केंद्र सरकार की अधिसूचना के
अनुसार 18 जुलाई से प्रीपैक्ड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी वसूल की जाएगी।
नए नियमों के तहत सभी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट के रेट भी बढ़ा दिए हैं।
जहां पुराने कीमत वाले पैकेट हैं उनसे कहा गया है कि वो उसमें 5 फीसदी
जीएसटी जोड़कर ही बेचें। आज
से अनब्रांडेड प्रोडक्ट जो 25 किलो या उससे कम की पैकिंग में है, उस पर 5
प्रतिशत जीएसटी देना होगा। इस नए टैक्स से चावल, आटा, मैदा, सूजी, पोहा,
दही, छाछ, लस्सी, गुड़, चावल, चपटा या पीटा हुआ चावल, पार्च्ड चावल, सिंचाई
किट, आर्थोपेडिक उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, सर्जिकल बेल्ट, सोलर वाटर
हीटर और सिस्टम, प्रिटिंग स्याही, बाल पेन स्याही, चम्मच, साइकिल पंप, दूध
निकालने वाली मशीन, बीज आदि चीजें महंगी ही मिलेंगी।
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष ने बताया कि आजादी के बाद देश में
पहली बार अनाज या अन्य खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाया गया है। इससे पहले
कभी भी दाल, चावल, आटा, गेहूं, मैदा, सूजी पर टैक्स नहीं लगा है। केंद्र
सरकार ने अपनी अधिसूचना में ड्राय लेगुमिनियस वेजिटेबल्स शब्द के सहारे सभी
प्रकार के उत्पादों को भी पांच प्रतिशत जीएसटी के दायरे में लाने का
रास्ता साफ कर लिया है। यानी सूखी सब्जियां या उससे बने प्रोडक्ट भी लोगों
को महंगे मिलेंगे।
केंद्र सरकार की अधिसूचना के
अनुसार 18 जुलाई से प्रीपैक्ड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी वसूल की जाएगी।
नए नियमों के तहत सभी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट के रेट भी बढ़ा दिए हैं।
जहां पुराने कीमत वाले पैकेट हैं उनसे कहा गया है कि वो उसमें 5 फीसदी
जीएसटी जोड़कर ही बेचें। आज
से अनब्रांडेड प्रोडक्ट जो 25 किलो या उससे कम की पैकिंग में है, उस पर 5
प्रतिशत जीएसटी देना होगा। इस नए टैक्स से चावल, आटा, मैदा, सूजी, पोहा,
दही, छाछ, लस्सी, गुड़, चावल, चपटा या पीटा हुआ चावल, पार्च्ड चावल, सिंचाई
किट, आर्थोपेडिक उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, सर्जिकल बेल्ट, सोलर वाटर
हीटर और सिस्टम, प्रिटिंग स्याही, बाल पेन स्याही, चम्मच, साइकिल पंप, दूध
निकालने वाली मशीन, बीज आदि चीजें महंगी ही मिलेंगी।
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष ने बताया कि आजादी के बाद देश में
पहली बार अनाज या अन्य खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाया गया है। इससे पहले
कभी भी दाल, चावल, आटा, गेहूं, मैदा, सूजी पर टैक्स नहीं लगा है। केंद्र
सरकार ने अपनी अधिसूचना में ड्राय लेगुमिनियस वेजिटेबल्स शब्द के सहारे सभी
प्रकार के उत्पादों को भी पांच प्रतिशत जीएसटी के दायरे में लाने का
रास्ता साफ कर लिया है। यानी सूखी सब्जियां या उससे बने प्रोडक्ट भी लोगों
को महंगे मिलेंगे।



Journalist खबरीलाल














