संवाददाता/ सौरभ साहू , जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर दिनांक 13 मई 2026। सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने बुधवार को जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी होती हैं, अतः इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब केवल रिपोर्टिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम दिखने चाहिए तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के अंतर्गत रेना जमील ने गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एएनसी जांच तथा संस्थागत प्रसव सुविधाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने उन स्वास्थ्य केन्द्रों, जहाँ संस्थागत प्रसव की औसत संख्या कम पाई गई, के संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सुधार लाने के निर्देश दिए तथा कम संस्थागत प्रसव वाले केन्द्रों की स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर की पृथक से विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
टीकाकरण को लेकर कलेक्टर ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि सर्वेक्षण सूची के आधार पर सभी बच्चों का टीकाकरण पूर्ण किया जाए तथा कोई भी बच्चा इस सेवा से वंचित न रहे। उन्होंने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मलेरिया, कुष्ठ एवं टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लक्ष्य की तुलना में उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर वहाँ विशेष प्रयास करने हेतु निर्देशित किया। टीबी उन्मूलन के संदर्भ में उन्होंने समय पर जांच, उपचार एवं फॉलोअप की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी मरीज का उपचार अधूरा न छूटे, इसके लिए निगरानी तंत्र को सशक्त किया जाए।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड निर्माण पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सहयोग लेने की बात कही ताकि आयुष्मान कार्ड मे प्रगति आ सके। इसके साथ ही खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों के रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके। कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे शिविरों में आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु महा अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही कार्ड उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।।
इस बैठक में सीएमएचओ डॉ. कपिल देव पैकरा, सिवलि सर्जन डॉ. अजय मरकाम, डीपीएम दिलीप नामदेव, बीएमओ, बीपीएम व स्वास्थ्य अमले से संबंधित सदस्य उपस्थित थे।
संवाददाता/ सौरभ साहू , जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर दिनांक 13 मई 2026। सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने बुधवार को जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी होती हैं, अतः इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब केवल रिपोर्टिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम दिखने चाहिए तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के अंतर्गत रेना जमील ने गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एएनसी जांच तथा संस्थागत प्रसव सुविधाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने उन स्वास्थ्य केन्द्रों, जहाँ संस्थागत प्रसव की औसत संख्या कम पाई गई, के संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सुधार लाने के निर्देश दिए तथा कम संस्थागत प्रसव वाले केन्द्रों की स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर की पृथक से विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
टीकाकरण को लेकर कलेक्टर ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि सर्वेक्षण सूची के आधार पर सभी बच्चों का टीकाकरण पूर्ण किया जाए तथा कोई भी बच्चा इस सेवा से वंचित न रहे। उन्होंने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मलेरिया, कुष्ठ एवं टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लक्ष्य की तुलना में उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर वहाँ विशेष प्रयास करने हेतु निर्देशित किया। टीबी उन्मूलन के संदर्भ में उन्होंने समय पर जांच, उपचार एवं फॉलोअप की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी मरीज का उपचार अधूरा न छूटे, इसके लिए निगरानी तंत्र को सशक्त किया जाए।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड निर्माण पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सहयोग लेने की बात कही ताकि आयुष्मान कार्ड मे प्रगति आ सके। इसके साथ ही खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों के रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके। कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे शिविरों में आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु महा अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही कार्ड उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।।
इस बैठक में सीएमएचओ डॉ. कपिल देव पैकरा, सिवलि सर्जन डॉ. अजय मरकाम, डीपीएम दिलीप नामदेव, बीएमओ, बीपीएम व स्वास्थ्य अमले से संबंधित सदस्य उपस्थित थे।



Journalist खबरीलाल














