रायपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय
(पीआईबी) और प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के संयुक्त
तत्वावधान में क्षेत्रीय लोकसंपर्क कार्यालय (एफओबी), बिलासपुर के सहयोग से
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक कोरोना संक्रमण - स्वास्थ्य और
समाज में इसका प्रभाव विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
वेबिनार को
संबोधित करते हुए बिलासपुर के चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर पी.के. वैष्णव ने
बताया कि हमें कोविड-19 से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपना बचाव करना
है। सरकार द्वारा दी गयी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजऱ (एसओपी) का ध्यान
रखते हुए, अपने दायित्वों का पालन करना है। डॉक्टर वैष्णव ने क्वारंटाइन,
आइसोलेशन, उपचार, मॉस्क के उपयोग, स्वच्छता, बिलासपुर में कोविड-19 के
संदर्भ में शासन द्वारा की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा
कि प्रदेश में कोराना के मरीज जरूर कम हुए हैं, लेकिन कारोना अभी खत्म
नहीं हुआ है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
इस अवसर पर पंडित सुंदरलाल शर्मा
विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सामाजिक कार्य एवं समाज शास्त्र संकाय के
विभागाध्यक्ष, डॉक्टर संजीव लावनिया ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कोविड-19 का प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा
कि इस महामारी के कारण लोग घरों में सीमित हो गए हैं, एक-दूसरे को संदेह की
नजर से देख रहे हैं। लोगों में एकाकीपन, आत्महत्या और मानसिक अवसाद के
मामले बढ़े हैं। पहले लोग मुसीबत में एक-दूसरे की मदद करते थे, लेकिन अब,
लोगों को स्वयं इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टर लावनिया ने
कहा कि वहीं इसका दूसरा पहलू भी है, लॉकडाउन के चलते अपने घरों में बंद
लोग फोन और इंटरनेट के जरिए अपने परिवार और दोस्तों से जुड़ रहे हैं. खास
बात यह है कि वे ऐसा कर खूब रहे हैं. वे लोग जो कभी व्यस्त होने या फिर
घरवालों को वरीयता न देने के चलते कभी-कभार ही उनसे संपर्क करते थे, अब घर
की खैर-खबर नियमित तौर पर लेते दिखने लगे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग तो
अपने भूले-बिसरे दोस्तों और रिश्तेदारों को भी खोज-खोजकर उनका हालचाल जानने
के बहाने खुद को व्यस्त और खुश रखने की कोशिश करते दिख रहे हैं.
इस
मौके पर पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के अपर महानिदेशक सुदर्शन पनतोड़े ने
कहा कि इस वेबिनार में विशेषज्ञों के माध्यम से जो जानकारी मिली है, उसे
स्वयं तक सीमित न रखकर, हमें समाज के सभी लोगों को बताना चाहिए, उन्हें
जागरूक करना करना चाहिए। उन्होंने वेबिनार में शामिल सभी प्रतिभागियों का
आभार व्यक्त किया। वेबिनार के दौरान पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का
समाधान अतिथि वक्ताओं द्वारा किया गया। वेबिनार का संचालन रीजनल आऊरीच
ब्यूरो (आरओबी), रायपुर के कार्यालय प्रमुख श्री शैलैष फाये ने किया।
रायपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय
(पीआईबी) और प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के संयुक्त
तत्वावधान में क्षेत्रीय लोकसंपर्क कार्यालय (एफओबी), बिलासपुर के सहयोग से
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक कोरोना संक्रमण - स्वास्थ्य और
समाज में इसका प्रभाव विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
वेबिनार को
संबोधित करते हुए बिलासपुर के चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर पी.के. वैष्णव ने
बताया कि हमें कोविड-19 से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपना बचाव करना
है। सरकार द्वारा दी गयी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजऱ (एसओपी) का ध्यान
रखते हुए, अपने दायित्वों का पालन करना है। डॉक्टर वैष्णव ने क्वारंटाइन,
आइसोलेशन, उपचार, मॉस्क के उपयोग, स्वच्छता, बिलासपुर में कोविड-19 के
संदर्भ में शासन द्वारा की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा
कि प्रदेश में कोराना के मरीज जरूर कम हुए हैं, लेकिन कारोना अभी खत्म
नहीं हुआ है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
इस अवसर पर पंडित सुंदरलाल शर्मा
विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सामाजिक कार्य एवं समाज शास्त्र संकाय के
विभागाध्यक्ष, डॉक्टर संजीव लावनिया ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कोविड-19 का प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा
कि इस महामारी के कारण लोग घरों में सीमित हो गए हैं, एक-दूसरे को संदेह की
नजर से देख रहे हैं। लोगों में एकाकीपन, आत्महत्या और मानसिक अवसाद के
मामले बढ़े हैं। पहले लोग मुसीबत में एक-दूसरे की मदद करते थे, लेकिन अब,
लोगों को स्वयं इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टर लावनिया ने
कहा कि वहीं इसका दूसरा पहलू भी है, लॉकडाउन के चलते अपने घरों में बंद
लोग फोन और इंटरनेट के जरिए अपने परिवार और दोस्तों से जुड़ रहे हैं. खास
बात यह है कि वे ऐसा कर खूब रहे हैं. वे लोग जो कभी व्यस्त होने या फिर
घरवालों को वरीयता न देने के चलते कभी-कभार ही उनसे संपर्क करते थे, अब घर
की खैर-खबर नियमित तौर पर लेते दिखने लगे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग तो
अपने भूले-बिसरे दोस्तों और रिश्तेदारों को भी खोज-खोजकर उनका हालचाल जानने
के बहाने खुद को व्यस्त और खुश रखने की कोशिश करते दिख रहे हैं.
इस
मौके पर पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के अपर महानिदेशक सुदर्शन पनतोड़े ने
कहा कि इस वेबिनार में विशेषज्ञों के माध्यम से जो जानकारी मिली है, उसे
स्वयं तक सीमित न रखकर, हमें समाज के सभी लोगों को बताना चाहिए, उन्हें
जागरूक करना करना चाहिए। उन्होंने वेबिनार में शामिल सभी प्रतिभागियों का
आभार व्यक्त किया। वेबिनार के दौरान पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का
समाधान अतिथि वक्ताओं द्वारा किया गया। वेबिनार का संचालन रीजनल आऊरीच
ब्यूरो (आरओबी), रायपुर के कार्यालय प्रमुख श्री शैलैष फाये ने किया।



Journalist खबरीलाल














