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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: राजभाषा आयोग में साहित्यकार विजय मिश्रा सम्मानित, आठ छत्तीसगढ़ी किताबों का हुआ विमोचन :

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रायपुर। न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सम्मेलन में  सैकड़ों साहित्यकारों का जमावड़ा हुआ। छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास और उत्थान पर भाषाविदों ने गहन विचार विमर्श किया। सम्मेलन  में वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा ‘अमित’,  सुमन शर्मा बाजपेयी, चन्द्रहास साहू, का सम्मान राजकीय  गमछा,सम्मान चिन्ह, प्रशस्ति पत्र से किया गया।

कार्यक्रम के अतिथियों में सर्वश्री विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, राजभाषा आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र, शामिल थे। कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग डॉ. अभिलाषा बेहार, द्वारा तथा अध्यक्षीय भाषण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, द्वारा दिया गया।

राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित आठ छत्तीसगढ़ी  किताबों में शामिल डॉ.पी सी लाल यादव की कुँवर अछरिया- राजा बेलसरिया, डॉ. दीनदयाल साहू की किताब पीरा, राजकुमार निषाद ‘राज’ की धरोहर जस जवारा, जस पचरा गीत, पुनीत गुरूवंश की किताब जिनगी एक रहस्य हे, कमलेश शर्मा की बूंदा बिहतरी,मुकेश कुमार की किताब भरम आदि के दुनिया, कामता प्रसाद देशलहरा ‘अकेला’ की किताब भुईयां के सिंगार, शत्रुघन सिंह राजपुत की किताब आखर वंदन का विमोचन  हुआ। 

बृहद आयोजन के अंतर्गत "पुरखा के सुरता" में स्व. सुशील भोले के ‘‘व्यक्तित्व - कृतित्व’’ पर  प्रमुख वक्ता डॉ. पीसी लाल यादव प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ी हाना- जनउला के साथ मजेदार अंदाज में वरिष्ठ  रंगकर्मी विजय मिश्रा ‘‘अमित’’ ने किया। अंतिम सत्र में मीरअली मीर,शशीदुबे किशोर तिवारी, संध्या शुक्ला, चेतन भारती, काशीपुर कुंदन सहित डेड़ सौ से अधिक कवि- कवित्रियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं अन्य स्थानीय बोली में काव्य पाठ किया गया।


रायपुर। न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सम्मेलन में  सैकड़ों साहित्यकारों का जमावड़ा हुआ। छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास और उत्थान पर भाषाविदों ने गहन विचार विमर्श किया। सम्मेलन  में वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा ‘अमित’,  सुमन शर्मा बाजपेयी, चन्द्रहास साहू, का सम्मान राजकीय  गमछा,सम्मान चिन्ह, प्रशस्ति पत्र से किया गया।

कार्यक्रम के अतिथियों में सर्वश्री विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, राजभाषा आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र, शामिल थे। कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग डॉ. अभिलाषा बेहार, द्वारा तथा अध्यक्षीय भाषण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, द्वारा दिया गया।

राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित आठ छत्तीसगढ़ी  किताबों में शामिल डॉ.पी सी लाल यादव की कुँवर अछरिया- राजा बेलसरिया, डॉ. दीनदयाल साहू की किताब पीरा, राजकुमार निषाद ‘राज’ की धरोहर जस जवारा, जस पचरा गीत, पुनीत गुरूवंश की किताब जिनगी एक रहस्य हे, कमलेश शर्मा की बूंदा बिहतरी,मुकेश कुमार की किताब भरम आदि के दुनिया, कामता प्रसाद देशलहरा ‘अकेला’ की किताब भुईयां के सिंगार, शत्रुघन सिंह राजपुत की किताब आखर वंदन का विमोचन  हुआ। 

बृहद आयोजन के अंतर्गत "पुरखा के सुरता" में स्व. सुशील भोले के ‘‘व्यक्तित्व - कृतित्व’’ पर  प्रमुख वक्ता डॉ. पीसी लाल यादव प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ी हाना- जनउला के साथ मजेदार अंदाज में वरिष्ठ  रंगकर्मी विजय मिश्रा ‘‘अमित’’ ने किया। अंतिम सत्र में मीरअली मीर,शशीदुबे किशोर तिवारी, संध्या शुक्ला, चेतन भारती, काशीपुर कुंदन सहित डेड़ सौ से अधिक कवि- कवित्रियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं अन्य स्थानीय बोली में काव्य पाठ किया गया।


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