सर्दियों में अक्सर देखा गया है कि वजन काफी तेजी से बढ़ता है। यह सिर्फ खानपान की वजह से नहीं होता है बल्कि कुछ हॉर्मोन्स इसके पीछे की असली वजह है। वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दियों में तीन खास हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ना वजन बढ़ाता है।
सर्दियों का मौसम आते ही गर्म कपड़े और सुस्ती भरा माहौल हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने लगता है। बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि वे ज्यादा नहीं खा रहे फिर भी उनका वजन बढ़ रहा है। दरअसल यह समस्या सिर्फ आपकी आदतों से नहीं बल्कि शरीर के हॉर्मोनल गणित से जुड़ी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में शरीर खुद को गर्म रखने और ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में तीन हार्मोन मुख्य भूमिका निभाते हैं।
लेप्टिन (Leptin)
इसे सैटिएटी हॉर्मोन कहते हैं जो दिमाग को संकेत देता है कि पेट भर गया है। ठंड में इसका असर धीमा पड़ जाता है जिससे हमें बार-बार खाने की इच्छा होती है।
घ्रेलिन (Ghrelin)
यह भूख बढ़ाने वाला हॉर्मोन है। सर्दियों में इसका स्तर बढ़ जाता है जिसकी वजह से हमें हाई-कैलोरी और मीठा खाने की क्रेविंग होती है।
कोर्टिसोल (Cortisol)
इसे स्ट्रेस हॉर्मोन कहा जाता है। सर्दियों में धूप की कमी और छोटे दिनों की वजह से तनाव बढ़ता है जिससे कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन शरीर को पेट के पास विसेरल फैट जमा करने के लिए मजबूर करता है।
हार्मोन को कैसे करें बैलेंस
सर्दियों में बढ़ते वजन को रोकने के लिए सिर्फ जिम जाना काफी नहीं होता है बल्कि हार्मोन्स को संतुलित बनाए रखना भी जरूरी होता है। इसके लिए समय पर सोना और कम से कम 7 या 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर को बढ़ाएं जिससे पेट देर तक भरा रहे।
रोजाना कम से कम 20 मिनट धूप में बैठें। इससे विटामिन-डी मिलता है और कोर्टिसोल का स्तर कम होता है। अगर जिम नहीं जा सकते तो घर के अंदर ही योगा या वॉक करें। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।
सर्दियों में अगर प्यास कम लगती है तो पर्याप्त पानी बहुत जरूरी है ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। इसके अलावा जंक फूड और ज्यादा मीठा चाय कॉफी से दूर बना लें। अगर आपका वजन असामान्य रूप से बढ़ रहा है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
सर्दियों में अक्सर देखा गया है कि वजन काफी तेजी से बढ़ता है। यह सिर्फ खानपान की वजह से नहीं होता है बल्कि कुछ हॉर्मोन्स इसके पीछे की असली वजह है। वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दियों में तीन खास हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ना वजन बढ़ाता है।
सर्दियों का मौसम आते ही गर्म कपड़े और सुस्ती भरा माहौल हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने लगता है। बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि वे ज्यादा नहीं खा रहे फिर भी उनका वजन बढ़ रहा है। दरअसल यह समस्या सिर्फ आपकी आदतों से नहीं बल्कि शरीर के हॉर्मोनल गणित से जुड़ी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में शरीर खुद को गर्म रखने और ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में तीन हार्मोन मुख्य भूमिका निभाते हैं।
लेप्टिन (Leptin)
इसे सैटिएटी हॉर्मोन कहते हैं जो दिमाग को संकेत देता है कि पेट भर गया है। ठंड में इसका असर धीमा पड़ जाता है जिससे हमें बार-बार खाने की इच्छा होती है।
घ्रेलिन (Ghrelin)
यह भूख बढ़ाने वाला हॉर्मोन है। सर्दियों में इसका स्तर बढ़ जाता है जिसकी वजह से हमें हाई-कैलोरी और मीठा खाने की क्रेविंग होती है।
कोर्टिसोल (Cortisol)
इसे स्ट्रेस हॉर्मोन कहा जाता है। सर्दियों में धूप की कमी और छोटे दिनों की वजह से तनाव बढ़ता है जिससे कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन शरीर को पेट के पास विसेरल फैट जमा करने के लिए मजबूर करता है।
हार्मोन को कैसे करें बैलेंस
सर्दियों में बढ़ते वजन को रोकने के लिए सिर्फ जिम जाना काफी नहीं होता है बल्कि हार्मोन्स को संतुलित बनाए रखना भी जरूरी होता है। इसके लिए समय पर सोना और कम से कम 7 या 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर को बढ़ाएं जिससे पेट देर तक भरा रहे।
रोजाना कम से कम 20 मिनट धूप में बैठें। इससे विटामिन-डी मिलता है और कोर्टिसोल का स्तर कम होता है। अगर जिम नहीं जा सकते तो घर के अंदर ही योगा या वॉक करें। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।
सर्दियों में अगर प्यास कम लगती है तो पर्याप्त पानी बहुत जरूरी है ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। इसके अलावा जंक फूड और ज्यादा मीठा चाय कॉफी से दूर बना लें। अगर आपका वजन असामान्य रूप से बढ़ रहा है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


Journalist खबरीलाल















