
दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां एक भीषण भूस्खलन ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां एक भीषण भूस्खलन ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ के अनुसार, यह घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9:08 बजे चोंगकिंग के पेंगशुई काउंटी में हुई। पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मिट्टी अचानक नीचे खिसक आईं, जिससे ढलान के नीचे स्थित 10 से अधिक रिहायशी इमारतें मलबे में दब गईं।
वहां मौजूद लोगों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह टूटकर इमारतों पर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। इस तबाही में 5 और 15 मंजिला दो ऊंची इमारतें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत 800 से अधिक बचाव कर्मियों को मौके पर तैनात किया है। अब तक मलबे से 18 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें से 10 को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, बचाए गए लोगों में से दो की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर के दायरे में बिजली, पानी और गैस की आपूर्ति काट दी गई है, ताकि मलबे की सफाई के दौरान किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 1100 से अधिक स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगभग 8 हजार से अधिक राहत सामग्री के पैकेट भेजे गए हैं, जिनमें इमरजेंसी किट, टेंट और फोल्डिंग बेड शामिल हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बचाव दलों को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की हर संभव कोशिश की जाए और प्रभावित परिवारों को पूरी सहायता प्रदान की जाए। फिलहाल, बचाव दल आधुनिक मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां एक भीषण भूस्खलन ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां एक भीषण भूस्खलन ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ के अनुसार, यह घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9:08 बजे चोंगकिंग के पेंगशुई काउंटी में हुई। पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मिट्टी अचानक नीचे खिसक आईं, जिससे ढलान के नीचे स्थित 10 से अधिक रिहायशी इमारतें मलबे में दब गईं।
वहां मौजूद लोगों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह टूटकर इमारतों पर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। इस तबाही में 5 और 15 मंजिला दो ऊंची इमारतें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत 800 से अधिक बचाव कर्मियों को मौके पर तैनात किया है। अब तक मलबे से 18 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें से 10 को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, बचाए गए लोगों में से दो की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर के दायरे में बिजली, पानी और गैस की आपूर्ति काट दी गई है, ताकि मलबे की सफाई के दौरान किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 1100 से अधिक स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगभग 8 हजार से अधिक राहत सामग्री के पैकेट भेजे गए हैं, जिनमें इमरजेंसी किट, टेंट और फोल्डिंग बेड शामिल हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बचाव दलों को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की हर संभव कोशिश की जाए और प्रभावित परिवारों को पूरी सहायता प्रदान की जाए। फिलहाल, बचाव दल आधुनिक मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।


Journalist खबरीलाल















