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News New Delhi:: ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के खादिम ने की ये अपील:

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नई दिल्ली, राजस्थान में अजमेर स्थित महान सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के वरिष्ठ खादिम तथा खादिमों की संस्था अंजुमन मोइनिया फख़रिया चिश्तिया खुद्दाम-ए-ख्वाजा सैय्यदजादगान के पूर्व सचिव सैय्यद सरवर चिश्ती ने मुसलमानों से अपील की है कि वे ईद की नमाज पढ़ने जाये तब काली पट्टी बांधें। सैय्यद सरवर चिश्ती ने कहा है कि ऐसा कर वो केन्द्र सरकार के मुस्लिम विरोधी तौर-तरीकों को लेकर उसके खिलाफ संवैधानिक तरीके से अपने विरोध का इजहार करें।


सरवर चिश्ती ने एक बयान में यह अपील करते हुए कहा कि मुल्क में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। कभी भी किसी मुद्दे पर चाहे वो लव जेहाद हो, नमाज हो, या कुरान की आयतें हो। आज दिल्ली में जहांगीरपुरी तोड़फोड़ से लेकर हनुमान चालिसा पर भी सियासत चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब हुकूमत की रजामंदी से हो रहा है। मुसलमानों पर इतनें जुल्म-सितम के बावजूद प्रधानमंत्री चुप हैं लेकिन मुसलमान परेशान नहीं होगा।


उन्होंने कहा कि हमें अब किसी राजनीतिक दल पर यकीन नहीं है और हम इस लोकतांत्रिक देश में संवैधानिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शित करेंगे। बता दें कि करौली हिंसा, खरगोन हिंसा, जहांगीरपुर हिंसा के बाद इस वक्त देश में मस्जिदों में अजान और लाउडस्पीकर को लेकर विवाद चल रहा है। 


 


नई दिल्ली, राजस्थान में अजमेर स्थित महान सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के वरिष्ठ खादिम तथा खादिमों की संस्था अंजुमन मोइनिया फख़रिया चिश्तिया खुद्दाम-ए-ख्वाजा सैय्यदजादगान के पूर्व सचिव सैय्यद सरवर चिश्ती ने मुसलमानों से अपील की है कि वे ईद की नमाज पढ़ने जाये तब काली पट्टी बांधें। सैय्यद सरवर चिश्ती ने कहा है कि ऐसा कर वो केन्द्र सरकार के मुस्लिम विरोधी तौर-तरीकों को लेकर उसके खिलाफ संवैधानिक तरीके से अपने विरोध का इजहार करें।


सरवर चिश्ती ने एक बयान में यह अपील करते हुए कहा कि मुल्क में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। कभी भी किसी मुद्दे पर चाहे वो लव जेहाद हो, नमाज हो, या कुरान की आयतें हो। आज दिल्ली में जहांगीरपुरी तोड़फोड़ से लेकर हनुमान चालिसा पर भी सियासत चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब हुकूमत की रजामंदी से हो रहा है। मुसलमानों पर इतनें जुल्म-सितम के बावजूद प्रधानमंत्री चुप हैं लेकिन मुसलमान परेशान नहीं होगा।


उन्होंने कहा कि हमें अब किसी राजनीतिक दल पर यकीन नहीं है और हम इस लोकतांत्रिक देश में संवैधानिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शित करेंगे। बता दें कि करौली हिंसा, खरगोन हिंसा, जहांगीरपुर हिंसा के बाद इस वक्त देश में मस्जिदों में अजान और लाउडस्पीकर को लेकर विवाद चल रहा है। 


 


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