रायपुर। छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर दिखने लगा है। प्रदेश के पहाड़ी
क्षेत्रों सरगुजा के मैनपाट और कबीरधाम जिले की चिल्फी घाटी में ओस की
बूंदें जम जमकर बर्फ हो गई हैं। वहीं रात में बाहर रखा पानी भी बर्फ बन जा
रहा है।
मौसम विज्ञान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों में स्थापित
एग्रोमेट फिल्ड यूनिट से जो आंकड़े आए हैं, उसके मुताबिक सरगुजा संभाग का
जशपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। जशपुर का तापमान अधिकतम 25.8
डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं
बलरामपुर में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।
बीते
24 घंटे में जशपुर का तापमान तेजी से नीचे आया है। शुक्रवार को यहां अधिकतम
तापमान 27.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
सरगुजा के संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के तापमान में भी बड़ी गिरावट हुई है।
अम्बिकापुर
की एग्रोमेट फिल्ड यूनिट ने शनिवार को अधिकतम 22.2 डिग्री और न्यूनतम 5.3
डिग्री तापमान दर्ज किया। एक दिन पहले यहां का तापमान अधिकतम 24.2 और
न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र ने
अम्बिकापुर का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है जो सामान्य
से एक डिग्री कम है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अधिकतर क्षेत्रों
में शीतलहर के हालात हैं। हांलाकि रायपुर मौसम केंद्र के विज्ञानी एचपी
चंद्रा ने बताया, शीतलहर के लिए किसी भी स्थान में तापमान न्यूनतम तापमान
10 डिग्री सेल्सियस से कम होना चाहिए। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान का
सामान्य से विचलन 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होनी चाहिए। मैदानी
क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे कम होने पर
शीतलहर की स्थिति बनती है। पहाड़ी क्षत्रों के लिए परिस्थिति थोड़ी अलग
होती है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर दिखने लगा है। प्रदेश के पहाड़ी
क्षेत्रों सरगुजा के मैनपाट और कबीरधाम जिले की चिल्फी घाटी में ओस की
बूंदें जम जमकर बर्फ हो गई हैं। वहीं रात में बाहर रखा पानी भी बर्फ बन जा
रहा है।
मौसम विज्ञान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों में स्थापित
एग्रोमेट फिल्ड यूनिट से जो आंकड़े आए हैं, उसके मुताबिक सरगुजा संभाग का
जशपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। जशपुर का तापमान अधिकतम 25.8
डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं
बलरामपुर में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।
बीते
24 घंटे में जशपुर का तापमान तेजी से नीचे आया है। शुक्रवार को यहां अधिकतम
तापमान 27.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
सरगुजा के संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के तापमान में भी बड़ी गिरावट हुई है।
अम्बिकापुर
की एग्रोमेट फिल्ड यूनिट ने शनिवार को अधिकतम 22.2 डिग्री और न्यूनतम 5.3
डिग्री तापमान दर्ज किया। एक दिन पहले यहां का तापमान अधिकतम 24.2 और
न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र ने
अम्बिकापुर का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है जो सामान्य
से एक डिग्री कम है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अधिकतर क्षेत्रों
में शीतलहर के हालात हैं। हांलाकि रायपुर मौसम केंद्र के विज्ञानी एचपी
चंद्रा ने बताया, शीतलहर के लिए किसी भी स्थान में तापमान न्यूनतम तापमान
10 डिग्री सेल्सियस से कम होना चाहिए। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान का
सामान्य से विचलन 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होनी चाहिए। मैदानी
क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे कम होने पर
शीतलहर की स्थिति बनती है। पहाड़ी क्षत्रों के लिए परिस्थिति थोड़ी अलग
होती है।


Journalist खबरीलाल












