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News Raipur:: सिकलसेल संस्थान में अनियमितता उजागर:

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  रायपुर। अनियमिता को लेकर लगातार विवादों में रहे
राज्य सिकलसेल संस्थान में एक बार फिर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। संस्थान
में दवाएं, चिकित्सकीय उपकरण, फर्नीचर, लैब सामग्री, कंप्यूटर खरीदी के नाम
पर 1.15 करोड़ रुपये की अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। मिली
जानकारी के अनुसार राज्य शासन ने सिकलसेल संस्थान के संचालन के लिए वर्ष
2017-18 से लेकर वर्ष 2021-22 तक एक करोड़ 15 लाख 89 हजार रुपये की राशि दी।
इसमें संस्थान द्वारा नियम ताक पर रखकर गार्डन, भवन, एसी मरम्मत,
कंप्यूटर, लैब सामान, फर्नीचर, दवाएं व उपकरण खरीदी में भी क्रय नियम की
अनदेखी गई है। जब पूरे मामले की विभागीय जांच हुई तो सामने आया कि
जहां नियम के तहत एक लाख रुपये से अधिक राशि का कार्य निविदा के आधार पर
किया जाता है, वहां विभाग में निविदा नहीं निकाली गई, और कार्य को खंड-खंड
में विभाजित करा लिया गया। नियम विरुद्ध खरीदी और भ्रष्टाचार सामने आने के
बाद चिकित्सा शिक्षा संचालक ने कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य सचिव को पत्र
लिखा है।



  रायपुर। अनियमिता को लेकर लगातार विवादों में रहे
राज्य सिकलसेल संस्थान में एक बार फिर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। संस्थान
में दवाएं, चिकित्सकीय उपकरण, फर्नीचर, लैब सामग्री, कंप्यूटर खरीदी के नाम
पर 1.15 करोड़ रुपये की अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। मिली
जानकारी के अनुसार राज्य शासन ने सिकलसेल संस्थान के संचालन के लिए वर्ष
2017-18 से लेकर वर्ष 2021-22 तक एक करोड़ 15 लाख 89 हजार रुपये की राशि दी।
इसमें संस्थान द्वारा नियम ताक पर रखकर गार्डन, भवन, एसी मरम्मत,
कंप्यूटर, लैब सामान, फर्नीचर, दवाएं व उपकरण खरीदी में भी क्रय नियम की
अनदेखी गई है। जब पूरे मामले की विभागीय जांच हुई तो सामने आया कि
जहां नियम के तहत एक लाख रुपये से अधिक राशि का कार्य निविदा के आधार पर
किया जाता है, वहां विभाग में निविदा नहीं निकाली गई, और कार्य को खंड-खंड
में विभाजित करा लिया गया। नियम विरुद्ध खरीदी और भ्रष्टाचार सामने आने के
बाद चिकित्सा शिक्षा संचालक ने कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य सचिव को पत्र
लिखा है।



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