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news raipur:: झीरम कांड की जांच, मुख्यमंत्री बघेल और मंत्री लखमा से भाजपा ने मांगा इस्तीफा:

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 रायपुर।   झीरम मामले
में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जांच की अनुमति दे दी है। इससे इस मुद्दे
को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा फिर चढ़ने लगा है। भाजपा ने मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल और राज्य के आबकारी मंत्री कवासी लखमा से इस्तीफे की मांग कर दी
है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कोर्ट के फैसले का
स्वागत करते हुए पूछा है कि क्या राज्य की एजेंसी जांच करेगी तो क्या
मुख्यमंत्री और मंत्री से पूछताछ कर पाएगी?


अजय चंद्राकर ने कहा, कवासी लखमा चश्मदीद गवाह

सीएम
और मंत्री का इस्तीफा मांगने के पीछे भाजपा का तर्क यह है कि मंत्री लखमा
का घटना के चश्मदीद हैं। झीरम घाटी में जब नक्सलियों ने कांग्रसे के काफिले
पर हमला किया तब लखमा भी वहां मौजूद थे। वहीं, मुख्यमंत्री बघेल घटना के
बाद से लगातार कह रहे हैं कि उनके पास घटना के संबंध में पुख्ता सबूत हैं।
कांग्रेस इस घटना को राजनीतिक षडयंत्र बताती आ रही है। भाजपा विधायक अजय
चंद्राकर का तर्क है कि ऐसे में राज्य की एजेंसी को अपनी जांच के दौरान
मुख्यमंत्री और मंत्री से भी पूछताछ करना होगा। चंद्राकर ने कहा कि इसीलिए
राज्य के द्वारा जांच शुरू होने के पहले दोनों का इस्तीफा होना चाहिए। इससे
राज्य की एजेंसी बिना किसी दबाव के दोनों नेताओं से पूछताछ कर पाएगी।



 रायपुर।   झीरम मामले
में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जांच की अनुमति दे दी है। इससे इस मुद्दे
को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा फिर चढ़ने लगा है। भाजपा ने मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल और राज्य के आबकारी मंत्री कवासी लखमा से इस्तीफे की मांग कर दी
है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कोर्ट के फैसले का
स्वागत करते हुए पूछा है कि क्या राज्य की एजेंसी जांच करेगी तो क्या
मुख्यमंत्री और मंत्री से पूछताछ कर पाएगी?


अजय चंद्राकर ने कहा, कवासी लखमा चश्मदीद गवाह

सीएम
और मंत्री का इस्तीफा मांगने के पीछे भाजपा का तर्क यह है कि मंत्री लखमा
का घटना के चश्मदीद हैं। झीरम घाटी में जब नक्सलियों ने कांग्रसे के काफिले
पर हमला किया तब लखमा भी वहां मौजूद थे। वहीं, मुख्यमंत्री बघेल घटना के
बाद से लगातार कह रहे हैं कि उनके पास घटना के संबंध में पुख्ता सबूत हैं।
कांग्रेस इस घटना को राजनीतिक षडयंत्र बताती आ रही है। भाजपा विधायक अजय
चंद्राकर का तर्क है कि ऐसे में राज्य की एजेंसी को अपनी जांच के दौरान
मुख्यमंत्री और मंत्री से भी पूछताछ करना होगा। चंद्राकर ने कहा कि इसीलिए
राज्य के द्वारा जांच शुरू होने के पहले दोनों का इस्तीफा होना चाहिए। इससे
राज्य की एजेंसी बिना किसी दबाव के दोनों नेताओं से पूछताछ कर पाएगी।



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