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News (खबरीलाल न्यूज़) : ममता बनर्जी को दिल्ली में झटका, TMC संसद में टूटना शुरू हुई; पहले सांसद का इस्तीफा:

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INDIA गठबंधन की बैठक से पहले ही तृणमूल सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ना शुरू कर दिया। खबर है कि सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने पद से इस्तीफा दे दिया है। विधायकों के बाद यह पहली बार है, जब बनर्जी को दिल्ली में झटका लगा है। उन्होंने पहले ही सांसदों के बीच असंतोष होने की बात कही थी। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब बंगाल विधानसभा में बनर्जी की पार्टी की ताकत घटती नजर आ रही है।

रे ने शुक्रवार को संकेत दिया कि हाल में विधायकों के विद्रोह का असर पार्टी के सांसदों पर भी पड़ सकता है। रे के बयान ऐसे समय आए हैं जब कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस विधायकों के एक बड़े समूह ने विधानसभा में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधायक दल पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया था। इसे तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से उसका सबसे बड़ा संगठनात्मक संकट माना जा रहा है।

टीवी चैनल से बातचीत में रे ने कहा कि विधानसभा में जिस तेजी से और बड़े पैमाने पर असंतोष सामने आया, वह अभूतपूर्व है और आने वाले महीनों में इसका असर लोकसभा में भी दिख सकता है। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं देखा कि इतनी बड़ी संख्या में विधायक इतनी कम अवधि में अलग रुख अपनाएं। जो हो रहा है उसका असर लोकसभा में भी दिख सकता है।' तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।

खास बात है कि शनिवार को ही टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी दिल्ली रवाना हो गए थे। पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि तृणमूल के सूत्रों ने कहा कि पार्टी प्रमुख ने खुद अपने भतीजे से एक दिन पहले दिल्ली जाने को कहा। पार्टी नेता हालांकि रविवार को दिल्ली में उनके निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर अनिश्चित नजर आए।

 

INDIA गठबंधन की बैठक से पहले ही तृणमूल सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ना शुरू कर दिया। खबर है कि सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने पद से इस्तीफा दे दिया है। विधायकों के बाद यह पहली बार है, जब बनर्जी को दिल्ली में झटका लगा है। उन्होंने पहले ही सांसदों के बीच असंतोष होने की बात कही थी। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब बंगाल विधानसभा में बनर्जी की पार्टी की ताकत घटती नजर आ रही है।

रे ने शुक्रवार को संकेत दिया कि हाल में विधायकों के विद्रोह का असर पार्टी के सांसदों पर भी पड़ सकता है। रे के बयान ऐसे समय आए हैं जब कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस विधायकों के एक बड़े समूह ने विधानसभा में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधायक दल पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया था। इसे तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से उसका सबसे बड़ा संगठनात्मक संकट माना जा रहा है।

टीवी चैनल से बातचीत में रे ने कहा कि विधानसभा में जिस तेजी से और बड़े पैमाने पर असंतोष सामने आया, वह अभूतपूर्व है और आने वाले महीनों में इसका असर लोकसभा में भी दिख सकता है। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं देखा कि इतनी बड़ी संख्या में विधायक इतनी कम अवधि में अलग रुख अपनाएं। जो हो रहा है उसका असर लोकसभा में भी दिख सकता है।' तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।

खास बात है कि शनिवार को ही टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी दिल्ली रवाना हो गए थे। पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि तृणमूल के सूत्रों ने कहा कि पार्टी प्रमुख ने खुद अपने भतीजे से एक दिन पहले दिल्ली जाने को कहा। पार्टी नेता हालांकि रविवार को दिल्ली में उनके निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर अनिश्चित नजर आए।

 

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