रायपुर. विश्व एक निरंतर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है.
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने कई सामाजिक, आर्थिक चुनौतियों को जन्म
दिया है. यह हमारी युवा शक्ति के योगदान से ही संभव हो पाया है कि भारत ने
चुनौतियों को अवसरों को परिवर्तित कर दिखाया. आज के समय में कोरोना वैक्सीन
की खोज कर इतनी बड़ी संख्या का टीकाकरण एवं नवीन तकनीकी का उपयोग कर
व्यवसाय, शिक्षा आदि क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना युवा शक्ति का
उदाहरण है. यह बातें मैट्स यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह राष्ट्रीय
सुरक्षा सलाहकार डॉ. अजीत डोभाल ने अपने वीडियो संदेश में कहीं. डॉ. डोभाल
ने दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रण स्वीकार किया था
किन्तु स्वास्थ्यगत कारणों से नहीं आ सके. उन्होंने दीक्षांत समारोह में
अपना वक्तव्य प्रेषित किया जिसे विधिवत प्रसारित किया गया. दीक्षांत समारोह
की मुख्य अतिथि राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने कहा कि खुशी की बात है
कि मैट्स विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के साथ सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
रायपुर. विश्व एक निरंतर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है.
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने कई सामाजिक, आर्थिक चुनौतियों को जन्म
दिया है. यह हमारी युवा शक्ति के योगदान से ही संभव हो पाया है कि भारत ने
चुनौतियों को अवसरों को परिवर्तित कर दिखाया. आज के समय में कोरोना वैक्सीन
की खोज कर इतनी बड़ी संख्या का टीकाकरण एवं नवीन तकनीकी का उपयोग कर
व्यवसाय, शिक्षा आदि क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना युवा शक्ति का
उदाहरण है. यह बातें मैट्स यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह राष्ट्रीय
सुरक्षा सलाहकार डॉ. अजीत डोभाल ने अपने वीडियो संदेश में कहीं. डॉ. डोभाल
ने दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रण स्वीकार किया था
किन्तु स्वास्थ्यगत कारणों से नहीं आ सके. उन्होंने दीक्षांत समारोह में
अपना वक्तव्य प्रेषित किया जिसे विधिवत प्रसारित किया गया. दीक्षांत समारोह
की मुख्य अतिथि राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने कहा कि खुशी की बात है
कि मैट्स विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के साथ सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.



Journalist खबरीलाल














