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लोकसभा चुनाव से पहले अपने परिजनों के लिए लॉबिंग में जुटे नेता:

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव
की तारीखों के ऐलान से पहले सभी पार्टियां और उनके बड़े नेता चुनावी मोड
में दिखने लगे हैं. यही वजह है कि अब विभिन्न पार्टी में सक्रिय हर नेता
अपने परिजनों के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठा है और वो इसके लिए कुछ भी कर
गुजरने को तैयार दिख रहा है. हालांकि, ज्यादातर पार्टियों में नेताओं की
यह महत्वकांक्षा खुलकर सामने नहीं दिखती है लेकिन कांग्रेस इन पार्टियों से
अलग है. कांग्रेस के नेता अपने परिजनों को लोकसभा चुनाव का टिकट दिलाने के
लिए खुले तौर पर लॉबिंग करते देखे जा सकते हैं. ऐसा ही कुछ हो रहा है
महाराष्ट्र कांग्रेस में. 

बड़े नेता मांग रहे हैं परिजनों के लिए टिकट

महाराष्ट्र
कांग्रेस के नेता खुले तौर पर अपने परिजनों को चुनाव में टिकट दिलाने के
लिए लॉबिंग करते दिख रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस
के वरिष्ठ नेता सुखील कुमार शिंदे अपनी बेटी प्रणीति शिंदे के लिए सोलापुर
से टिकट चाह रहे हैं. वहीं, नितिन राउत अपने बेटे कुणाल राउत के लिए रामकेट
लोकसभा सीट से टिकट चाहते हैं. विजय वड्डेटीवार के लिए टिकट चाहते हैं.
उधर, सांगली लोकसभा सीट से पूर्व सीएम वसंतदादा पवार के पोते विशाल पाटिल
लोकसभा चुनाव के लिए इच्छुक हैं. इन सब बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस नेता
बालासाहब थोरात प्रकाश अंबेडकर से मिलने उनके घर पहुंचे हैं. आपको बता दें
कि प्रकाश अंबेडकर की पार्टी ने कहा था कि वे आज की बैठक में जाएंगे लेकिन
उससे पहले MVA अपने बीच की खिचतान बंद करे. ये बंद होने के बाद ही वह बैठक
में शामिल होंगे. 

पीएम मोदी ने भी साधा था कांग्रेस पर निशाना

बता
दें कि कुछ महीने पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस में परिवारवाद पर हमला बोला
था. उस दौरान पीएम मोदी ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि
अब हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है, लेकिन राजस्थान को विकसित बनाए
बिना भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य अधूरा है. जब तक भ्रष्टाचार,
परिवारवाद और तुष्टिकरण नाम के देश के तीन दुश्मन हमारे बीच हैं, तब तक ये
संकल्प पूरा होना मुश्किल है. कांग्रेस इन तीन बुराइयों की सबसे बड़ी
प्रतीक है."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कांग्रेस में मंत्री हो,
विधायक हो- सब बेलगाम हैं और जनता त्रस्त है. कांग्रेस ने राजस्थान की
जनता को लुटेरों, दंगाइयों, अत्याचारियों और अपराधियों के हवाले कर दिया
है. इसलिए आज राजस्थान का बच्चा बच्चा कह रहा है- गहलोत जी, कोनी (नहीं)
मिले वोट जी. उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस के समर्थन से राजस्थान
में समाज विरोधी ताकतों के हौसले बुलंद हैं. दंगाइयों के साथ साथ यहां
कांग्रेस सरकार के मंत्री बहनों-बेटियों पर अत्याचार करने वालों के साथ
खड़े रहते हैं.


नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव
की तारीखों के ऐलान से पहले सभी पार्टियां और उनके बड़े नेता चुनावी मोड
में दिखने लगे हैं. यही वजह है कि अब विभिन्न पार्टी में सक्रिय हर नेता
अपने परिजनों के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठा है और वो इसके लिए कुछ भी कर
गुजरने को तैयार दिख रहा है. हालांकि, ज्यादातर पार्टियों में नेताओं की
यह महत्वकांक्षा खुलकर सामने नहीं दिखती है लेकिन कांग्रेस इन पार्टियों से
अलग है. कांग्रेस के नेता अपने परिजनों को लोकसभा चुनाव का टिकट दिलाने के
लिए खुले तौर पर लॉबिंग करते देखे जा सकते हैं. ऐसा ही कुछ हो रहा है
महाराष्ट्र कांग्रेस में. 

बड़े नेता मांग रहे हैं परिजनों के लिए टिकट

महाराष्ट्र
कांग्रेस के नेता खुले तौर पर अपने परिजनों को चुनाव में टिकट दिलाने के
लिए लॉबिंग करते दिख रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस
के वरिष्ठ नेता सुखील कुमार शिंदे अपनी बेटी प्रणीति शिंदे के लिए सोलापुर
से टिकट चाह रहे हैं. वहीं, नितिन राउत अपने बेटे कुणाल राउत के लिए रामकेट
लोकसभा सीट से टिकट चाहते हैं. विजय वड्डेटीवार के लिए टिकट चाहते हैं.
उधर, सांगली लोकसभा सीट से पूर्व सीएम वसंतदादा पवार के पोते विशाल पाटिल
लोकसभा चुनाव के लिए इच्छुक हैं. इन सब बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस नेता
बालासाहब थोरात प्रकाश अंबेडकर से मिलने उनके घर पहुंचे हैं. आपको बता दें
कि प्रकाश अंबेडकर की पार्टी ने कहा था कि वे आज की बैठक में जाएंगे लेकिन
उससे पहले MVA अपने बीच की खिचतान बंद करे. ये बंद होने के बाद ही वह बैठक
में शामिल होंगे. 

पीएम मोदी ने भी साधा था कांग्रेस पर निशाना

बता
दें कि कुछ महीने पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस में परिवारवाद पर हमला बोला
था. उस दौरान पीएम मोदी ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि
अब हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है, लेकिन राजस्थान को विकसित बनाए
बिना भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य अधूरा है. जब तक भ्रष्टाचार,
परिवारवाद और तुष्टिकरण नाम के देश के तीन दुश्मन हमारे बीच हैं, तब तक ये
संकल्प पूरा होना मुश्किल है. कांग्रेस इन तीन बुराइयों की सबसे बड़ी
प्रतीक है."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कांग्रेस में मंत्री हो,
विधायक हो- सब बेलगाम हैं और जनता त्रस्त है. कांग्रेस ने राजस्थान की
जनता को लुटेरों, दंगाइयों, अत्याचारियों और अपराधियों के हवाले कर दिया
है. इसलिए आज राजस्थान का बच्चा बच्चा कह रहा है- गहलोत जी, कोनी (नहीं)
मिले वोट जी. उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस के समर्थन से राजस्थान
में समाज विरोधी ताकतों के हौसले बुलंद हैं. दंगाइयों के साथ साथ यहां
कांग्रेस सरकार के मंत्री बहनों-बेटियों पर अत्याचार करने वालों के साथ
खड़े रहते हैं.


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