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Delhi :: खादी के ब्रांड लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं :

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खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। केवीआईसी ने दुनिया के सामने भारत की बुलंद तस्वीर पेश की है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार केवीआईसी के उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। खादी ग्रामोद्योग आयोग ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। इसने भारत की सभी सर्वश्रेष्ठ एफएमसीजी कंपनियों को कारोबार में पीछे छोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में खादी-ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने 1.34 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया है। जबकि इसने 2013-14 में 31,154 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। 2013-14 और 2022-23 बीच स्वदेशी खादी उत्पादों की बिक्री में 332 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

खादी के कपड़ों में विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसका उत्पादन 2013-14 में 811 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 2,916 करोड़ हो गया, जो 260 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। जबकि खादी के कपड़ों में बिक्री में 450 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 1,081.04 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 5,942 करोड़ रुपए हो गया। खादी क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को उत्पादन और बिक्री में इस वृद्धि से काफी फायदा हुआ है। 2013-14 के बाद से उनके पारिश्रमिक में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है। 

2021 में खादी ग्रामोद्योग आयोग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 हजार से अधिक उत्पादों की पेशकश करने वाला एक अनूठा सरकारी आनलाइन प्लेटफार्म की शुरुआत की। केंद्र सरकार के वोकल फॉर लोकल अभियान ने खादी को घरेलू और विदेश दोनों जगह लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। 


खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। केवीआईसी ने दुनिया के सामने भारत की बुलंद तस्वीर पेश की है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार केवीआईसी के उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। खादी ग्रामोद्योग आयोग ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। इसने भारत की सभी सर्वश्रेष्ठ एफएमसीजी कंपनियों को कारोबार में पीछे छोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में खादी-ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने 1.34 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया है। जबकि इसने 2013-14 में 31,154 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। 2013-14 और 2022-23 बीच स्वदेशी खादी उत्पादों की बिक्री में 332 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

खादी के कपड़ों में विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसका उत्पादन 2013-14 में 811 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 2,916 करोड़ हो गया, जो 260 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। जबकि खादी के कपड़ों में बिक्री में 450 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 1,081.04 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 5,942 करोड़ रुपए हो गया। खादी क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को उत्पादन और बिक्री में इस वृद्धि से काफी फायदा हुआ है। 2013-14 के बाद से उनके पारिश्रमिक में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है। 

2021 में खादी ग्रामोद्योग आयोग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 हजार से अधिक उत्पादों की पेशकश करने वाला एक अनूठा सरकारी आनलाइन प्लेटफार्म की शुरुआत की। केंद्र सरकार के वोकल फॉर लोकल अभियान ने खादी को घरेलू और विदेश दोनों जगह लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। 


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