रायपुर। एकता परिषद ने छत्तीसगढ़ में शांति और न्याय की स्थापना के लिए
परिषद के संस्थापक राजगोपाल पीवी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की
और उन्हें सहयोग की पहल संबंधी पत्र सौंपा।
राजगोपाल ने मुख्यमंत्री को
सौंपे पत्र में लिखा है कि परिषद छत्तीसगढ़ में शांति और न्याय की स्थापना
को लेकर प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। छत्तीसगढ़ में
हिंसा से प्रभावित इलाकों में शांति की स्थापना के लिए दीर्घकालीन योजना के
माध्यम से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शांति और अहिंसा की स्थापना का सुझाव
दिया। इसके लिए छत्तीसगढ़ में शांति मंत्रालय की स्थापना की मांग एकता
परिषद द्वारा की गई है। परिषद ने बताया कि उनके सुझाव पर फिलहाल राजस्थान
की सरकार में शांति विभाग ने काम करना शुरू किया है। छत्तीसगढ़ में सभी
शैक्षणिक निकायों में शांति और सद्भावना से संबंधित औपचारिक शिक्षा सामाजिक
न्याय के स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
पाठ्यक्रमों में
औपचारिक शिक्षा के रूप में इसकी अपार संभावनाएं हैं। इसके अलावा जेलों में
शांति और सद्भावना विषय पर कैदियों और संबंधित कर्मचारियों के साथ संवाद
बेहद जरूरी है। एकता परिषद के कुछ साथी और सहयोगी संगठनों से इस संबंध में
किए जाने वाले प्रयासों में मदद ली जा सकती है।
एकता परिषद ने छत्तीसगढ़
में महात्मा गांधी जी के मूल्यों के प्रचार प्रसार के लिए एक गांधी भवन की
स्थापना का सुझाव दिया है, जिसके लिए विस्तृत योजना परिषद द्वारा प्रस्तुत
की जाएगी। राजगोपाल ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि सरकार और एकता
परिषद से जुड़े लोगों का मिला जुला प्रयास निश्चित ही शांति और न्याय की
स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने एकता परिषद
द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
रायपुर। एकता परिषद ने छत्तीसगढ़ में शांति और न्याय की स्थापना के लिए
परिषद के संस्थापक राजगोपाल पीवी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की
और उन्हें सहयोग की पहल संबंधी पत्र सौंपा।
राजगोपाल ने मुख्यमंत्री को
सौंपे पत्र में लिखा है कि परिषद छत्तीसगढ़ में शांति और न्याय की स्थापना
को लेकर प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। छत्तीसगढ़ में
हिंसा से प्रभावित इलाकों में शांति की स्थापना के लिए दीर्घकालीन योजना के
माध्यम से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शांति और अहिंसा की स्थापना का सुझाव
दिया। इसके लिए छत्तीसगढ़ में शांति मंत्रालय की स्थापना की मांग एकता
परिषद द्वारा की गई है। परिषद ने बताया कि उनके सुझाव पर फिलहाल राजस्थान
की सरकार में शांति विभाग ने काम करना शुरू किया है। छत्तीसगढ़ में सभी
शैक्षणिक निकायों में शांति और सद्भावना से संबंधित औपचारिक शिक्षा सामाजिक
न्याय के स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
पाठ्यक्रमों में
औपचारिक शिक्षा के रूप में इसकी अपार संभावनाएं हैं। इसके अलावा जेलों में
शांति और सद्भावना विषय पर कैदियों और संबंधित कर्मचारियों के साथ संवाद
बेहद जरूरी है। एकता परिषद के कुछ साथी और सहयोगी संगठनों से इस संबंध में
किए जाने वाले प्रयासों में मदद ली जा सकती है।
एकता परिषद ने छत्तीसगढ़
में महात्मा गांधी जी के मूल्यों के प्रचार प्रसार के लिए एक गांधी भवन की
स्थापना का सुझाव दिया है, जिसके लिए विस्तृत योजना परिषद द्वारा प्रस्तुत
की जाएगी। राजगोपाल ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि सरकार और एकता
परिषद से जुड़े लोगों का मिला जुला प्रयास निश्चित ही शांति और न्याय की
स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने एकता परिषद
द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।


Journalist खबरीलाल












