रायपुर । गुप्त नवरात्रि के
सातवें दिन सप्तमी तिथि पर देवी मंदिरों में अभिषेक कर श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के बाद महाआरती की गई। इसमें मंदिर के पुजारी और ट्रस्टी ही शामिल
हुए। रायपुर महामाया मंदिर के पुजारी पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि
सप्तमी पर सुबह श्रृंगार कर दोपहर को मध्यान्ह आरती की गई। मंदिर में इन
दिनों देवी के 10 महाविद्या की पूजा गुप्त रूप से की जा रही है। रायपुर के
सत्ती बाज़ार के अंबा मंदिर और जेल रोड के चामुंडा मंदिर में भी सप्तमी पर
विशेष पूजा, आरती की गई।
अष्टमी तिथि दो दिन
गुप्त
नवरात्रि पर अष्टमी तिथि दो दिन पड़ रही है। 8 और 9 फरवरी को अष्टमी तिथि
होने से दो दिन तक हवन किया जा सकता है। 10 फरवरी को नवमी तिथि पर नवरात्रि
का समापन होगा।
गुप्त जोत विसर्जन
नवमीं तिथि पर मंदिर
की बावली, कुआं में ज्योति का गुप्त रूप से विसर्जन 10 फरवरी को किया
जाएगा। महिलाएं कलश लेकर ज्योत विसर्जन करेंगी। इन मंदिरों के अलावा
कुशालपुर के दंतेश्वरी मंदिर, महादेव के काली मंदिर, अमलेश्वर के बगुलामुखी
मंदिर, बंधवा पारा के सतबहिनिया मंदिर, ब्राम्हण पारा के कंकाली मंदिर
समेत अनेक देवी मंदिरों में गुप्त नवरात्रि की पूजा की जा रही है।
विशेष पूजा में मंदिर से जुड़े लोग शामिल
गुप्त
नवरात्रि के सातवें दिन सप्तमी तिथि पर देवी मंदिरों में विशेष शृंगार और
पूजन-हवन में मंदिर से जुड़े लोग ही शामिल हुए। इस दौरान बाहरी भक्त कम ही
रहे। शृंगार और पूजा के लिए सुबह से ही मंदिर में तैयारियां चल रही थी।
रायपुर । गुप्त नवरात्रि के
सातवें दिन सप्तमी तिथि पर देवी मंदिरों में अभिषेक कर श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के बाद महाआरती की गई। इसमें मंदिर के पुजारी और ट्रस्टी ही शामिल
हुए। रायपुर महामाया मंदिर के पुजारी पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि
सप्तमी पर सुबह श्रृंगार कर दोपहर को मध्यान्ह आरती की गई। मंदिर में इन
दिनों देवी के 10 महाविद्या की पूजा गुप्त रूप से की जा रही है। रायपुर के
सत्ती बाज़ार के अंबा मंदिर और जेल रोड के चामुंडा मंदिर में भी सप्तमी पर
विशेष पूजा, आरती की गई।
अष्टमी तिथि दो दिन
गुप्त
नवरात्रि पर अष्टमी तिथि दो दिन पड़ रही है। 8 और 9 फरवरी को अष्टमी तिथि
होने से दो दिन तक हवन किया जा सकता है। 10 फरवरी को नवमी तिथि पर नवरात्रि
का समापन होगा।
गुप्त जोत विसर्जन
नवमीं तिथि पर मंदिर
की बावली, कुआं में ज्योति का गुप्त रूप से विसर्जन 10 फरवरी को किया
जाएगा। महिलाएं कलश लेकर ज्योत विसर्जन करेंगी। इन मंदिरों के अलावा
कुशालपुर के दंतेश्वरी मंदिर, महादेव के काली मंदिर, अमलेश्वर के बगुलामुखी
मंदिर, बंधवा पारा के सतबहिनिया मंदिर, ब्राम्हण पारा के कंकाली मंदिर
समेत अनेक देवी मंदिरों में गुप्त नवरात्रि की पूजा की जा रही है।
विशेष पूजा में मंदिर से जुड़े लोग शामिल
गुप्त
नवरात्रि के सातवें दिन सप्तमी तिथि पर देवी मंदिरों में विशेष शृंगार और
पूजन-हवन में मंदिर से जुड़े लोग ही शामिल हुए। इस दौरान बाहरी भक्त कम ही
रहे। शृंगार और पूजा के लिए सुबह से ही मंदिर में तैयारियां चल रही थी।


Journalist खबरीलाल












