रायपुर. स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में कार्गो हब,
नाइट पार्किंग के साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार प्रदेश के एविएशन
सेक्टर के विकास के लिए आवश्यक है. छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे क्षेत्रीय
एयरपोर्ट जगदलपुर एवं बिलासपुर के लिए नई उड़ानें उपलब्ध कराया जाना
प्राथमिकता है. रायपुर और राज्य में हवाई सुविधाओं और कनेक्टिविटी समेत
अन्य मुद्दों को लेकर राजधानी के कई संगठन कल शनिवार को रायपुर के प्रवास
पर आ रहे नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलने वाले हैं.
राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विधायकों, सांसदों की तरफ से जिस
तरह का दबाव केंद्र सरकार पर बनाया जाना चाहिए, वह नहीं दिखता. रायपुर
एयरपोर्ट देश के मध्य में होने के कारण यहां पर कार्गो हब का निर्माण
देश-प्रदेश की व्यावसायिक गतिविधियों को और अधिक तीव्र करेगा.
राज्य के व्यापारिक संगठन भी लंबे समय से इसकी मांग करते आ रहे हैं. रायपुर एयरपोर्ट के पास जमीन की उपलब्धता है, जरूरत
केवल वातानुकूलित वेयर हाउस बनाने की है. एक्सक्लूजिव कार्गो μलाइट के संचालन से जहां यहां तक माल का पहुंचाना आसान होगा
वहीं यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए उत्पादों के निर्यात का भी अच्छा
बाजार मिलेगा. टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार-रायपुर एयरपोर्ट की नई टर्मिनल
बिल्डिंग की सालाना 25 लाख यात्रियों के आवागमन संभालने की क्षमता है.
वित्तीय साल 2019-2020 में 21 लाख से
ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है. दिसम्बर 2021 में भी एक माह के दौरान 2 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन हुआ है.
भविष्य की स्थिति को देखते हुए इसके विस्तार का भी प्लान आवश्यक है
रायपुर. स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में कार्गो हब,
नाइट पार्किंग के साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार प्रदेश के एविएशन
सेक्टर के विकास के लिए आवश्यक है. छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे क्षेत्रीय
एयरपोर्ट जगदलपुर एवं बिलासपुर के लिए नई उड़ानें उपलब्ध कराया जाना
प्राथमिकता है. रायपुर और राज्य में हवाई सुविधाओं और कनेक्टिविटी समेत
अन्य मुद्दों को लेकर राजधानी के कई संगठन कल शनिवार को रायपुर के प्रवास
पर आ रहे नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलने वाले हैं.
राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विधायकों, सांसदों की तरफ से जिस
तरह का दबाव केंद्र सरकार पर बनाया जाना चाहिए, वह नहीं दिखता. रायपुर
एयरपोर्ट देश के मध्य में होने के कारण यहां पर कार्गो हब का निर्माण
देश-प्रदेश की व्यावसायिक गतिविधियों को और अधिक तीव्र करेगा.
राज्य के व्यापारिक संगठन भी लंबे समय से इसकी मांग करते आ रहे हैं. रायपुर एयरपोर्ट के पास जमीन की उपलब्धता है, जरूरत
केवल वातानुकूलित वेयर हाउस बनाने की है. एक्सक्लूजिव कार्गो μलाइट के संचालन से जहां यहां तक माल का पहुंचाना आसान होगा
वहीं यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए उत्पादों के निर्यात का भी अच्छा
बाजार मिलेगा. टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार-रायपुर एयरपोर्ट की नई टर्मिनल
बिल्डिंग की सालाना 25 लाख यात्रियों के आवागमन संभालने की क्षमता है.
वित्तीय साल 2019-2020 में 21 लाख से
ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है. दिसम्बर 2021 में भी एक माह के दौरान 2 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन हुआ है.
भविष्य की स्थिति को देखते हुए इसके विस्तार का भी प्लान आवश्यक है


Journalist खबरीलाल












