रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी हत्याकांड पर एक बार फिर भाजपा को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि कल मैने जो सवाल किया था, उस पर एक भी भाजपा नेता का बयान नहीं आया है। आज मेरा दूसरा सवाल है कि आत्मसमर्पण करने वाले गुडसा उसेंडी का बयान क्यों नहीं लिया गया, जबकि एनआईए कोर्ट ने आदेश दिया था। आखिर किसके दबाव में एनआईए है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने गुरुवार को 2 सवाल उठाए थे। रमना और गणपति की संपत्ति कुर्क की गई। एफआईआर से उनका नाम बाहर क्यों किया गया। लेकिन भाजपा के एक भी नेता का उस पर बयान नहीं आया। अब मेरा दूसरा सवाल है कि गुडसा उसेंडी ने उस समय आत्मसमर्पण किया था। एनआईए कोर्ट ने आदेश किया था कि उसका बयान लिया जाए, लेकिन उसका बयान क्यों नहीं लिया गया। किसके दबाव में एनआईए है?
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी हत्याकांड पर एक बार फिर भाजपा को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि कल मैने जो सवाल किया था, उस पर एक भी भाजपा नेता का बयान नहीं आया है। आज मेरा दूसरा सवाल है कि आत्मसमर्पण करने वाले गुडसा उसेंडी का बयान क्यों नहीं लिया गया, जबकि एनआईए कोर्ट ने आदेश दिया था। आखिर किसके दबाव में एनआईए है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने गुरुवार को 2 सवाल उठाए थे। रमना और गणपति की संपत्ति कुर्क की गई। एफआईआर से उनका नाम बाहर क्यों किया गया। लेकिन भाजपा के एक भी नेता का उस पर बयान नहीं आया। अब मेरा दूसरा सवाल है कि गुडसा उसेंडी ने उस समय आत्मसमर्पण किया था। एनआईए कोर्ट ने आदेश किया था कि उसका बयान लिया जाए, लेकिन उसका बयान क्यों नहीं लिया गया। किसके दबाव में एनआईए है?



Journalist खबरीलाल














