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सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा - मुख्यमंत्री साय:

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रायपुर / शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं, जिनसे राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आपके समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में भी आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह निश्चित ही पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने अन्नदाताओं के हित में कृषक उन्नति योजना, पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना, तथा दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


रायपुर / शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं, जिनसे राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आपके समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में भी आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह निश्चित ही पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने अन्नदाताओं के हित में कृषक उन्नति योजना, पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना, तथा दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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