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ट्रंप प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों के आकार को छोटा करने की कवायद शुरू:

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वाशिंगटन। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों के
आकार को छोटा करने की कवायद शुरू कर दी गई है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को
सभी संघीय कर्मचारियों को करीब आठ महीने का वेतन लेकर नौकरी छोडऩे का
विकल्प दिया है।भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि स्वेच्छा से पद छोडऩे के
लिए छह फरवरी तक विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। यह भी निर्देश दिया गया है
कि जो कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, उन्हें पूर्णकालिक रूप से
कार्यालयों में लौटना पड़ेगा। ईमेल में कहा गया है कि अगर आप संघीय कार्यबल
में वर्तमान भूमिका को जारी नहीं रखना चुनते हैं, तो हम देश के लिए आपकी
सेवा के लिए धन्यवाद देंगे और इस इस्तीफा कार्यक्रम का उपयोग कर संघीय
सरकार से सम्मानजनक तरीके से नौकरी छोडऩे का अवसर देंगे।अगर आप कार्यक्रम
के तहत इस्तीफा देते हैं तो अपने दैनिक कार्यभार की परवाह किए बिना सभी
वेतन और लाभ बरकरार रखेंगे और 30 सितंबर तक सभी कार्य से छूट दी
जाएगी।ट्रंप ने सेना से सभी ट्रांसजेंडर सैनिकों को बाहर निकालने का आदेश
दिया है। आदेश में कहा गया है कि कि जो कोई भी जेंडर डिस्फोरिया से पीडि़त
है, वह सेना में सेवा नहीं कर सकता। कई कार्यकर्ता समूहों ने इस आदेश की
निंदा की है। सेना में इनकी संख्या अनुमानत: नौ हजार से 12,000 के बीच है,
लेकिन अधिकारियों के लिए उनकी पहचान बेहद मुश्किल होगी। चिकित्सा गोपनीयता
कानूनों के कारण जानकारी सीमित है।ट्रंप ने बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज
मिसाइलों से बढ़ते खतरों को देखते हुए मिसाइल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का
आदेश दिया है। कार्यकारी आदेश में इसे इस तरह तैयार करने कहा गया है,
जिससे इन खतरों से बचाव हो सके।योजना का एक प्रमुख घटक यह सुनिश्चित करना
होगा कि मिसाइल हमले की स्थिति में प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की जा
सके।

वहीं संघीय जज ने वित्त पोषण को रोकने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के
प्रयास को अस्थायी रूप से रोक दिया है। न्यायाधीश लॉरेन एल अलीखान का आदेश
फंडिंग पर रोक लागू होने से कुछ मिनट पहले आया है।ट्रंप ने मंगलवार को सभी
संघीय अनुदानों एवं ऋणों पर रोक लगा दी थी। उनके इस फैसले से शिक्षा,
स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, आवासीय सहायता, आपदा राहत और कई अन्य
योजनाएं बाधित हो सकती थीं।न्यायाधीश ने कहा कि उनके फैसले का उद्देश्य
यथास्थिति बनाए रखना है। इस फैसले पर व्हाइट हाउस ने कहा कि वह कोर्ट में
ट्रंप के इस कदम का बचाव करेगा।


वाशिंगटन। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों के
आकार को छोटा करने की कवायद शुरू कर दी गई है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को
सभी संघीय कर्मचारियों को करीब आठ महीने का वेतन लेकर नौकरी छोडऩे का
विकल्प दिया है।भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि स्वेच्छा से पद छोडऩे के
लिए छह फरवरी तक विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। यह भी निर्देश दिया गया है
कि जो कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, उन्हें पूर्णकालिक रूप से
कार्यालयों में लौटना पड़ेगा। ईमेल में कहा गया है कि अगर आप संघीय कार्यबल
में वर्तमान भूमिका को जारी नहीं रखना चुनते हैं, तो हम देश के लिए आपकी
सेवा के लिए धन्यवाद देंगे और इस इस्तीफा कार्यक्रम का उपयोग कर संघीय
सरकार से सम्मानजनक तरीके से नौकरी छोडऩे का अवसर देंगे।अगर आप कार्यक्रम
के तहत इस्तीफा देते हैं तो अपने दैनिक कार्यभार की परवाह किए बिना सभी
वेतन और लाभ बरकरार रखेंगे और 30 सितंबर तक सभी कार्य से छूट दी
जाएगी।ट्रंप ने सेना से सभी ट्रांसजेंडर सैनिकों को बाहर निकालने का आदेश
दिया है। आदेश में कहा गया है कि कि जो कोई भी जेंडर डिस्फोरिया से पीडि़त
है, वह सेना में सेवा नहीं कर सकता। कई कार्यकर्ता समूहों ने इस आदेश की
निंदा की है। सेना में इनकी संख्या अनुमानत: नौ हजार से 12,000 के बीच है,
लेकिन अधिकारियों के लिए उनकी पहचान बेहद मुश्किल होगी। चिकित्सा गोपनीयता
कानूनों के कारण जानकारी सीमित है।ट्रंप ने बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज
मिसाइलों से बढ़ते खतरों को देखते हुए मिसाइल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का
आदेश दिया है। कार्यकारी आदेश में इसे इस तरह तैयार करने कहा गया है,
जिससे इन खतरों से बचाव हो सके।योजना का एक प्रमुख घटक यह सुनिश्चित करना
होगा कि मिसाइल हमले की स्थिति में प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की जा
सके।

वहीं संघीय जज ने वित्त पोषण को रोकने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के
प्रयास को अस्थायी रूप से रोक दिया है। न्यायाधीश लॉरेन एल अलीखान का आदेश
फंडिंग पर रोक लागू होने से कुछ मिनट पहले आया है।ट्रंप ने मंगलवार को सभी
संघीय अनुदानों एवं ऋणों पर रोक लगा दी थी। उनके इस फैसले से शिक्षा,
स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, आवासीय सहायता, आपदा राहत और कई अन्य
योजनाएं बाधित हो सकती थीं।न्यायाधीश ने कहा कि उनके फैसले का उद्देश्य
यथास्थिति बनाए रखना है। इस फैसले पर व्हाइट हाउस ने कहा कि वह कोर्ट में
ट्रंप के इस कदम का बचाव करेगा।


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