नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लड़कियों की
शादी की उपयुक्त उम्र को लेकर गठित की गई समिति की रिपोर्ट आते ही सरकार इस
पर कार्रवाई करेगी। प्रधानमंत्री ने यह बात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर
पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, ‘‘बेटियों की शादी की उचित
उम्र क्या हो, ये तय करने के लिए भी चर्चा चल रही है। मुझे देशभर की
जागरूक बेटियों की चिट्ठियां आती हैं कि जल्दी से निर्णय कीजिए। मैं उन सभी
बेटियों को आश्वासन देता हूं कि बहुत ही जल्द रिपोर्ट आते ही उस पर सरकार
अपनी कार्रवाई करेगी।’’ मालूम हो कि 15 अगस्त को इस साल लाल किले की
प्राचीर से अपने संबोधन में मोदी ने लड़कियों की शादी की उपयुक्त उम्र तय
करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘बेटियों
में कुपोषण खत्म हो, उनकी शादी की सही आयु क्या हो, इसके लिए हमने कमेटी
बनाई है। उसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र के बारे में भी उचित
फैसले लिए जाएंगे।’’
देश में अभी लड़कियों की शादी की कम से कम उम्र
18 वर्ष निर्धारित है जबकि लड़कों की उम्र सीमा 21 वर्ष है। अपने संबोधन
में प्रधानमंत्री ने आज कहा कि छोटी आयु में गर्भ धारण करना, शिक्षा की
कमी, जानकारी का अभाव, शुद्ध पानी न होना, स्वच्छता की कमी, ऐसी अनेक वजहों
से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में जो अपेक्षित परिणाम मिलने चाहिए थे, वह नहीं
मिल पाए। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्तर पर कुछ विभागों द्वारा
प्रयास हुए थे, लेकिन उनका दायरा या तो सीमित था या टुकड़ों में बिखरा पड़ा
था। उन्होंने कहा, ‘‘जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला तब
मैंने देश में नए सिरे से प्रयास शुरू किए गए। हम एकीकृत सोच लेकर आगे
बढ़े, होलिस्टिक अप्रोच लेकर आगे बढ़े। तमाम बाधाओं को समाप्त करके हमने एक
बहुआयामी रणनीति पर काम शुरू किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुपोषण से निपटने के
लिए एक और महत्वपूर्ण दिशा में काम हो रहा है। अब देश में ऐसी फसलों को
बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें पौष्टिक पदार्थ- जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक
इत्यादि ज्यादा होते हैं।
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लड़कियों की
शादी की उपयुक्त उम्र को लेकर गठित की गई समिति की रिपोर्ट आते ही सरकार इस
पर कार्रवाई करेगी। प्रधानमंत्री ने यह बात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर
पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, ‘‘बेटियों की शादी की उचित
उम्र क्या हो, ये तय करने के लिए भी चर्चा चल रही है। मुझे देशभर की
जागरूक बेटियों की चिट्ठियां आती हैं कि जल्दी से निर्णय कीजिए। मैं उन सभी
बेटियों को आश्वासन देता हूं कि बहुत ही जल्द रिपोर्ट आते ही उस पर सरकार
अपनी कार्रवाई करेगी।’’ मालूम हो कि 15 अगस्त को इस साल लाल किले की
प्राचीर से अपने संबोधन में मोदी ने लड़कियों की शादी की उपयुक्त उम्र तय
करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘बेटियों
में कुपोषण खत्म हो, उनकी शादी की सही आयु क्या हो, इसके लिए हमने कमेटी
बनाई है। उसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र के बारे में भी उचित
फैसले लिए जाएंगे।’’
देश में अभी लड़कियों की शादी की कम से कम उम्र
18 वर्ष निर्धारित है जबकि लड़कों की उम्र सीमा 21 वर्ष है। अपने संबोधन
में प्रधानमंत्री ने आज कहा कि छोटी आयु में गर्भ धारण करना, शिक्षा की
कमी, जानकारी का अभाव, शुद्ध पानी न होना, स्वच्छता की कमी, ऐसी अनेक वजहों
से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में जो अपेक्षित परिणाम मिलने चाहिए थे, वह नहीं
मिल पाए। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्तर पर कुछ विभागों द्वारा
प्रयास हुए थे, लेकिन उनका दायरा या तो सीमित था या टुकड़ों में बिखरा पड़ा
था। उन्होंने कहा, ‘‘जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला तब
मैंने देश में नए सिरे से प्रयास शुरू किए गए। हम एकीकृत सोच लेकर आगे
बढ़े, होलिस्टिक अप्रोच लेकर आगे बढ़े। तमाम बाधाओं को समाप्त करके हमने एक
बहुआयामी रणनीति पर काम शुरू किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुपोषण से निपटने के
लिए एक और महत्वपूर्ण दिशा में काम हो रहा है। अब देश में ऐसी फसलों को
बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें पौष्टिक पदार्थ- जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक
इत्यादि ज्यादा होते हैं।



Journalist खबरीलाल














