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Surajpur (खबरीलाल न्यूज़) :: पर्यावरण संरक्षण पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश :

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रिपोर्टर/सौरभ साहू,अम्बिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।

सरगुजा/अम्बिकापुर, दिनांक,06 जून 2026।  छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति , धार्मिक न्यास, एवं धर्मस्व मंत्री,राजेश अग्रवाल ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि हमने अभी से प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और अधिक कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रकृति की गोद में बसा हुआ राज्य है, जहां घने वन, नदियां, पहाड़ और जैव विविधता हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं। इस धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यटन के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि टिकाऊ पर्यटन  ही भविष्य का आधार है।।

कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि *“एक पेड़ मां के नाम”* जैसे अभियान न केवल वृक्षारोपण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल अपने परिवार के सदस्य की तरह करे।

उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, स्वच्छता अभियान में सहभागिता और वन क्षेत्रों की सुरक्षा जैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए तो छत्तीसगढ़ को हरित और स्वच्छ राज्य बनाने का सपना साकार हो सकता है।।

पर्यटन मंत्री ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों या कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। अंत में उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है और उसकी रक्षा करना ही सच्ची सेवा है। यदि हम प्रकृति को बचाएंगे, तो प्रकृति हमें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देगी।


रिपोर्टर/सौरभ साहू,अम्बिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।

सरगुजा/अम्बिकापुर, दिनांक,06 जून 2026।  छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति , धार्मिक न्यास, एवं धर्मस्व मंत्री,राजेश अग्रवाल ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि हमने अभी से प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और अधिक कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रकृति की गोद में बसा हुआ राज्य है, जहां घने वन, नदियां, पहाड़ और जैव विविधता हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं। इस धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यटन के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि टिकाऊ पर्यटन  ही भविष्य का आधार है।।

कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि *“एक पेड़ मां के नाम”* जैसे अभियान न केवल वृक्षारोपण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल अपने परिवार के सदस्य की तरह करे।

उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, स्वच्छता अभियान में सहभागिता और वन क्षेत्रों की सुरक्षा जैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए तो छत्तीसगढ़ को हरित और स्वच्छ राज्य बनाने का सपना साकार हो सकता है।।

पर्यटन मंत्री ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों या कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। अंत में उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है और उसकी रक्षा करना ही सच्ची सेवा है। यदि हम प्रकृति को बचाएंगे, तो प्रकृति हमें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देगी।


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