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क्या हैं हीमोग्लोबिन की कमी के प्रमुख लक्षण? जानें शरीर पर प्रभाव:

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Hemoglobin: हमारे शरीर में मौजूद हीमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन है, जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है. यह ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का कार्य करता है. ऐसे में जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो कम होने लगता है. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने की स्थिति को ही एनीमिया कहा जाता है. यह महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में होने वाली सबसे आम परेशानी है. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जिसे पहचानकर आप समय पर इलाज कर सकते हैं.

बिना काम किए थकान और कमजोरी
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, जिससे व्यक्ति को बिना किसी काम के भी थकान होने लगती है. ऐसे लोगों को रोजमर्रा के छोटे काम भी भारी लगने लगते हैं.

सांस फूलना और चक्कन आना
हीमोग्लोबिन की कमी के कारण व्यक्ति को थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने या हल्की वॉक करने पर भी सांस फूलने लगती है, क्योंकि इसके कारण शरीर को पर्याप्त रूप से ऑक्सीजन प्राप्त नहीं हो पाता है. इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी मस्तिष्क को भी प्रभावित करती है, जिससे चक्कर आना, सिर दर्द या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है.

स्किन और होंठ पीले दिखना
हीमोग्लोबिन की कमी के कारण ऑक्सीजन का फ्लो सही से नहीं हो पाता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है. ऐसे में चेहरे, होंठ और नाखूनों का रंग फीका या पीला दिखने लगता है. ऐसे संकेतों को लंबे समय पर इग्नोर करने से बचें.

हार्टबीट तेज होना
हीमोग्लोबिन कम होने पर व्यक्ति की दिल की धड़कने तेज होने लगती हैं, क्योंकि हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कन तेज या अनियमित हो सकती है. इसके अलावा खून की कमी से शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जिससे हाथ और पैर अक्सर ठंडे महसूस होते हैं.

बालों का झड़ना और नाखून टूटना
हीमोग्लोबिन कम होने पर न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर होता है, बल्कि बाल भी काफी झड़ने लगते हैं. दरअसल, हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता, जिससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं और नाखून टूटने लगते हैं.


Hemoglobin: हमारे शरीर में मौजूद हीमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन है, जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है. यह ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का कार्य करता है. ऐसे में जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो कम होने लगता है. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने की स्थिति को ही एनीमिया कहा जाता है. यह महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में होने वाली सबसे आम परेशानी है. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जिसे पहचानकर आप समय पर इलाज कर सकते हैं.

बिना काम किए थकान और कमजोरी
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, जिससे व्यक्ति को बिना किसी काम के भी थकान होने लगती है. ऐसे लोगों को रोजमर्रा के छोटे काम भी भारी लगने लगते हैं.

सांस फूलना और चक्कन आना
हीमोग्लोबिन की कमी के कारण व्यक्ति को थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने या हल्की वॉक करने पर भी सांस फूलने लगती है, क्योंकि इसके कारण शरीर को पर्याप्त रूप से ऑक्सीजन प्राप्त नहीं हो पाता है. इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी मस्तिष्क को भी प्रभावित करती है, जिससे चक्कर आना, सिर दर्द या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है.

स्किन और होंठ पीले दिखना
हीमोग्लोबिन की कमी के कारण ऑक्सीजन का फ्लो सही से नहीं हो पाता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है. ऐसे में चेहरे, होंठ और नाखूनों का रंग फीका या पीला दिखने लगता है. ऐसे संकेतों को लंबे समय पर इग्नोर करने से बचें.

हार्टबीट तेज होना
हीमोग्लोबिन कम होने पर व्यक्ति की दिल की धड़कने तेज होने लगती हैं, क्योंकि हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कन तेज या अनियमित हो सकती है. इसके अलावा खून की कमी से शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जिससे हाथ और पैर अक्सर ठंडे महसूस होते हैं.

बालों का झड़ना और नाखून टूटना
हीमोग्लोबिन कम होने पर न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर होता है, बल्कि बाल भी काफी झड़ने लगते हैं. दरअसल, हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता, जिससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं और नाखून टूटने लगते हैं.


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