। डॉक्टरों की टीम मेडिकल परीक्षण के लिए अजय के शुक्राणु और ब्लड
सैंपल लेती। अजय के शुक्राणु, ब्लड सैंपल और पीड़ित के वेजाइनल स्वैब की
स्लाइड फोरेंसिक लैब भोपाल भेजी जाती, जहां दोनों के डीएनए प्रोफाइल का
मिलान होता।
प्रोफाइल मैच करते ही साबित हो जाता
कि अजय ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। अगर यह प्रोफाइल मैच नहीं
करता तो पुलिस कोर्ट में यह साबित करने में फेल हो जाती कि अजय ने युवती के
साथ रेप किया है। लिहाजा सबूतों के अभाव में आरोपी अजय अदालत में बच जाता।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में अजय की जगह उसके साथी कॉन्स्टेबल
ने पहचान छिपाते हुए ब्लड और स्पर्म का सैंपल दे दिया।अस्पताल के एक
स्वास्थ्यकर्मी को इस साजिश का पता चल गया। उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी को
इसकी जानकारी दी। बाद में पुलिस उच्चाधिकारियों को भी बताया।
6 दिसंबर को जेल भेजा गया अजय
पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, कॉन्स्टेबलों की इस साजिश का जब उच्चाधिकारियों का
पता चला तो उन्होंने अजय को शनिवार (5 दिसंबर) को जेल नहीं भेजा। रविवार
यानी 6 दिसंबर को एक सब इंस्पेक्टर की निगरानी में आरोपी का फिर से मेडिकल
परीक्षण कराया गया। इसके बाद सेंट्रल जेल भैरवगढ़ भेजा गया।



Journalist खबरीलाल














