श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने शनिवार को
परिसीमन आयोग के दूसरे मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें जम्मू
कश्मीर में नए निर्वाचन क्षेत्रों के गठन और अन्य के पुर्निनर्धारण का
सुझाव दिया गया है. नेकां प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा, ‘‘पार्टी ने चार
फरवरी 2022 को परिसीमन आयोग द्वारा सहयोगी सदस्यों को उपलब्ध कराए गए मसौदा
दस्तावेज को स्पष्ट तौर पर खारिज कर दिया.’’ ताजा प्रस्ताव में केंद्र
शासित प्रदेश में निर्वाचन क्षेत्रों के पुर्निनर्धारण के साथ-साथ निर्वाचन
क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि करना शामिल है. इसके तहत जम्मू क्षेत्र
में छह और कश्मीर क्षेत्र में एक सीट बढ़ाने का सुझाव है. डार ने कहा कि
आयोग की रिपोर्ट में जो प्रस्ताव दिया गया है, उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं
पर चर्चा करने के बाद पार्टी की विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी.
इससे पहले भी, पार्टी ने आयोग के पहले मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया
था जिसमें जम्मू में छह विधानसभा सीटों और कश्मीर में एक विधानसभा सीट
बढ़ाने का प्रस्ताव था. घाटी में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने इस प्रस्ताव
का विरोध किया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आयोग को 31 दिसंबर को अपने जवाब
में केंद्र के पांच अगस्त 2019 के फैसलों को कानूनी चुनौती के मद्देनजर
कवायद पर रोक लगाने का आ’’ान किया था, जब संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत
जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया था.
श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने शनिवार को
परिसीमन आयोग के दूसरे मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें जम्मू
कश्मीर में नए निर्वाचन क्षेत्रों के गठन और अन्य के पुर्निनर्धारण का
सुझाव दिया गया है. नेकां प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा, ‘‘पार्टी ने चार
फरवरी 2022 को परिसीमन आयोग द्वारा सहयोगी सदस्यों को उपलब्ध कराए गए मसौदा
दस्तावेज को स्पष्ट तौर पर खारिज कर दिया.’’ ताजा प्रस्ताव में केंद्र
शासित प्रदेश में निर्वाचन क्षेत्रों के पुर्निनर्धारण के साथ-साथ निर्वाचन
क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि करना शामिल है. इसके तहत जम्मू क्षेत्र
में छह और कश्मीर क्षेत्र में एक सीट बढ़ाने का सुझाव है. डार ने कहा कि
आयोग की रिपोर्ट में जो प्रस्ताव दिया गया है, उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं
पर चर्चा करने के बाद पार्टी की विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी.
इससे पहले भी, पार्टी ने आयोग के पहले मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया
था जिसमें जम्मू में छह विधानसभा सीटों और कश्मीर में एक विधानसभा सीट
बढ़ाने का प्रस्ताव था. घाटी में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने इस प्रस्ताव
का विरोध किया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आयोग को 31 दिसंबर को अपने जवाब
में केंद्र के पांच अगस्त 2019 के फैसलों को कानूनी चुनौती के मद्देनजर
कवायद पर रोक लगाने का आ’’ान किया था, जब संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत
जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया था.


Journalist खबरीलाल












