Breaking News

News Koriya (Shreekant Jaiswal) :: गंगोटी में पुलिया सह स्टॉपडेम बनने से 22 एकड़ में खरीफ तथा 10 एकड़ में रबी फसल ले सकेंगे किसान:

post


सूरजपुर/  राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी से पूरे प्रदेश में अच्छे कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में नरवा योजना अन्तर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से जिले के छोटे नालों को सवारा जा रहा है। जल संसाधनों का विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योगदान है, जल के बिना कृषि विकास एवं समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती। समग्र आर्थिक विकास में जितना योगदान कृषि का है वहीं कृषि में उतना ही योगदान सिंचाई एवं जल प्रबंधन का भी है। जिला सूरजपुर के भीतरी इलाकों के अधिकतर नदी, नाले बारहमासी नहीं है। इन नदियों व नालों में मानसून सीजन के बाद जल स्तर घटने लगता है और कई नदी नाले जनवरी व फरवरी आते-आते पूरी तरह सूख जाते हैं। यही वजह है कि किसानों को रबी फसलो में सिंचाई के लिए पूरी तरह ट्यूबवेल जैसे भूमिगत जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है और ग्रीष्म काल में निस्तारी की असुविधायें अलग से आती है, जिनसे ग्रामीणों जन जीवन के साथ-साथ पशुओं को भी प्रभावित होना पड़ता है।

वास्तव में जिले में सिंचाई सुविधाओं की आवश्यकताओं को देखते हुए छोटे एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है और विगत दो वर्षों में जल संसाधन विभाग द्वारा स्टापडेम, चेकडेम, शूट फॉल, नहरों के जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्याे को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इस क्रम में विकासखण्ड भैयाथान मुख्यालय से महज 30 किमी. की दूरी पर दक्षिण-पश्चिम दिशा में ग्राम पंचायत गंगौटी में कोकड़ी नाला स्थित है। इस नाले पर मनरेगा मद से 24.79 लाख की लागत से स्टॉपडेम का निर्माण कराया गया है। उक्त स्टॉपडेम के निर्माण हो जाने से गंगौटी सहित आपसास के गांव के लोगों को निस्तारी, पशुओं को पीने का पानी एवं 10 एकड़ में खरीफ फसल तथा 5 एकड़ में रबी फसल हेतु सिंचाई सुविधा मिल पा रहा है। स्थानीय ग्रामीणो की माने तो उनके द्वारा सदैव एक स्टापडेम की मांग निरंतर की जाती रही क्योंकि उनका मानना था कि स्टापडेम के निर्माण से सब्जियों के खेती के अलावा रबी फसलें जैसे मक्का, ग्रीष्मकालीन धान की फसले भी ली जा सकती है। इसी प्रकार जिले के विकासखण्ड रामानुजनगर से लगभग 10 किमी. की दूरी पर पूर्व दिशा में ग्राम सेन्दुरी में मनरेगा मद से 43.39 लाख की लागत से देवल्लापारा से महादेवपारा मार्ग पर पुलिया सह स्टॉप डेम का निर्माण कराया गया है। पुलिया सह स्टॉप डैम बन जाने सेन्दुरी से जगरनाथपुर बरसात मंे आने-जाने में सुविधा हो गयी है। इसके बनने से 12 एकड़ में खरीफ फसल एवं 5 एकड़ में रबी की फसल की सिचाई की सुविधा मिल पायेगी। इस वर्ष उनकी यह मांग पूरी होने से उनके चेहरों में चमक है। किसान यह भी मानतें है की आगामी वर्षों में इस पुलिया सह स्टापडेम के बदौलत अधिक से अधिक किसान वर्ष में एक से अधिक फसल अवश्य ले सकेंगे और इसी प्रकार भूमिगत जल स्रोतो संरक्षण से इस क्षेत्र की बसाहटों को शुष्क दिवसों में पेयजल संबंधी दिक्कतो का सामना भी नही करना पड़ेगा।



सूरजपुर/  राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी से पूरे प्रदेश में अच्छे कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में नरवा योजना अन्तर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से जिले के छोटे नालों को सवारा जा रहा है। जल संसाधनों का विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योगदान है, जल के बिना कृषि विकास एवं समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती। समग्र आर्थिक विकास में जितना योगदान कृषि का है वहीं कृषि में उतना ही योगदान सिंचाई एवं जल प्रबंधन का भी है। जिला सूरजपुर के भीतरी इलाकों के अधिकतर नदी, नाले बारहमासी नहीं है। इन नदियों व नालों में मानसून सीजन के बाद जल स्तर घटने लगता है और कई नदी नाले जनवरी व फरवरी आते-आते पूरी तरह सूख जाते हैं। यही वजह है कि किसानों को रबी फसलो में सिंचाई के लिए पूरी तरह ट्यूबवेल जैसे भूमिगत जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है और ग्रीष्म काल में निस्तारी की असुविधायें अलग से आती है, जिनसे ग्रामीणों जन जीवन के साथ-साथ पशुओं को भी प्रभावित होना पड़ता है।

वास्तव में जिले में सिंचाई सुविधाओं की आवश्यकताओं को देखते हुए छोटे एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है और विगत दो वर्षों में जल संसाधन विभाग द्वारा स्टापडेम, चेकडेम, शूट फॉल, नहरों के जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्याे को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इस क्रम में विकासखण्ड भैयाथान मुख्यालय से महज 30 किमी. की दूरी पर दक्षिण-पश्चिम दिशा में ग्राम पंचायत गंगौटी में कोकड़ी नाला स्थित है। इस नाले पर मनरेगा मद से 24.79 लाख की लागत से स्टॉपडेम का निर्माण कराया गया है। उक्त स्टॉपडेम के निर्माण हो जाने से गंगौटी सहित आपसास के गांव के लोगों को निस्तारी, पशुओं को पीने का पानी एवं 10 एकड़ में खरीफ फसल तथा 5 एकड़ में रबी फसल हेतु सिंचाई सुविधा मिल पा रहा है। स्थानीय ग्रामीणो की माने तो उनके द्वारा सदैव एक स्टापडेम की मांग निरंतर की जाती रही क्योंकि उनका मानना था कि स्टापडेम के निर्माण से सब्जियों के खेती के अलावा रबी फसलें जैसे मक्का, ग्रीष्मकालीन धान की फसले भी ली जा सकती है। इसी प्रकार जिले के विकासखण्ड रामानुजनगर से लगभग 10 किमी. की दूरी पर पूर्व दिशा में ग्राम सेन्दुरी में मनरेगा मद से 43.39 लाख की लागत से देवल्लापारा से महादेवपारा मार्ग पर पुलिया सह स्टॉप डेम का निर्माण कराया गया है। पुलिया सह स्टॉप डैम बन जाने सेन्दुरी से जगरनाथपुर बरसात मंे आने-जाने में सुविधा हो गयी है। इसके बनने से 12 एकड़ में खरीफ फसल एवं 5 एकड़ में रबी की फसल की सिचाई की सुविधा मिल पायेगी। इस वर्ष उनकी यह मांग पूरी होने से उनके चेहरों में चमक है। किसान यह भी मानतें है की आगामी वर्षों में इस पुलिया सह स्टापडेम के बदौलत अधिक से अधिक किसान वर्ष में एक से अधिक फसल अवश्य ले सकेंगे और इसी प्रकार भूमिगत जल स्रोतो संरक्षण से इस क्षेत्र की बसाहटों को शुष्क दिवसों में पेयजल संबंधी दिक्कतो का सामना भी नही करना पड़ेगा।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner