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news raipur:: क्रूरता और घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को पैरालीगल वालंटियर दे रहीं विधिक सहायता:

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 रायपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा
प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न योजनाओं के तहत
रायपुर में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधाें में 24 घंटे से कम समय में
भी निश्शुल्क विधिक सहायता प्रदान किया जा रहा है। दरअसल जिला न्यायाधीश व
विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अरविंद कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक प्रशांत
कुमार अग्रवाल ने परिचर्चा में बताया कि महिलाओं के प्रति अपराध रोकने और
दोषियों को दंड देने का काम किया जा रहा है।


पैरालीगल वालिटियर करती हैं सुनवाई

जिला
विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरालीगल वालिटियर कुमारी देवकी साहू को महिला
थाना में प्रतिनियुक्त किया गया है। ये जिले में महिलाओं से संबंधित होने
वाले अपराध की सुनवाई करती है और पीड़ित महिला थाने में आती हैं, तो पीड़ित
को तत्काल विधिक सहायता प्रदान करती हैं। इसके बाद यदि उन्हें निश्शुल्क
रूप से अधिवक्ता की आवश्यकता होती है या अधिवक्ता की सहायता चाहती है तो वह
प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर कुछ ही घंटाें में उन्हें नियमानुसार
अधिवक्ता प्रदान कराती है। प्रकरणाें में अधिवक्ता प्रदान करने में किसी
प्रकार कोई विलंब नहीं होता है। इसके अतिरिक्त पीड़ित महिलाओं के जितने भी
दस्तावेज होते हैं, वह भी निश्शुल्क रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के
माध्यम से तैयार किए जाते हैं।



 रायपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा
प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न योजनाओं के तहत
रायपुर में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधाें में 24 घंटे से कम समय में
भी निश्शुल्क विधिक सहायता प्रदान किया जा रहा है। दरअसल जिला न्यायाधीश व
विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अरविंद कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक प्रशांत
कुमार अग्रवाल ने परिचर्चा में बताया कि महिलाओं के प्रति अपराध रोकने और
दोषियों को दंड देने का काम किया जा रहा है।


पैरालीगल वालिटियर करती हैं सुनवाई

जिला
विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरालीगल वालिटियर कुमारी देवकी साहू को महिला
थाना में प्रतिनियुक्त किया गया है। ये जिले में महिलाओं से संबंधित होने
वाले अपराध की सुनवाई करती है और पीड़ित महिला थाने में आती हैं, तो पीड़ित
को तत्काल विधिक सहायता प्रदान करती हैं। इसके बाद यदि उन्हें निश्शुल्क
रूप से अधिवक्ता की आवश्यकता होती है या अधिवक्ता की सहायता चाहती है तो वह
प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर कुछ ही घंटाें में उन्हें नियमानुसार
अधिवक्ता प्रदान कराती है। प्रकरणाें में अधिवक्ता प्रदान करने में किसी
प्रकार कोई विलंब नहीं होता है। इसके अतिरिक्त पीड़ित महिलाओं के जितने भी
दस्तावेज होते हैं, वह भी निश्शुल्क रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के
माध्यम से तैयार किए जाते हैं।



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