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पानी के बहाने जंग की बात! ख्वाजा आसिफ ने भारत को दी खुली धमकी:

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर भारत सिंधु जल संधि का उल्लंघन करते हुए सिंधु नदी पर कोई कार्य करता है, तो पाकिस्तान भारत पर हमला करेगा। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर भारत सिंधु नदी पर कोई निर्माण करता है, तो यह सिंधु जल संधि का उल्लंघन होगा और पाकिस्तान इसे एक आक्रामक कदम मानेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आक्रामकता केवल युद्ध तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पानी को रोकने के रूप में भी हो सकती है, जिससे भुखमरी और प्यास से मौत हो सकती है।

ख्वाजा आसिफ ने यह कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की योजना बना रहा है, जिसमें सिंधु जल संधि की निगरानी प्रणाली भी शामिल है। उनका कहना था कि भारत के लिए इस संधि का उल्लंघन करना इतना सरल नहीं होगा, और पाकिस्तान इस एकतरफा निलंबन को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आगे चुनौती देगा।
पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मोदी चुनावी लाभ के लिए ‘नाटक’ कर रहे हैं। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के इन दावों को स्वीकार नहीं कर रहा है और मोदी सरकार इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं पेश कर सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार उकसावे की नीति अपनाता है, लेकिन पाकिस्तान केवल जवाब देगा, पहल नहीं करेगा।

यह बयान उस वक्त आया है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में गहरी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, और इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई कड़े कदम उठाए, जैसे सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द करना, और वाघा-अटारी बॉर्डर को बंद करना।

भारत के कड़े कदम से पाकिस्तान में पूरा डर का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान के मंत्री भले ही कुछ भी बयान दें, लेकिन एक बात साफ है कि पाकिस्तान की इस वक्त हालत खराब है। वे इस बात से चिंतित हैं कि भारत हमला कर सकता है। इस डर को स्पष्ट करते हुए, पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने रात करीब 2 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भारत 24 से 36 घंटे के भीतर हमला कर सकता है। इसके अलावा, ख्वाजा आसिफ ने दो दिन पहले कहा था कि संघर्ष की संभावनाएं बढ़ रही हैं, और ये घट नहीं रही हैं। हालांकि, कई देशों ने इस स्थिति को और बढ़ने से रोकने की कोशिश की है।


इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर भारत सिंधु जल संधि का उल्लंघन करते हुए सिंधु नदी पर कोई कार्य करता है, तो पाकिस्तान भारत पर हमला करेगा। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर भारत सिंधु नदी पर कोई निर्माण करता है, तो यह सिंधु जल संधि का उल्लंघन होगा और पाकिस्तान इसे एक आक्रामक कदम मानेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आक्रामकता केवल युद्ध तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पानी को रोकने के रूप में भी हो सकती है, जिससे भुखमरी और प्यास से मौत हो सकती है।

ख्वाजा आसिफ ने यह कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की योजना बना रहा है, जिसमें सिंधु जल संधि की निगरानी प्रणाली भी शामिल है। उनका कहना था कि भारत के लिए इस संधि का उल्लंघन करना इतना सरल नहीं होगा, और पाकिस्तान इस एकतरफा निलंबन को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आगे चुनौती देगा।
पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मोदी चुनावी लाभ के लिए ‘नाटक’ कर रहे हैं। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के इन दावों को स्वीकार नहीं कर रहा है और मोदी सरकार इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं पेश कर सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार उकसावे की नीति अपनाता है, लेकिन पाकिस्तान केवल जवाब देगा, पहल नहीं करेगा।

यह बयान उस वक्त आया है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में गहरी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, और इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई कड़े कदम उठाए, जैसे सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द करना, और वाघा-अटारी बॉर्डर को बंद करना।

भारत के कड़े कदम से पाकिस्तान में पूरा डर का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान के मंत्री भले ही कुछ भी बयान दें, लेकिन एक बात साफ है कि पाकिस्तान की इस वक्त हालत खराब है। वे इस बात से चिंतित हैं कि भारत हमला कर सकता है। इस डर को स्पष्ट करते हुए, पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने रात करीब 2 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भारत 24 से 36 घंटे के भीतर हमला कर सकता है। इसके अलावा, ख्वाजा आसिफ ने दो दिन पहले कहा था कि संघर्ष की संभावनाएं बढ़ रही हैं, और ये घट नहीं रही हैं। हालांकि, कई देशों ने इस स्थिति को और बढ़ने से रोकने की कोशिश की है।


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