Breaking News

news New Delhi:: प्रशांत किशोर की राह पर तेजस्वी यादव! जातिगत जनगणना के लिए पटना से दिल्ली तक करेंगे पैदल मार्च:

post

नई दिल्ली, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि वह गांधी जयंती के मौके पर चंपारण से 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। इस यात्रा के ऐलान के साथ ही उन्होंने जन सुराज का नारा भी दिया था। अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी ऐसा ही ऐलान करते हुए पटना से दिल्ली तक पैदल मार्च करने की बात कही है। उन्होंने जातिगत जनगणना कराने की मांग के लिए यह यात्रा करने की बात कही है। तेजस्वी यादव ने कहा, 'हमारी लंबे समय से मांग रही है कि बिहार में जातिवार जनगणना कराई जानी चाहिए। आरजेडी और उसके नेता लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से राज्य विधानसभा ने दो बार जातिगत जनगणना की मांग के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था।


तेजस्वी यादव ने कहा, 'हमारे प्रयासों के चलते बिहार के अन्य सभी दलों के नेताओं ने भी इस मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अब हमें लगता है कि रोड पर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हम जातिगत जनगणना के लिए पटना से दिल्ली तक पदयात्रा करने का विचार बना रहे हैं।' माना जा रहा है कि इस मुद्दे के जरिए ओबीसी वर्गों को साधने की कोशिश आरजेडी की ओर से की जा रही है ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों और फिर 2025 के विधानसभा इलेक्शन के लिए उन्हें गोलबंद किया जा सके। इससे पहले भी तेजस्वी यादव इस मुद्दे को मुखरता के साथ उठाते रहे हैं। 


बीते साल ही सीएम नीतीश कुमार की लीडरशिप में बिहार के सभी दलों के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग उठाई गई थी। इस डेलिगेशन में भाजपा समेत 10 दलों के नेता शामिल थे। तेजस्वी यादव का कहना था कि जातिगत जनगणना कराए जाने से गरीबों को लाभ होगा। अब एक बार फिर से तेजस्वी की ओर से यह मुद्दा उठाया जाना एक तरह से बिहार की नीतीश सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी यह मुद्दा बन सकता है।


बिहार में पीके के राजनीतिक मॉडल की कितनी चर्चा

बिहार में भले ही प्रशांत किशोर का नाम जनता में ज्यादा चर्चित नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलतियों में उनकी एंट्री ने जरूर हलचल मचा दी है। दरअसल प्रशांत किशोर को पता है कि कैसे वह चर्चा में बने रह सकते हैं। लंबे समय तक कांग्रेस में जाने की चर्चाओं के बाद भी वह नहीं गए। अब उन्होंने जन सुराज का नारा दिया है और नीतीश कुमार एवं लालू यादव के राज को बिहार के पिछड़ेपन की वजह बताया है। माना जा रहा है कि रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति शुरू कर सकते हैं।



नई दिल्ली, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि वह गांधी जयंती के मौके पर चंपारण से 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। इस यात्रा के ऐलान के साथ ही उन्होंने जन सुराज का नारा भी दिया था। अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी ऐसा ही ऐलान करते हुए पटना से दिल्ली तक पैदल मार्च करने की बात कही है। उन्होंने जातिगत जनगणना कराने की मांग के लिए यह यात्रा करने की बात कही है। तेजस्वी यादव ने कहा, 'हमारी लंबे समय से मांग रही है कि बिहार में जातिवार जनगणना कराई जानी चाहिए। आरजेडी और उसके नेता लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से राज्य विधानसभा ने दो बार जातिगत जनगणना की मांग के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था।


तेजस्वी यादव ने कहा, 'हमारे प्रयासों के चलते बिहार के अन्य सभी दलों के नेताओं ने भी इस मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अब हमें लगता है कि रोड पर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हम जातिगत जनगणना के लिए पटना से दिल्ली तक पदयात्रा करने का विचार बना रहे हैं।' माना जा रहा है कि इस मुद्दे के जरिए ओबीसी वर्गों को साधने की कोशिश आरजेडी की ओर से की जा रही है ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों और फिर 2025 के विधानसभा इलेक्शन के लिए उन्हें गोलबंद किया जा सके। इससे पहले भी तेजस्वी यादव इस मुद्दे को मुखरता के साथ उठाते रहे हैं। 


बीते साल ही सीएम नीतीश कुमार की लीडरशिप में बिहार के सभी दलों के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग उठाई गई थी। इस डेलिगेशन में भाजपा समेत 10 दलों के नेता शामिल थे। तेजस्वी यादव का कहना था कि जातिगत जनगणना कराए जाने से गरीबों को लाभ होगा। अब एक बार फिर से तेजस्वी की ओर से यह मुद्दा उठाया जाना एक तरह से बिहार की नीतीश सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी यह मुद्दा बन सकता है।


बिहार में पीके के राजनीतिक मॉडल की कितनी चर्चा

बिहार में भले ही प्रशांत किशोर का नाम जनता में ज्यादा चर्चित नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलतियों में उनकी एंट्री ने जरूर हलचल मचा दी है। दरअसल प्रशांत किशोर को पता है कि कैसे वह चर्चा में बने रह सकते हैं। लंबे समय तक कांग्रेस में जाने की चर्चाओं के बाद भी वह नहीं गए। अब उन्होंने जन सुराज का नारा दिया है और नीतीश कुमार एवं लालू यादव के राज को बिहार के पिछड़ेपन की वजह बताया है। माना जा रहा है कि रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति शुरू कर सकते हैं।



...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner