बॉलीवुड एक्टर जॉनी लीवर अपनी शानदार एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग से ऑडियंस को करीब चार दशकों से एंटरटेन कर रहे हैं। एक्टर को गोविंदा, सलमान खान, शाहरुख खान समेत कई सुपरस्टार्स के साथ उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में देखा गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं फिल्मों में आने से पहले जॉनी लीवर सड़कों पर पैन बेचा करते थे। उन्हें सड़कों से उठाकर फिल्मों तक लाने वाली एक्ट्रेस तबस्सुम गोविल थीं। एक्ट्रेस ने सुनिधि चौहान को भी अपने घर पर रखा था।
50 और 60 के दशक की हीरोइन तबस्सुम को आपने फिल्म दीदार, अफसाना, बैजू बावरा, कॉलेज गर्ल जैसी फिल्मों में देखा होगा। इसके अलावा एक्ट्रेस दूरदर्शन पर एक टॉक शो 'फूल खिले हैं गुलशन गुलशन' में नजर आई थीं। ये शो 1972 – 1993 तक दूरदर्शन पर चला था जिसमें सुनील दत्त समेत उस समय के कई बड़े स्टार्स ने इंटरव्यू दिए। तबस्सुम ने अपने यूट्यूब चैनल के एपिसोड औए एव्क इंटरव्यू में जॉनी लीवर को सड़कों से उठाकर एक्टर बनाने की बात कही थी।
तबस्सुम ने कहा था, "आप जानते हैं? जॉनी लीवर को मैं ढूंढकर लाई थी। जॉनी तो सड़कों पर पैन बेचता था। एक दिन मेरे मैनेजर ने उसको देखा। वो जॉनी को मेरे पास ले आया। उन दिनों मैं स्टेज शोज कर रही थी। हमने जॉनी को अपने स्टेज पर परफॉर्म करने का मौका दिया। यानी जॉनी को पहला ब्रेक मैंने दिया था।" इसके अलावा एक्ट्रेस ने एक्ट्रेस ने फिल्म ‘तुझ पर हम कुर्बान’ नाम की फिल्म में भी एक्टर को काम दिया। इस फिल्म को तबस्सुम ने ही डायरेक्ट किया था जिसमें उनके बेटे होशांग गोविल ने लीड रोल निभा रहे थे। लेकिन ये फिल्म कभी रिलीज नहीं हो सकी।
एक एपिसोड में एक्ट्रेस तबस्सुम ने सिंगर सुनिधि चौहान के बारे में भी बात की। एक्ट्रेस ने कहा, "दिल्ली में मेरा एक शो था। मुझे वहां सुनिधि मिली। उसने मुझसे कहा कि मैं उसे स्टेज पर गाने का मौका दूं। मगर मैंने तब मना कर दिया। मैंने कहा कि मेरे मैनेजर से मिल लो जाकर पहले। मगर वो नहीं मानी। कहती रही कि एक दफा मेरा गाना सुन लो। जब बीच में ब्रेक लेकर मैं वॉशरूम गई तो सुनिधि वहां भी मेरे पीछे-पीछे आ गई। वहां तो उसने बस इतना ही कहा कि एक दफा मेरा गाना सुनिए। मैं कुछ बोलती उसे पहले ही उसने गाना शुरू कर दिया।"
तबस्सुम ने आगे कहा, "सुनिधि का गाना सुनकर मुझे तो बड़ा मज़ा आया। और मैंने उसे स्टेज पर गाने का मौका दे दिया। बहुत बढ़िया परफॉर्म किया उसने। शो के बाद मैंने सुनिधि के पिता को अपने घर का एड्रेस दिया और कहा कि इस बच्ची को मुंबई लेकर आईए। इससे फिल्मों में गवाइए। फिर कुछ दिन बाद सुनिधि और उनके पिता मुंबई मेरे घर आए भी। ठीक उसी दिन मेरे घर बाबुल सुप्रियो भी आया था। उसके पास तब एक मोटरसाइकिल हुआ करती थी। मैंने सुनिधि के पिता से कहा कि अगर ये सिर्फ मेरे स्टेज शोज में गाएगी तो बहुत ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकेगी। मैंने उन्हें कल्याणजी-आनंदजी के ऑफिस जाने को कहा। कहा कि आप उनसे बताइएगा कि मैंने आपको भेजा है। सुनिधि उनके ऑफिस गई। फिर क्या हुआ आप सभी जानते हैं। सुनिधि आज बहुत बड़ी गायिका हैं।"
बॉलीवुड एक्टर जॉनी लीवर अपनी शानदार एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग से ऑडियंस को करीब चार दशकों से एंटरटेन कर रहे हैं। एक्टर को गोविंदा, सलमान खान, शाहरुख खान समेत कई सुपरस्टार्स के साथ उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में देखा गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं फिल्मों में आने से पहले जॉनी लीवर सड़कों पर पैन बेचा करते थे। उन्हें सड़कों से उठाकर फिल्मों तक लाने वाली एक्ट्रेस तबस्सुम गोविल थीं। एक्ट्रेस ने सुनिधि चौहान को भी अपने घर पर रखा था।
50 और 60 के दशक की हीरोइन तबस्सुम को आपने फिल्म दीदार, अफसाना, बैजू बावरा, कॉलेज गर्ल जैसी फिल्मों में देखा होगा। इसके अलावा एक्ट्रेस दूरदर्शन पर एक टॉक शो 'फूल खिले हैं गुलशन गुलशन' में नजर आई थीं। ये शो 1972 – 1993 तक दूरदर्शन पर चला था जिसमें सुनील दत्त समेत उस समय के कई बड़े स्टार्स ने इंटरव्यू दिए। तबस्सुम ने अपने यूट्यूब चैनल के एपिसोड औए एव्क इंटरव्यू में जॉनी लीवर को सड़कों से उठाकर एक्टर बनाने की बात कही थी।
तबस्सुम ने कहा था, "आप जानते हैं? जॉनी लीवर को मैं ढूंढकर लाई थी। जॉनी तो सड़कों पर पैन बेचता था। एक दिन मेरे मैनेजर ने उसको देखा। वो जॉनी को मेरे पास ले आया। उन दिनों मैं स्टेज शोज कर रही थी। हमने जॉनी को अपने स्टेज पर परफॉर्म करने का मौका दिया। यानी जॉनी को पहला ब्रेक मैंने दिया था।" इसके अलावा एक्ट्रेस ने एक्ट्रेस ने फिल्म ‘तुझ पर हम कुर्बान’ नाम की फिल्म में भी एक्टर को काम दिया। इस फिल्म को तबस्सुम ने ही डायरेक्ट किया था जिसमें उनके बेटे होशांग गोविल ने लीड रोल निभा रहे थे। लेकिन ये फिल्म कभी रिलीज नहीं हो सकी।
एक एपिसोड में एक्ट्रेस तबस्सुम ने सिंगर सुनिधि चौहान के बारे में भी बात की। एक्ट्रेस ने कहा, "दिल्ली में मेरा एक शो था। मुझे वहां सुनिधि मिली। उसने मुझसे कहा कि मैं उसे स्टेज पर गाने का मौका दूं। मगर मैंने तब मना कर दिया। मैंने कहा कि मेरे मैनेजर से मिल लो जाकर पहले। मगर वो नहीं मानी। कहती रही कि एक दफा मेरा गाना सुन लो। जब बीच में ब्रेक लेकर मैं वॉशरूम गई तो सुनिधि वहां भी मेरे पीछे-पीछे आ गई। वहां तो उसने बस इतना ही कहा कि एक दफा मेरा गाना सुनिए। मैं कुछ बोलती उसे पहले ही उसने गाना शुरू कर दिया।"
तबस्सुम ने आगे कहा, "सुनिधि का गाना सुनकर मुझे तो बड़ा मज़ा आया। और मैंने उसे स्टेज पर गाने का मौका दे दिया। बहुत बढ़िया परफॉर्म किया उसने। शो के बाद मैंने सुनिधि के पिता को अपने घर का एड्रेस दिया और कहा कि इस बच्ची को मुंबई लेकर आईए। इससे फिल्मों में गवाइए। फिर कुछ दिन बाद सुनिधि और उनके पिता मुंबई मेरे घर आए भी। ठीक उसी दिन मेरे घर बाबुल सुप्रियो भी आया था। उसके पास तब एक मोटरसाइकिल हुआ करती थी। मैंने सुनिधि के पिता से कहा कि अगर ये सिर्फ मेरे स्टेज शोज में गाएगी तो बहुत ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकेगी। मैंने उन्हें कल्याणजी-आनंदजी के ऑफिस जाने को कहा। कहा कि आप उनसे बताइएगा कि मैंने आपको भेजा है। सुनिधि उनके ऑफिस गई। फिर क्या हुआ आप सभी जानते हैं। सुनिधि आज बहुत बड़ी गायिका हैं।"