रायपुर । छत्तीसगढ़ में नौ दिनों तक
कामकाज ठप रहने के बाद सोमवार को रायपुर तहसील कार्यालय खुला। नामांतरण,
जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास सहित जमीन संबंधी मामलों को लेकर काफी संख्या
में लोग पहुंचे। आम लोगों के साथ ही अधिवक्ताओं की भी चहल-पहल रही, लेकिन
ज्यादातर लोगों का काम नहीं हुआ। कुछ लोगों को जहां सुनवाई के लिए आगे की
तारीख बताई गई तो कुछ लोगों का काम इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि अधिकारी
नहीं आए थे। हालांकि कुछ लोगों ने काम होने पर राहत की सांस ली। दूसरे दिन
मंगलवार को भी सोमवार की तुलना में अधिक लोग तहसील दफ्तर पहुंचे। गौरतलब है कि रायगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच हुई
मारपीट की घटना के बाद प्रदेश भर के तहसील न्यायालयों में हड़ताल शुरू हो गई
थी। पांच दिन तक तो प्रशासनिक अधिकारी हड़ताल पर थे और चार दिन शासकीय
अवकाश था। इस प्रकार नौ दिनों तक कामकाज ठप रहा।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में नौ दिनों तक
कामकाज ठप रहने के बाद सोमवार को रायपुर तहसील कार्यालय खुला। नामांतरण,
जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास सहित जमीन संबंधी मामलों को लेकर काफी संख्या
में लोग पहुंचे। आम लोगों के साथ ही अधिवक्ताओं की भी चहल-पहल रही, लेकिन
ज्यादातर लोगों का काम नहीं हुआ। कुछ लोगों को जहां सुनवाई के लिए आगे की
तारीख बताई गई तो कुछ लोगों का काम इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि अधिकारी
नहीं आए थे। हालांकि कुछ लोगों ने काम होने पर राहत की सांस ली। दूसरे दिन
मंगलवार को भी सोमवार की तुलना में अधिक लोग तहसील दफ्तर पहुंचे। गौरतलब है कि रायगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच हुई
मारपीट की घटना के बाद प्रदेश भर के तहसील न्यायालयों में हड़ताल शुरू हो गई
थी। पांच दिन तक तो प्रशासनिक अधिकारी हड़ताल पर थे और चार दिन शासकीय
अवकाश था। इस प्रकार नौ दिनों तक कामकाज ठप रहा।



Journalist खबरीलाल














