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भारतीय रिजर्व बैंक का पेटीएम को लेकर आया बड़ा बयान, इस वजह से हुई कार्रवाई:

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मुश्‍क‍िलों में घिरे पेटीएम को लेकर रिजर्व
बैंक का बड़ा बयान सामने आया है। गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक की बैठक
को लेकर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेटीएम का नाम
लिए बगैर इसे लेकर केंद्रीय बैंक का नजरिया सबके सामने रखा।



आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेटीएम का
नाम लिए बगैर सवालिया लहजे में कहा कि अगर नियमों का पालन किया गया होता,
तो आरबीआई को एक विनियमित इकाई के खिलाफ कार्रवाई क्यों करनी चाहिए?
उन्‍होंने कहा कि सिस्‍टम को लेकर कोई चिंता नहीं है, हम केवल पेमेंट बैंक
विशेष की बात कर रहे हैं।



उन्‍होंने कहा कि हमारा जोर हमेशा विनियमित
संस्थाओं के साथ द्विपक्षीय जुड़ाव पर होता है, जिसमें इकाई को सुधारात्मक
कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।



वहीं रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर
स्‍वामिनाथन जे. ने कहा, लगातार नियमों के उल्‍लंघन की वजह से पेटीएम के
खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्‍होंने कहा कि आरबीआई ने कुछ ऐसे मुद्दों की
पहचान की है, जिन पर उनका ध्यान देने और दखल देने की आवश्यकता है। जिन
नियमों का उल्लंघन किया गया उनका विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से साझा नहीं
किया गया है।



आरबीआई की पेटीएम पर कार्रवाई



  • पेटीएम पेमेंट्स बैंक मार्च 2024 से अपने खातों या डिजिटल वॉलेट में नए डिपॉजिट नहीं ले सकेगा।
  • आरबीआई ने संकेत दिया है कि वह जरूरत के अनुसार आगे भी कार्रवाई करेगा।
  • इस कदम से पेटीएम का व्यापार संचालन और
    वृद्धि प्रभावित हो सकती है। साथ ही मौजूदा ग्राहकों को अपने खातों और
    वॉलेट का उपयोग करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


बता दें कि आरबीआई ने पिछले हफ्ते पेटीएम
पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश दिया था। बैंक ने कहा था कि 29 फरवरी के
बाद पेटीएम पेमेंट बैंक के खातों में कोई भी रकम जमा नहीं कराई जा सकेगी।
हालांकि अगर उसमें कोई राश‍ि बच जाती है तो यूपीआई के जरिए उसका इस्‍तेमाल
किया जा सकेगा।


मुश्‍क‍िलों में घिरे पेटीएम को लेकर रिजर्व
बैंक का बड़ा बयान सामने आया है। गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक की बैठक
को लेकर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेटीएम का नाम
लिए बगैर इसे लेकर केंद्रीय बैंक का नजरिया सबके सामने रखा।



आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेटीएम का
नाम लिए बगैर सवालिया लहजे में कहा कि अगर नियमों का पालन किया गया होता,
तो आरबीआई को एक विनियमित इकाई के खिलाफ कार्रवाई क्यों करनी चाहिए?
उन्‍होंने कहा कि सिस्‍टम को लेकर कोई चिंता नहीं है, हम केवल पेमेंट बैंक
विशेष की बात कर रहे हैं।



उन्‍होंने कहा कि हमारा जोर हमेशा विनियमित
संस्थाओं के साथ द्विपक्षीय जुड़ाव पर होता है, जिसमें इकाई को सुधारात्मक
कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।



वहीं रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर
स्‍वामिनाथन जे. ने कहा, लगातार नियमों के उल्‍लंघन की वजह से पेटीएम के
खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्‍होंने कहा कि आरबीआई ने कुछ ऐसे मुद्दों की
पहचान की है, जिन पर उनका ध्यान देने और दखल देने की आवश्यकता है। जिन
नियमों का उल्लंघन किया गया उनका विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से साझा नहीं
किया गया है।



आरबीआई की पेटीएम पर कार्रवाई



  • पेटीएम पेमेंट्स बैंक मार्च 2024 से अपने खातों या डिजिटल वॉलेट में नए डिपॉजिट नहीं ले सकेगा।
  • आरबीआई ने संकेत दिया है कि वह जरूरत के अनुसार आगे भी कार्रवाई करेगा।
  • इस कदम से पेटीएम का व्यापार संचालन और
    वृद्धि प्रभावित हो सकती है। साथ ही मौजूदा ग्राहकों को अपने खातों और
    वॉलेट का उपयोग करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


बता दें कि आरबीआई ने पिछले हफ्ते पेटीएम
पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश दिया था। बैंक ने कहा था कि 29 फरवरी के
बाद पेटीएम पेमेंट बैंक के खातों में कोई भी रकम जमा नहीं कराई जा सकेगी।
हालांकि अगर उसमें कोई राश‍ि बच जाती है तो यूपीआई के जरिए उसका इस्‍तेमाल
किया जा सकेगा।


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