रायपुर. प्रदेश में आरक्षण पर सियासत जारी है. आरक्षण पर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि
राज्यपाल भाजपा के दबाव में हैं. विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठते
हैं. पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के बयान पर कटाक्ष करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल विभाग तैयार करता है. कैबिनेट मंजूरी देता है और
विधानसभा में चर्चा के बाद पारित होता है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ है.
कोई विपक्ष के सदस्य नहीं है, जिन्होंने इसमें भाग न लिया हो. यह दुर्भाग्य
की बात है कि रमन सिंह ऐसा सोचते हैं कि यह विधानसभा का बिल नहीं
मुख्यमंत्री का बिल है. भाजपा ने अब तक राज्यपाल से यह नहीं कहा कि आरक्षण
बिल पर हस्ताक्षर होना चाहिए. ये विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठते है,
राज्यपाल भाजपा के दबाव में है.
सीएम बघेल ने कहा कि राज्यपाल के सवालों के जवाब भेजे जा चुके है. कुल
मिलाकर राज्यपाल को हस्ताक्षर नहीं करना है. अगर हस्ताक्षर नहीं करना है तो
राज्यपाल सरकार को बिल वापस करे. राज्यपाल इसे अनिश्चितकाल तक रखने का
बहाना ढूंढ रही है. इनके विधिक सलाहकार विधानसभा से बड़े हो गए हैं.
विधेयक लौटा दे या राष्ट्रपति को भेज दे : मंत्री चौबे
विधानसभा
के शीतकालीन सत्र को लेकर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधानसभा सत्र 2
तारीख से लेकर 6 तारीख तक है. आरक्षण पर चौबे ने कहा, हमने विधेयक पास किया
था, लेकिन अभी तक आरक्षण का मुद्दा लंबित है और भी विधेयक हम लाएंगे.
भाजपा वालों की शिकायत है कि समय कम मिलता है तो समय की जहां तक बात है वो
हमेशा 1 सप्ताह का होता है. सर्व आदिवासी समाज आरक्षण को लेकर आज राजभवन के
घेराव करने जा रहा, इस पर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, इतना समय हो गया
है, प्रदर्शन करना जाहिर सी बात है. हमने अपने तरफ से सब दे दिया है, लेकिन
राजभवन की तरफ से किस कारणवश रुका हुआ है समझ नहीं आ रहा है. या तो विधेयक
को लौटा दे या राष्ट्रपति को भेज दे. आरक्षण को लेकर 3 को महारैली निकाली
जाएगी.
रायपुर. प्रदेश में आरक्षण पर सियासत जारी है. आरक्षण पर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि
राज्यपाल भाजपा के दबाव में हैं. विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठते
हैं. पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के बयान पर कटाक्ष करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल विभाग तैयार करता है. कैबिनेट मंजूरी देता है और
विधानसभा में चर्चा के बाद पारित होता है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ है.
कोई विपक्ष के सदस्य नहीं है, जिन्होंने इसमें भाग न लिया हो. यह दुर्भाग्य
की बात है कि रमन सिंह ऐसा सोचते हैं कि यह विधानसभा का बिल नहीं
मुख्यमंत्री का बिल है. भाजपा ने अब तक राज्यपाल से यह नहीं कहा कि आरक्षण
बिल पर हस्ताक्षर होना चाहिए. ये विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठते है,
राज्यपाल भाजपा के दबाव में है.
सीएम बघेल ने कहा कि राज्यपाल के सवालों के जवाब भेजे जा चुके है. कुल
मिलाकर राज्यपाल को हस्ताक्षर नहीं करना है. अगर हस्ताक्षर नहीं करना है तो
राज्यपाल सरकार को बिल वापस करे. राज्यपाल इसे अनिश्चितकाल तक रखने का
बहाना ढूंढ रही है. इनके विधिक सलाहकार विधानसभा से बड़े हो गए हैं.
विधेयक लौटा दे या राष्ट्रपति को भेज दे : मंत्री चौबे
विधानसभा
के शीतकालीन सत्र को लेकर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधानसभा सत्र 2
तारीख से लेकर 6 तारीख तक है. आरक्षण पर चौबे ने कहा, हमने विधेयक पास किया
था, लेकिन अभी तक आरक्षण का मुद्दा लंबित है और भी विधेयक हम लाएंगे.
भाजपा वालों की शिकायत है कि समय कम मिलता है तो समय की जहां तक बात है वो
हमेशा 1 सप्ताह का होता है. सर्व आदिवासी समाज आरक्षण को लेकर आज राजभवन के
घेराव करने जा रहा, इस पर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, इतना समय हो गया
है, प्रदर्शन करना जाहिर सी बात है. हमने अपने तरफ से सब दे दिया है, लेकिन
राजभवन की तरफ से किस कारणवश रुका हुआ है समझ नहीं आ रहा है. या तो विधेयक
को लौटा दे या राष्ट्रपति को भेज दे. आरक्षण को लेकर 3 को महारैली निकाली
जाएगी.



Journalist खबरीलाल














